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छिना रोजगार, घर पहुंचने की आस में पड़ गए छाले
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राजपुर में पेड़ की छांव में बैठकर थकान मिटाते आगरा से पैदल चलकर आए मजदूर।
- फोटो : AKBARPUR
राजपुर (कानपुर देहात)। लॉकडाउन के बाद एक मजदूर परिवार का रोजगार छिन गया। वह आगरा से पैदल ही घाटमपुर स्थित घर के लिए निकल पड़ा। छह दिन में परिवार राजपुर पहुंचा। इस दौरान पूरे परिवार के लोगों के पैरों में छाले पड़ गए। पुलिस ने पूछताछ के बाद उनके खाने का इंतजाम किया और उन्हें घर छोड़ने की व्यवस्था की।
घाटमपुर सजेती के मजदूर गजराज व रामकेश ने बताया कि लॉकडाउन के पहले वह परिवार के दस लोगों के साथ आगरा गेहूं की कटाई के लिए गए थे। उन्होंने वहां 29 बीघा गेहूं की कटाई भी की। इसके बाद लॉकडाउन हो गया। गांव वालों ने काम लेने से मना कर दिया। उन्हें तीन सौ रुपये के हिसाब से मजदूरी देकर वहां से भगा दिया। बाद में वह परिवार के साथ वहां से पैदल ही चल दिए। शुक्रवार को राजपुर में पेड़ की छांव में बैठा मजदूर परिवार की जानकारी पुलिस को मिली।
मौके पर पहुंची पुलिस ने उनसे पूछताछ की। गजराज ने बताया कि रोजगार छिनने के बाद वह चले आए। इससे पहले गांव में मेडिकल परीक्षण के बाद 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया। आगरा से राजपुर पहुंचने में उन्हें छह दिन लगे। चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि मजदूरों को खाने की व्यवस्था करने के बाद घर जाने दिया गया। उनके पैरों में छाले पड़ गए थे।
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घाटमपुर सजेती के मजदूर गजराज व रामकेश ने बताया कि लॉकडाउन के पहले वह परिवार के दस लोगों के साथ आगरा गेहूं की कटाई के लिए गए थे। उन्होंने वहां 29 बीघा गेहूं की कटाई भी की। इसके बाद लॉकडाउन हो गया। गांव वालों ने काम लेने से मना कर दिया। उन्हें तीन सौ रुपये के हिसाब से मजदूरी देकर वहां से भगा दिया। बाद में वह परिवार के साथ वहां से पैदल ही चल दिए। शुक्रवार को राजपुर में पेड़ की छांव में बैठा मजदूर परिवार की जानकारी पुलिस को मिली।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने उनसे पूछताछ की। गजराज ने बताया कि रोजगार छिनने के बाद वह चले आए। इससे पहले गांव में मेडिकल परीक्षण के बाद 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया। आगरा से राजपुर पहुंचने में उन्हें छह दिन लगे। चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि मजदूरों को खाने की व्यवस्था करने के बाद घर जाने दिया गया। उनके पैरों में छाले पड़ गए थे।
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