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लॉकडाउन: बिना शहनाई बिना बराती दूल्हा-दुल्हन ने लिए सात फेरे, लॉकडाउन के बाद साजन घर जाएगी सजनी
Fri, 17 Apr 2020 01:37 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 17 Apr 2020 01:37 AM IST
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शादी के बाद दुल्हन
- फोटो : amar ujala
चित्रकूट जिला मुख्यालय से लगे गांव डिलौरा में लॉकडाउन के बीच बिना बारात के पहुंचे दूल्हे ने सादगी से विवाह किया। शादी परंपरागत तरीके से हुई। लॉकडाउन के कारण दुल्हन को विदा नहीं किया गया।
डिलौरा गांव के रामस्वरूप निषाद की पुत्री उषा देवी का जिले के राजापुर क्षेत्र के खंडेहा गांव निवासी दशरथ के पुत्र रविंद्र के साथ बुधवार परंपरागत तरीके से विवाह हुआ। लॉकडाउन के कारण दूल्हा दो दिन पहले ही डिलौरा गांव के एक रिश्तेदार के यहां पहुंच गया था।
जो शादी के शुभ मुहूर्त के समय दुल्हन के घर पहुंचा। जहां सादगी से विवाह रचाया गया। इस विवाह में न तो शहनाई बजी न ही घराती व बाराती जुटे। दुल्हन के परिवार के सदस्य बहुत गरीब हैं। दुल्हन की मां लक्षमीनियां ने बताया कि उसका पति बीमार रहता है। एक पुत्र लालजी है जो दो साल से जेल में बंद है।
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डिलौरा गांव के रामस्वरूप निषाद की पुत्री उषा देवी का जिले के राजापुर क्षेत्र के खंडेहा गांव निवासी दशरथ के पुत्र रविंद्र के साथ बुधवार परंपरागत तरीके से विवाह हुआ। लॉकडाउन के कारण दूल्हा दो दिन पहले ही डिलौरा गांव के एक रिश्तेदार के यहां पहुंच गया था।
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जो शादी के शुभ मुहूर्त के समय दुल्हन के घर पहुंचा। जहां सादगी से विवाह रचाया गया। इस विवाह में न तो शहनाई बजी न ही घराती व बाराती जुटे। दुल्हन के परिवार के सदस्य बहुत गरीब हैं। दुल्हन की मां लक्षमीनियां ने बताया कि उसका पति बीमार रहता है। एक पुत्र लालजी है जो दो साल से जेल में बंद है।
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