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लॉकडाउन: टमाटर की मंडियों में मांग घटी, किसानों ने कूड़े में फेंके, थोक बाजार में 30 रुपये में 25 किलो
Sat, 23 May 2020 11:27 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 23 May 2020 11:27 PM IST
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टमाटर नहीं बिके तो कूड़े में फेंके
- फोटो : amar ujala
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कोरोना ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आलू को छोड़कर लगभग सभी सब्जियों पर मंदी है। लागत तक नहीं निकल रही है। टमाटर के दामों में तगड़ी गिरावट है। शनिवार को थोक बाजार में टमाटर का भाव सवा रुपये प्रति किलो भी नहीं मिला।
परेशान किसान मंडी के पास कूड़े में फेंक कर लौट गए। इस बार जलालपुर पनवारा इलाके में करीब डेढ़ सौ बीघा में टमाटर की फसल की गई है। यह किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। शनिवार को कन्नौज की थोक मंडी में टमाटर के भाव 30 रुपये कैरेट (25 किलो) आ गए।
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परेशान किसान मंडी के पास कूड़े में फेंक कर लौट गए। इस बार जलालपुर पनवारा इलाके में करीब डेढ़ सौ बीघा में टमाटर की फसल की गई है। यह किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। शनिवार को कन्नौज की थोक मंडी में टमाटर के भाव 30 रुपये कैरेट (25 किलो) आ गए।
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यानी एक रुपया 20 पैसा प्रति किलो दाम रहे। इस भाव में किसानों का भाड़ा तक वसूल नहीं हुआ। यह बचे टमाटर घर नहीं ले गए। कूड़े के ढेर में फेंक दिए। हाल यह है कि फसल को खेत से मंडी तक लाने में किसानों का भाड़ा तक नहीं निकल रहा।
ऐसे में यह फसल को खेत में छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों के मुताबिक सॉस बनाने वाली फैक्टरियां बंद हैं। इससे खपत नहीं है। माल बाहर नहीं जा पा रहा है। दूसरी सब्जियों का हाल भी ठीक नहीं है।
थोक मंडी में कद्दू दो रुपये किलो बिक रहा है। तोरई तीन रुपये किलो बिकी। भिंडी छह रुपये, करेला आठ रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जी खरीदने वालों को धनिया और मिर्च मुफ्त दी जा रही है।
ऐसे में यह फसल को खेत में छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों के मुताबिक सॉस बनाने वाली फैक्टरियां बंद हैं। इससे खपत नहीं है। माल बाहर नहीं जा पा रहा है। दूसरी सब्जियों का हाल भी ठीक नहीं है।
थोक मंडी में कद्दू दो रुपये किलो बिक रहा है। तोरई तीन रुपये किलो बिकी। भिंडी छह रुपये, करेला आठ रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सब्जी खरीदने वालों को धनिया और मिर्च मुफ्त दी जा रही है।