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Mahoba: बारिश-आंधी से हजारों बीघा फसल बर्बाद; दाने काले पड़ने का सता रहा डर, किसान बोले- कैसे चुकाएंगे कर्ज?

Thu, 09 Apr 2026 08:59 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 09 Apr 2026 08:59 AM IST
सार

Mahoba News: महोबा जनपद में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और आंधी से रबी की हजारों बीघा फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल हो गया है। जिला कृषि अधिकारी ने प्रभावित किसानों को बीमा क्लेम के लिए व्यक्तिगत दावा करने की सलाह दी है।

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Mahoba Thousands of Bighas of Crops Destroyed by Rain and Storms Farmers Fear Grains Turning Black
ब्लॉक पनवाड़ी के महोबकंठ गांव में बारिश से गीली खेतों में कटी रखी फसल - फोटो : amar ujala

विस्तार

बुंदेलखंड की पठारी धरती पर बुधवार को हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों को पानी में बहा दिया। कर्ज लेकर कड़ी मेहनत से उगाई गई फसल खेतों में ही बर्बाद हो गई। किसान फसल को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन फसल बर्बाद होने से अब उन्हें लागत भी निकाल पाना मुश्किल नजर आ रहा है। अधिकांश किसानों ने बीज, खाद और सिंचाई के लिए कर्ज लिया था। भीगी हुई फसल का बाजार में सही दाम मिलना मुश्किल है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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खरेला संवाद के अनुसार तहसील चरखारी के पड़ोरा, गड़ारी, पाठा आदि गांव में सोमवार को हुई ओलावृष्टि और बारिश के बाद बुधवार सुबह नौ बजे फिर हुई बरसात और चली तेज आंधी से सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा की फसलों को तहस-नहस कर दिया। इस क्षेत्र में 40 फीसदी फसल खेतों में कटाई के लिए खड़ी हैं। इससे किसान परेशान हैं। महोबकंठ संवाद के अनुसार किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। वहीं बसरिया, टिकरिया, रिछारा, लिलवा, तेलीपहाड़ी आदि गांवों में फसलों को क्षति पहुंची।

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लगातार पानी बरसने से लगातार खर्चा बढ़ गया
महोबकंठ के कृष्ण कुमार निरंजन, सुरेश चंद्र पटेल, जगदीश चंद्र पटेल, कृष्ण कुमार अरजरिया, अरविंद गोस्वामी, मोहन अहिरवार के रिहायशी पक्के मकान पर नीम का पेड़ गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया। लेखपाल देवेंद्र राजपूत व ग्राम प्रधान ने क्षतिपूर्ति दिलाने का भरोसा दिया। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार किसान राजेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने महंगा बीज खरीद कर गेहूं की बोआई की थी, लेकिन लगातार पानी बरसने से लगातार खर्चा बढ़ गया है। अब लागत निकालना मुश्किल नजर आ रहा है।

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-मौजा बेलाताल में मड़ाई के लिए रखी फसल बारिश में भीगने से काला पड़ रहा दाना - फोटो : amar ujala

गेहूं के दाने पड़ सकते हैं काले
बेलाताल संवाद के अनुसार जैतपुर, लमौरा, मंगरौल खुर्द, महेबा समेत आसपास के क्षेत्रों में एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। किसान रमेश चंद्र राजपूत, बाबूलाल राजपूत, दिलीप, संतोष, धीरज, शिवम, राहुल और देवेंद्र यादव ने बताया कि सुबह हुई बारिश से खेतों में पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह भीग गई है। इससे फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ने का खतरा है। यदि मौसम साफ नहीं हुआ तो गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं, इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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किसानों ने बयां किया दर्द

  • ज्योरइया के किसान खलक सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने 15 एकड़ कृषि भूमि में गेहूं, चना, मटर की फसल बोई थी। चना, मटर की मड़ाई हो गई है लेकिन गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। रोजाना हो रही बारिश से उनकी फसल बर्बाद हो गई।
  • मौजा बेलाताल के किसान भारत सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश से फसल खराब हो गई है। एक सप्ताह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। आठ बीघा में गेहूं व चना की फसल बोई थी। आंधी-बारिश में बालियां झड़ गई हैं। यदि एक-दो दिन बारिश और नहीं रुकती तो फसल बर्बाद हो जाएगी और खाद-बीज की लागत निकलना भी मुश्किल हो जाएगा।
  • पड़ोरा गांव के किसान छत्रपाल ने बताया कि बीती रात तेज बारिश की वजह से फसल में भरी नुकसान हुआ है। उन्होंने करीब छह बीघा भूमि पर गेहूं की फसल की बोआई की थी। बारिश की वजह से यह फसल पूरी बर्बाद हो गई है। अब लागत निकलना भी मुश्किल है।
  • पंडोरा गांव के किसान अरविंद यादव ने बताया कि उन्होंने तीन बीघा कृषि भूमि में गेहूं की फसल की बोई थी। बारिश से फसल में भारी नुकसान हुआ है। आए दिन हो रही बारिश से फसल सूख नहीं पा रही है और बर्बाद हो रही है।

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पड़ोरा गांव में बारिश से भीगी गेहूं की फसल को पलटता किसान - फोटो : amar ujala

जनपद में 2.32 लाख हेक्टेयर में बोई गई रबी सीजन की फसल
इस वर्ष रबी सीजन में 2.32 लाख हेक्टेयर में रबी सीजन की फसल की बोआई की गई है। इसमें 1.02 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 40 हजार हेक्टेयर में सरसों, 70 हजार हेक्टेयर में मटर व 20 हजार हेक्टेयर में चना की फसल बोई गई जबकि जिले में 39 हजार 256 किसानों ने 50 हजार 925 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई फसल का बीमा कराया है।





किसानों को दिया जाए बर्बाद फसलों का मुआवजा
बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का किसानों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। पत्र में बताया कि हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट में पिछले दिनों भारी बारिश व ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गईं। किसानों को काफी हानि का सामना करना पड़ा। दैवीय आपदा की वजह से फसलों में भारी नुकसान होने से किसान दुखी हैं।

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ब्लॉक चरखारी के पड़ोरा गांव में आंधी-बारिश से बालियां झड़ने पर फसल को देखता किसान - फोटो : amar ujala

बारिश की वजह से कुछ स्थानों पर फसलें भीग गई हैं। फसल बीमा क्लेम के लिए किसान बीमा कंपनी में व्यतिगत दावा करें। ताकि उन्हें फसल बीमा का लाभ मिल सके।  -दुर्गेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी, महोबा

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