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Kanpur News: कमल और साइकिल की सीधी टक्कर, हाथी की धीमी रही चाल
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इटावा। भाजपा और कांग्रेस-सपा गठबंधन प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। शहर-कस्बों से लेकर गांव तक यही स्थिति रही। हिंदू बाहुल्य इलाकों में कमल खिला तो मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर साइकिल चली। जबकि बसपा प्रत्याशी ने भी दलित बस्तियों में हाथी की चाल को बनाए रखा। कई बूथों पर बसपा के वोट बैंक में भी सेंधमारी हुई।
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में सोमवार को इटावा लोकसभा सीट पर वोट डाले गए। लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीट इटावा, भरथना, दिबियापुर, औरैया व सिकंदरा के कुल 18, 27, 781 मतदाताओं के सामने भाजपा, सपा-कांग्रेस और बसपा समेत सात उम्मीदवार मैदान में रहे। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ। अधिकांश जगह मुकाबला भाजपा प्रो. रामशंकर कठेरिया और कांग्रेस-सपा गठबंधन के उम्मीदवार जितेंद्र दोहरे के बीच ही देखने को मिला।
शहरों की घनी आबादी से लेकर पॉश कॉलोनियों तक या फिर ग्रामीण इलाकों के मतदान केंद्र पर भाजपा और गठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। शहर के हिंदू बाहुल्य इलाके के जीजीआईसी, कर्मक्षेत्र महाविद्यालय मतदान केंद्र पर भी टक्कर सपा-भाजपा में टक्कर देखने को मिली। अधिकांश शहर व ग्रामीण इलाकों के बूथों पर यही स्थिति रही।
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फ्रेंड्स कॉलोनी के बौद्ध विद्या मंदिर में हाथी चलता दिखा। हालांकि इन सबके बीच कुछ मतदान केंद्रों पर बसपा भी चर्चा में रही। बसपा प्रत्याशी पार्टी के वोट बैंक को समेटने में कामयाब रहे। हालांकि भाजपा और सपा-कांग्रेस दोनों ही दल बसपा के वोट बैंक को अपने पाले में होने का दावा कर रहे हैं।
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कई जगह नहीं लगे बसपा के बस्ते
मतदान केंद्रों के बाहर बस्तों पर मतदाता अपनी-अपनी पर्ची लेने के लिए खड़े दिखाई दिए। कई जगह स्थिति यह रही कि बसपा के बस्ते नहीं मिले। महेवा विकास खंड के सुनवर्षा, बढ़पुरा के उदी मोड़ चौराहा, कामेत में बसपा के बस्ते नहीं लगे थे। इससे हाथी की चाल धीमी हो गई।
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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में सोमवार को इटावा लोकसभा सीट पर वोट डाले गए। लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीट इटावा, भरथना, दिबियापुर, औरैया व सिकंदरा के कुल 18, 27, 781 मतदाताओं के सामने भाजपा, सपा-कांग्रेस और बसपा समेत सात उम्मीदवार मैदान में रहे। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान हुआ। अधिकांश जगह मुकाबला भाजपा प्रो. रामशंकर कठेरिया और कांग्रेस-सपा गठबंधन के उम्मीदवार जितेंद्र दोहरे के बीच ही देखने को मिला।
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शहरों की घनी आबादी से लेकर पॉश कॉलोनियों तक या फिर ग्रामीण इलाकों के मतदान केंद्र पर भाजपा और गठबंधन के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। शहर के हिंदू बाहुल्य इलाके के जीजीआईसी, कर्मक्षेत्र महाविद्यालय मतदान केंद्र पर भी टक्कर सपा-भाजपा में टक्कर देखने को मिली। अधिकांश शहर व ग्रामीण इलाकों के बूथों पर यही स्थिति रही।
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फ्रेंड्स कॉलोनी के बौद्ध विद्या मंदिर में हाथी चलता दिखा। हालांकि इन सबके बीच कुछ मतदान केंद्रों पर बसपा भी चर्चा में रही। बसपा प्रत्याशी पार्टी के वोट बैंक को समेटने में कामयाब रहे। हालांकि भाजपा और सपा-कांग्रेस दोनों ही दल बसपा के वोट बैंक को अपने पाले में होने का दावा कर रहे हैं।
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कई जगह नहीं लगे बसपा के बस्ते
मतदान केंद्रों के बाहर बस्तों पर मतदाता अपनी-अपनी पर्ची लेने के लिए खड़े दिखाई दिए। कई जगह स्थिति यह रही कि बसपा के बस्ते नहीं मिले। महेवा विकास खंड के सुनवर्षा, बढ़पुरा के उदी मोड़ चौराहा, कामेत में बसपा के बस्ते नहीं लगे थे। इससे हाथी की चाल धीमी हो गई।