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Kanpur News: अर्थिंग की समस्या से मशीनें ठप, छह दिन से जांच न होने से मरीज परेशान

Wed, 11 Feb 2026 01:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 11 Feb 2026 01:37 AM IST
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Machines stalled due to earthing problems, patients upset due to lack of testing for six days
झींझक। नगर स्थित सीएचसी की पैथोलॉजी की मशीनों में अर्थिंग आने से छह दिनों से जांचे ठप हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए मरीज मजबूरन निजी पैथोलॉजी में जांच करवाकर डॉक्टर से परामर्श ले रहे हैं।
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झींझक सीएचसी में नगर सहित आसपास के 40 गांवों के लोग उपचार करवाने के लिए आते हैं। इन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सीएचसी में सीबीसी व बायोकेमिस्ट्री मशीन भी लगी हुई है। पैथोलॉजी की मशीनों में अर्थिंग की समस्या आ जाने से छह दिनों से सीबीसी व बायोकेमिस्ट्री मशीन बंद पड़ी है। इससे प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीजों को बिना जांच के ही मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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मंगलवार को सीएचसी में इलाज करवाने पहुंचे अब्दुल कलाम नगर निवासी ऊषा देवी और झींझक के लालू सिंह ने बताया कि कई दिनों से बुखार आ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर ने सीबीसी करवाने का परामर्श दिया मगर पैथोलॉजी में मशीनें बंद होने से जांच नहीं हो सकी। मरीजों ने बताया कि डॉक्टर की ओर से मशीनें खराब होने के चलते मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी गई थी लेकिन मेडिकल कॉलेज की दूरी 40 किलोमीटर होने के चलते उन्हें 350 रुपये खर्च कर निजी पैथोलॉजी में जांच करवानी पड़ी। सीएचसी में तैनात डॉक्टर शिरोमणि और डॉक्टर पुनीत मित्तल ने बताया कि रोजाना करीब 300 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। खुजली, कमजोरी और वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि मशीनों में खामी आने की जानकारी सीएमओ को दी गई है।
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फोटो-12- डेरापुर सीएचसी में रखी पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन। संवाद



प्रिंटर न आने से एक साल से शोपीस बनी रखी अल्ट्रासाउंड मशीन

डेरापुर। तहसील क्षेत्र के लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 40 से 50 किलोमीटर की दौड़ लगाकर मेडिकल कॉलेज न जाना पड़े। इसके लिए शासन की ओर से डेरापुर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन की सौगात दी थी। मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट या प्रशिक्षित चिकित्सक न होने से मशीन शुरू नहीं हो सकी थी। इस पर जिले की महिला चिकित्सक को अल्ट्रासाउंड मशीन संचालन का प्रशिक्षण दिलवाया गया। चिकित्सक का प्रशिक्षण पूर्ण हो जाने के बाद भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। अब मशीन का प्रिंटर न होना जांच में रोड़ा बना हुआ है। जिम्मेदार मशीन का प्रिंटर आने के बाद सप्ताह में दो दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू करवाने की बात कह रहे हैं। वहीं मंगलवार को सीएचसी की एक्स-रे मशीन भी तकनीकी खामी आने से बंद हो गई। इससे अस्पताल में एक्स-रे करवाने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑपरेटर राज वर्धन सिंह तकनीकी खामी को दूर करने में जुटे रहे।




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झींझक सीएचसी में पैथोलॉजी की मशीनों में अर्थिंग की समस्या के चलते बंद हैं। संबंधित कंपनी से पत्राचार कर इंजिनीनियर को भेजने के लिए कहा गया है। जल्द ही मशीनों की खामियों को दूर कर संचालन शुरू करवाया जाएगा। वहीं डेरापुर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। - डॉ. एसएल वर्मा, एसीएमओ
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