महोबा: दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद कैदी ने ब्लेड से काटी गर्दन, भरपेट भोजन न देने व मारपीट का आरोप
हमीरपुर के छानी बंधा गांव निवासी जितेंद्र (19) किशोरी से दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में 30 अगस्त 2020 से उप कारागार महोबा में बंद है। शुक्रवार को जितेंद्र जेल के अंदर बाल कटिंग कक्ष में पहुंचा और नाखून काटने की बात कहकर ब्लेड ले आया।
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जनपद हमीरपुर के छानी बंधा गांव निवासी जितेंद्र (19) किशोरी से दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में 30 अगस्त 2020 से उप कारागार महोबा में बंद है। शुक्रवार को जितेंद्र जेल के अंदर बाल कटिंग कक्ष में पहुंचा और नाखून काटने की बात कहकर ब्लेड ले आया। इसके बाद उसने धारदार ब्लेड से गले में दो बार प्रहार कर जान देने की कोशिश की।
घायल बंदी का आरोप है कि जेल में कुछ बंदियों को मनमाफिक भोजन दिया जा रहा है, जबकि उसे भरपेट भोजन नहीं मिल रहा। यहां तक कि नहाने के लिए साबुन की जगह मिट्टी का प्रयोग करना पड़ रहा है। विरोध करने पर आए दिन अन्य बंदी व कर्मचारी मारपीट करते हैं। एक वर्ष में परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने नहीं आया। रुपये के अभाव में उसे जेल में कोई सुविधा नहीं मिलती है। जिला अस्पताल के डॉ. गुलशेर अहमद ने बताया कि ब्लेड से दो बार प्रहार किए जाने से गहरे घाव हुए हैं। हालांकि स्थिति खतरे से बाहर है।
महोबा उप कारागार महोबा में क्षमता से ढाई गुना बंदी व कैदी हैं। 175 की क्षमता है लेकिन 475 बंदी व कैदी निरुद्घ हैं। जेलर ने बताया कि बजट की कमी है। जेल में 32 कैमरे चल रहे हैं जबकि सूत्रों की मानें तो अधिकांश कैमरे कई बार काम करना बंद कर देते हैं।
अफसरों के निरीक्षण में सब कुछ मिलता है चकाचक
महोबा उप कारागार में अफसरों के निरीक्षण के दौरान सब कुछ चकाचक मिलता है। उनके जाते ही व्यवस्थाएं फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती हैं। एक सप्ताह पहले डीएम, एसपी व जिला जज ने उप कारागार का निरीक्षण किया था। इसमें सब कुछ ठीकठाक पाया गया था। अफसरों ने जेल के अंदर किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री न मिलने की जानकारी दी थी, लेकिन अस्पताल आए घायल बंदी ने जेल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
बंदी जितेंद्र दुष्कर्म के मामले में करीब एक वर्ष से जेल में निरुद्घ है। परिजनों के मिलने न आने से युवक परेशान रहता था। मैंने भी परिजनों से बात की, लेकिन कोई मिलने नहीं आया। इससे नाराज होकर युवक ने बाल कटिंग कक्ष से नाखून काटने के बहाने ब्लेड लाकर स्वयं को घायल कर लिया। मारपीट व अन्य आरोप बेबुनियाद हैं।
भोलानाथ मिश्रा, जेलर उप कारागार, महोबा