कानपुर: जिस विमान को दी थी क्लीन चिट, उसी में हुआ था दोबारा हादसा, रद्द हो सकता है गर्ग एविएशन का लाइसेंस
Kanpur News: गर्ग एविएशन लिमिटेड पायलट ट्रेनिंग एकेडमी के जिस प्रशिक्षण विमान को डीजीसीए ने पहले हादसे के बाद जांच में क्लीन चिट दी थी। वही, विमान दो महीने बाद 27 अगस्त को फिर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में पायलट और ट्रेनी की मौत हो गई थी। 26 जून को इसी विमान के प्रोपेलर (पंखे) की चपेट में आकर दिल्ली की एक ट्रेनी घायल हुई थी।
विस्तार
कानपुर में कैंट स्थित गर्ग एविएशन लिमिटेड पायलट ट्रेनिंग एकेडमी 1995 से संचालित है। गर्ग एविएशन सेंटर के ट्रेनिंग विमान में दो महीनों के अंतराल में दूसरी बार बड़ा हादसा हुआ था। पहले हादसे के बाद हुई जांच में एविएशन कंपनी के विमान को क्लीन चिट मिल गई थी। यही विमान 27 अगस्त को दोबारा क्षतिग्रस्त हुआ और एक पायलट और ट्रेनी की मौत हो गई।
ऐसे में विमान क्षेत्र के जिम्मेदाराें की जांच और संचालन प्रक्रिया देखने वाली एजेंसियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है कि आखिर कैसे उस विमान को क्लीन चिट दी गई। 26 जून को गर्ग एविएशन में पायलट का प्रशिक्षण ले रही दिल्ली की युवती विमान लैंड कराने की प्रकिया के दौरान प्रोपेलर (पंखे) की चपेट में आ गई थीं और हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। पहले इस पूरे मामले को दबाए रखा गया।
फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को भी ड्यूटी से हटा दिया था
28 जून को मामले की जांच के लिए जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम कानपुर पहुंची तो खुलासा हुआ था। हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने हादसे से संबंधित विमान की उड़ान पर रोक लगा दी गई। संबंधित फ्लाइट इंस्ट्रक्टर को भी ड्यूटी से हटा दिया गया था। हादसे की जांच के लिए डीजीसीए की एक विशेष टीम भी शहर आई थी। हालांकि बाद में क्लीन चिट मिल गई थी। जिस विमान को क्लीन चिट दी गई थी, उसी से दोबारा उड़ान भरने के बाद 27 अगस्त को हादसा हो गया था।
एविएशन कंपनी का लाइसेंस भी किया जा सकता है निलंबित
गर्ग एविएशन के विमानों में दो महीने में दो बड़े हादसों को विशेषज्ञों ने बड़ी चूक माना है। इस तरह के मामलों में एविएशन कंपनी का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। हालांकि डीजीसीए की रिपोर्ट के बाद ही फैसला हो सकेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक किसी निजी पायलट प्रशिक्षण संगठन का लाइसेंस या अनुमोदन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (जीजीसीए) द्वारा सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन या मानकों की अनदेखी करने पर रद्द या निलंबित किया जाता है।
मानकों का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाए
इस मामले में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी यानी विमान, रनवे या उपकरणों का रखरखाव तय नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। यह भी देखा जाएगा कि प्री-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर (शराब की जांच) टेस्ट नियमों का पालन किया गया या नहीं। जांच टीमें ये भी देख रही हैं कि प्रशिक्षण ले रहे ट्रेनी पायलटों को आपातकालीन स्थितियों के लिए सही से प्रशिक्षित किया जा रहा है या नहीं। एसोसिएशन के पत्र में भी मानकों का पालन न करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।