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नहीं मिली मजदूरी, खाने को लाले
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रसूलाबाद के नेहरू नगर में तिरपाल के नीचे जीवन करता महेंद्र कुमार का परिवार।
- फोटो : AKBARPUR
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रसूलाबाद (कानपुर देहात)। नेहरू नगर के महेंद्र के बेटे को ढाई महीने से मजदूरी नहीं मिली। घर में रहने वाले सात सदस्यों को अब दो वक्त की रोटी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
महेंद्र ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले वह कस्बे में पानी पूरी (पानी के बतासे) बेचने का काम करता था। इसके बाद मार्ग दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। काफी इलाज के बाद भी वह चल नहीं सका। घर में दिक्कतें शुरू हुई तो बड़े बेटे गौरव एक इलेक्ट्रानिक एवं गारमेंट की दुकान में काम करने लगा। इससे महीने में तीन हजार रुपये मिल जाते थे।
लॉकडाउन में दुकान बंद रहने से वह पैसा नहीं मिला। अब पूरा आर्थिक संकट में है। महेंद्र का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाला राशन बड़े परिवार में नाकाफी है। महेंद्र के परिवार को पक्की छत नसीब नहीं हो सकी। उसका कहना है कि कई बार आवास को लेकर आवेदन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस समय परिवार तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर है। ईओ संजय पटेल का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन की जानकारी नहीं है। पात्रता देखकर महेंद्र को कांशीराम कालोनी आवंटित की जा सकती है।
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महेंद्र ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले वह कस्बे में पानी पूरी (पानी के बतासे) बेचने का काम करता था। इसके बाद मार्ग दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। काफी इलाज के बाद भी वह चल नहीं सका। घर में दिक्कतें शुरू हुई तो बड़े बेटे गौरव एक इलेक्ट्रानिक एवं गारमेंट की दुकान में काम करने लगा। इससे महीने में तीन हजार रुपये मिल जाते थे।
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लॉकडाउन में दुकान बंद रहने से वह पैसा नहीं मिला। अब पूरा आर्थिक संकट में है। महेंद्र का कहना है कि सरकार की ओर से मिलने वाला राशन बड़े परिवार में नाकाफी है। महेंद्र के परिवार को पक्की छत नसीब नहीं हो सकी। उसका कहना है कि कई बार आवास को लेकर आवेदन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस समय परिवार तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर है। ईओ संजय पटेल का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन की जानकारी नहीं है। पात्रता देखकर महेंद्र को कांशीराम कालोनी आवंटित की जा सकती है।
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