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एक रुपये का ट्रांजेक्शन कर गंवाए 29 हजार, पेटीएम में केवाईसी अपडेट के बहाने जालसाज ने बनाया शिकार
Tue, 14 Jan 2020 02:19 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 14 Jan 2020 02:19 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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कानपुर के फीलखाना में एक निजी कंपनी के अकाउंटेंट को पेटीएम में केवाईसी अपडेट करवाने का झांसा देकर जालसाज ने 29 हजार 200 रुपये का चूना लगाया। पीड़ित ने सोमवार को फीलखाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बिरहाना रोड निवासी भूपेंद्र कुमार निरंजन निजी कंपनी में अकाउंटेंट हैं। रविवार शाम वेणुगोपाल रेड्डी नाम के शख्स ने फोन करके पेटीएम में केवाईसी अपडेट करने को एक एप डाउनलोड करने को कहा।
भूपेंद्र के मुताबिक एप डाउनलोड करने के बाद पेटीएम से एक रुपये का ट्रांजेक्शन कराया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड अकाउंट से 25 हजार रुपये और पेटीएम खाते से 42 सौ रुपये निकल गए। पीड़ित ने फीलखाना थाने में वेणुगोपाल रेड्डी नामक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बिरहाना रोड निवासी भूपेंद्र कुमार निरंजन निजी कंपनी में अकाउंटेंट हैं। रविवार शाम वेणुगोपाल रेड्डी नाम के शख्स ने फोन करके पेटीएम में केवाईसी अपडेट करने को एक एप डाउनलोड करने को कहा।
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भूपेंद्र के मुताबिक एप डाउनलोड करने के बाद पेटीएम से एक रुपये का ट्रांजेक्शन कराया। इसके बाद क्रेडिट कार्ड अकाउंट से 25 हजार रुपये और पेटीएम खाते से 42 सौ रुपये निकल गए। पीड़ित ने फीलखाना थाने में वेणुगोपाल रेड्डी नामक युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पढ़े-लिखे लोग ही बन रहे शिकार
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक लान सिंह ने बताया कि जालसाज पहले मोबाइल पर एप डाउनलोड करवाते हैं। इसके बाद एक रुपये का ट्रांजेक्शन करवाते हैें। ट्रांजेक्शन होते ही मोबाइल फोन का सारा डेटा एप के जरिए उन तक पहुंच जाता है।
इसके बाद ठग बड़ी आसानी से लोगों की गाढ़ी कमाई खाते से उड़ा लेतेे हैं। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि कोई भी बैंक या ऑनलाइन वायलेट कंपनी उपभोक्ता से किसी तरह का अपडेट लेने के लिए कोई ट्रांजेक्शन या एप डाउनलोड नहीं करवाती है। बावजूद इसके पढ़े लिखे लोग ही ऐसी जालसाजी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते दो महीने में करीब सौ से ज्यादा लोगों की शिकायतें आ चुकी हैं, जिसकी जांच चल रही है।
साइबर क्राइम सेल के प्रभारी निरीक्षक लान सिंह ने बताया कि जालसाज पहले मोबाइल पर एप डाउनलोड करवाते हैं। इसके बाद एक रुपये का ट्रांजेक्शन करवाते हैें। ट्रांजेक्शन होते ही मोबाइल फोन का सारा डेटा एप के जरिए उन तक पहुंच जाता है।
इसके बाद ठग बड़ी आसानी से लोगों की गाढ़ी कमाई खाते से उड़ा लेतेे हैं। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि कोई भी बैंक या ऑनलाइन वायलेट कंपनी उपभोक्ता से किसी तरह का अपडेट लेने के लिए कोई ट्रांजेक्शन या एप डाउनलोड नहीं करवाती है। बावजूद इसके पढ़े लिखे लोग ही ऐसी जालसाजी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते दो महीने में करीब सौ से ज्यादा लोगों की शिकायतें आ चुकी हैं, जिसकी जांच चल रही है।