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महोबा: गुजरात जाते 24 मुस्लिम बच्चों को ट्रेन से उतारा, साथ जा रहे युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही पुलिस
Wed, 13 Oct 2021 05:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Oct 2021 05:23 PM IST
सार
पुलिस ने बच्चों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है। बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन की एक बोगी में 24 मुस्लिम बच्चे सवार थे। बच्चों के साथ एक युवक भी था। ज्यादा संख्या बच्चों को ले जाने पर संदिग्धता हुई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन से 24 मुस्लिम बच्चों को चाइल्डलाइन टीम ने जीआरपी व आरपीएफ की मदद से महोबा स्टेशन पर उतार लिया। मामले में युवक को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में पता चला कि सभी बच्चे बिहार से गुजरात के मदरसे में जा रहे थे।
पुलिस ने बच्चों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है। बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन की एक बोगी में 24 मुस्लिम बच्चे सवार थे। बच्चों के साथ एक युवक भी था। ज्यादा संख्या बच्चों को ले जाने पर संदिग्धता हुई।
इसके आधार पर चित्रकूट व बांदा जीआरपी को सूचना दी गई, लेकिन वहां से ट्रेन महोबा के लिए निकल आई। तब चाइल्ड लाइन व महोबा जीआरपी को कंट्रोल रूम झांसी से सूचना दी गई। बताया गया कि ट्रेन में बच्चे हैं, जिनके साथ परिवार का कोई सदस्य नहीं है।
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पुलिस ने बच्चों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद बाल कल्याण समिति को सौंप दिया है। बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन की एक बोगी में 24 मुस्लिम बच्चे सवार थे। बच्चों के साथ एक युवक भी था। ज्यादा संख्या बच्चों को ले जाने पर संदिग्धता हुई।
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इसके आधार पर चित्रकूट व बांदा जीआरपी को सूचना दी गई, लेकिन वहां से ट्रेन महोबा के लिए निकल आई। तब चाइल्ड लाइन व महोबा जीआरपी को कंट्रोल रूम झांसी से सूचना दी गई। बताया गया कि ट्रेन में बच्चे हैं, जिनके साथ परिवार का कोई सदस्य नहीं है।
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जीआरपी प्रभारी हरिओम मिश्रा, चाइल्ड लाइन के निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी व आरपीएफ पुलिस चौकन्ना हो गई। ट्रेन के महोबा स्टेशन पर रुकते ही जीआरपी ने सभी बच्चों को ट्रेन से नीचे उतार लिया और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
बच्चों को ले जा रहे युवक ने अपना नाम अनवर आलम बताया। बताया कि वह सभी बच्चों को बिहार के खगरियां गांव से गुजरात स्थित मदरसे में लेकर जा रहा था। पूछताछ करने पर युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके पास मदरसा व बच्चों के अभिभावकों के सहमति पत्र भी नहीं मिले।
बच्चों को ले जा रहे युवक ने अपना नाम अनवर आलम बताया। बताया कि वह सभी बच्चों को बिहार के खगरियां गांव से गुजरात स्थित मदरसे में लेकर जा रहा था। पूछताछ करने पर युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उसके पास मदरसा व बच्चों के अभिभावकों के सहमति पत्र भी नहीं मिले।
चाइल्ड लाइन निदेशक ने बताया कि सभी बच्चों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया जा रहा है। बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंपा जा रहा है। उधर, जीआरपी प्रभारी हरिओम मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच कराई गई है।
गुजरात व बिहार की पुलिस से संपर्क कर बच्चों के अभिभावकों व मदरसे का सत्यापन कराया गया। इसमें पता चला कि बच्चों को गुजरात ले जाने वाला अनवर आलम शिक्षक है और वह अभिभावकों की सहमति के बाद जामिया जकरिया जुगवाड़ जिला नवसारी गुजरात स्थित मदरसा ले जा रहा था। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
गुजरात व बिहार की पुलिस से संपर्क कर बच्चों के अभिभावकों व मदरसे का सत्यापन कराया गया। इसमें पता चला कि बच्चों को गुजरात ले जाने वाला अनवर आलम शिक्षक है और वह अभिभावकों की सहमति के बाद जामिया जकरिया जुगवाड़ जिला नवसारी गुजरात स्थित मदरसा ले जा रहा था। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।