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आस्था की अर्थव्यवस्था: पनकी मंदिर में महंती का विवाद खत्म करने का दावा, जितेंद्र दास, कृष्ण दास समेत 11 ट्रस्टी बनाए गए
Tue, 09 Jun 2020 09:34 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 09 Jun 2020 09:34 AM IST
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पनकी मंदिर कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में पनकी स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में पांच साल से चल रहा महंत की गद्दी का विवाद खत्म होने का दावा किया जा रहा है। साथ ही मंदिर का संचालन अब श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर श्राइन बोर्ड ट्रस्ट के जरिये करने की बात कही गई है। इसमें कुल 11 सदस्य शामिल किए गए हैं। दावे के मुताबिक, मैनेजिंग ट्रस्टी अमित नारायण त्रिवेदी होंगे। उन्होंने सोमवार को डिप्टी रजिस्ट्रार के यहां ट्रस्ट का पंजीकरण कराने की भी बात कही है। महंती की दावेदारी कर रहे बालक दास और सुरेश दास को ट्रस्ट से किनारे कर दिया गया है। उधर, दो दिन से महंत जितेंद्रदास से किसी का कोई संपर्क न होने से विवाद के खात्मे और ट्रस्ट के गठन पर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रस्ट में महंत जितेंद्र दास, महंत कृष्ण दास, अमित नारायण त्रिवेदी, रामजी त्रिपाठी, आदित्य मिश्रा, दिनेश बाजपेई, सुशील शुक्ला, गोपी नमन त्रिवेदी, डीएस चतुर्वेदी, विद्या शंकर मिश्रा और रमाकांत मिश्रा को शामिल किया गया है। मीडिया प्रभारी रामजी त्रिपाठी होंगे। महामंडलेश्वर जितेंद्र दास और कृष्णदास मंदिर के महंत होंगे। ट्रस्ट से अलग बालक दास प्रधान कार्यवाहक पुजारी होंगे। सुरेश दास महाराज की भूमिका में मंदिर में कामकाज देखेंगे। मीडिया प्रभारी रामजी त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को ट्रस्ट की बैठक होगी। इसमें सभी ट्रस्टियों के कामों का आवंटन किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं और आगंतुकों को सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर मंथन भी करेेंगे।
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ट्रस्ट में महंत जितेंद्र दास, महंत कृष्ण दास, अमित नारायण त्रिवेदी, रामजी त्रिपाठी, आदित्य मिश्रा, दिनेश बाजपेई, सुशील शुक्ला, गोपी नमन त्रिवेदी, डीएस चतुर्वेदी, विद्या शंकर मिश्रा और रमाकांत मिश्रा को शामिल किया गया है। मीडिया प्रभारी रामजी त्रिपाठी होंगे। महामंडलेश्वर जितेंद्र दास और कृष्णदास मंदिर के महंत होंगे। ट्रस्ट से अलग बालक दास प्रधान कार्यवाहक पुजारी होंगे। सुरेश दास महाराज की भूमिका में मंदिर में कामकाज देखेंगे। मीडिया प्रभारी रामजी त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को ट्रस्ट की बैठक होगी। इसमें सभी ट्रस्टियों के कामों का आवंटन किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं और आगंतुकों को सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने पर मंथन भी करेेंगे।
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इस तरह बना ट्रस्ट
बालक दास, सुरेश दास व कृष्ण दास के बीच गद्दी की लड़ाई चल रही थी। इसके चलते तीनों पक्ष खुद को ब्रह्मलीन बड़े महंत रमाकांत बाबा का उत्तराधिकारी बता रहे थे। जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने लॉकडाउन के बाद विवाद खत्म कराने की बात कही थी। इसके बाद छह जून को पनकी स्थित नारायणा संस्थान के सभागार में 11 लोगों की उपस्थिति में बैठक हुई। सुरेश दास व बालक दास भी मौजूद रहे। इसमें सभी ने ट्रस्ट बनाने पर सहमति दी।
बैठक के बाद जितेंद्र दास से किसी का संपर्क नहीं
छह जून की बैठक के बाद महंत जितेंद्र दास से किसी का कोई संपर्क नहीं हुआ है। सुरेश दास और बालक दास ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि रविवार से जितेंद्र दास मंदिर भी नहीं आए और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। दोनों ने जितेंद्र दास की गैरमौजूदगी में ट्रस्ट के गठन पर भी सवाल उठाया है। साथ ही ट्रस्ट में शामिल एक अन्य सदस्य बीएस चतुर्वेदी के मुंबई में होने का दावा किया है। सुरेश दास और बालक दास का आरोप है कि ट्रस्ट का गठन भी हुआ है तो षड्यंत्र की बू आ रही है। उधर, जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने कहा कि पनकी मंदिर के विवाद के पटाक्षेप के साथ ट्रस्ट का गठन हो गया है तो अच्छी बात है। हालांकि, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। महंत जितेंद्र दास का किसी से संपर्क नहीं होने के सवाल पर उन्होंने इसकी जानकारी कराने की बात कही।
बालक दास, सुरेश दास व कृष्ण दास के बीच गद्दी की लड़ाई चल रही थी। इसके चलते तीनों पक्ष खुद को ब्रह्मलीन बड़े महंत रमाकांत बाबा का उत्तराधिकारी बता रहे थे। जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने लॉकडाउन के बाद विवाद खत्म कराने की बात कही थी। इसके बाद छह जून को पनकी स्थित नारायणा संस्थान के सभागार में 11 लोगों की उपस्थिति में बैठक हुई। सुरेश दास व बालक दास भी मौजूद रहे। इसमें सभी ने ट्रस्ट बनाने पर सहमति दी।
बैठक के बाद जितेंद्र दास से किसी का संपर्क नहीं
छह जून की बैठक के बाद महंत जितेंद्र दास से किसी का कोई संपर्क नहीं हुआ है। सुरेश दास और बालक दास ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि रविवार से जितेंद्र दास मंदिर भी नहीं आए और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। दोनों ने जितेंद्र दास की गैरमौजूदगी में ट्रस्ट के गठन पर भी सवाल उठाया है। साथ ही ट्रस्ट में शामिल एक अन्य सदस्य बीएस चतुर्वेदी के मुंबई में होने का दावा किया है। सुरेश दास और बालक दास का आरोप है कि ट्रस्ट का गठन भी हुआ है तो षड्यंत्र की बू आ रही है। उधर, जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने कहा कि पनकी मंदिर के विवाद के पटाक्षेप के साथ ट्रस्ट का गठन हो गया है तो अच्छी बात है। हालांकि, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। महंत जितेंद्र दास का किसी से संपर्क नहीं होने के सवाल पर उन्होंने इसकी जानकारी कराने की बात कही।