Kanpur Crime: प्रेम प्रसंग को बताया था अपहरण और दुष्कर्म, पीड़िता बोली-पुलिस के दबाव में दिया झूठा बयान
Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में प्रेम प्रसंग को अपहरण और दुष्कर्म बताने का मामला सामने आया है। मामले की सुनवाई के दौरान पिता की मौत हो गई। तब पीड़िता व उसकी मां ने कोर्ट में बयान बदल दिए। पीडि़ता बोली कि पुलिस के दबाव में झूठा बयान दिया था।
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कानपुर में प्रेमिका ने प्रेमी संग भागकर प्रेम विवाह कर लिया। गुस्से में पिता ने दामाद व उसके घरवालों के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पिता की मौत हो गई, तो पीड़िता और उसकी मां ने कोर्ट में दिए बयान बदल दिए।
इसमें उसने पीड़ित को बालिग और मामले को अपहरण व दुष्कर्म का न बताकर प्रेम प्रसंग का बताया। पर्याप्त साक्ष्य न होने के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट योगेश कुमार ने पांचों आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया है।
अशोक नगर स्थित मकान में 16 वर्षीय किशोरी अपनी चाची के साथ रहती थी।
31 जुलाई 2013 को किशोरी लापता हो गई। किशोरी के पिता ने गोरखपुर के पिपराइच निवासी राजेंद्र साहनी उर्फ लोहा, उसकी पत्नी सलहंती देवी, पुत्र रामनरेश व राजू तथा गांव के एक अन्य बृजेश साहनी पर बहला-फुसलाकर किशोरी को भगा ले जाने व दुष्कर्म का आरोप लगाया।
मां-पीड़िता कोर्ट में बयान से मुकर गईं
थाने में रिपोर्ट न लिखे जाने पर पिता ने कोर्ट के माध्यम से 22 अगस्त 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अधिवक्ता कपिलदीप सचान ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान पिता की मौत हो गई थी। पीड़िता व उसकी मां कोर्ट में बयान से मुकर गई थीं। पीड़िता बालिग थी। उसने राजू से प्रेम विवाह किया था।
पुलिस के दबावा में दिया झूठा बयान
लगभग आठ साल से वह राजू के साथ ही रह रही थी। पीडि़ता ने कोर्ट में कहा कि पुलिस वाले मुझे और मेरे माता-पिता को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इसलिए मजिस्ट्रेट के सामने गलत बयान दिए। दुष्कर्म वाली बात पुलिस के दबाव में कही थी। इन सभी आधारों पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया।