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जीवंत हो गए स्वामी विवेकानंद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:19 AM IST
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एकल मंचन प्रस्तुत करते पद्मश्री शेखर सेन
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
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अद्भुत, अविश्वसनीय और अकल्पनीय था यह नजारा। हजारों की भीड़ और संगीतमयी धुन के बीच जब जन्म हुआ नरेंद्रनाथ दत्त का। वही नरेंद्रनाथ जो बाद में स्वामी विवेकानंद के नाम से विश्वविख्यात हुए। यह खूबसूरत नजारा एकल मंचन का था लेकिन इसे देखने के बाद हर कोई स्वामी विवेकानंद के जीवंत होने की बात कहने से खुद को रोक न पाया।
मंचन का आयोजन कानपुर यूनिवर्सिटी के ऑडीटोरियम में हुआ। मंचन करने वाले संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री शेखर सेन थे। शेखर जब मंच पर पहुंचे तो एक पल के लिए किसी को विश्वास नहीं हुआ। कारण था शेखर सेन का हुबहू स्वामी विवेकानंद जैसा दिखना। उन्होंने मंचन भी उसी अंदाज में किया। जन्म से लेकर स्वामी विवेकानंद के शिकागो प्रवास और फिर समाधि तक का वाक्या बेहद खूबसूरत तरीके से शेखर ने प्रस्तुत किया।इस मौके पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, आरएसएस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री शिव प्रकाश, प्रांत प्रचारक अनिल, यूपीएसआईडीसी के एमडी अमित घोष, आईपीएस जुगल किशोर, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गौतम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पाकिस्तान में विकृति पैदा हो चुकी है : सेन
शेखर सेन ने कहा कि वर्षों पहले ही स्वामी विवेकानंद ने कह दिया था कि जहां की संस्कृति समाप्त होगी, वहां विकृतियां पैदा होंगी। पाकिस्तान भी विकृत हो चुका है। हालांकि सेन ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में पाबंदी पर ऐतराज जताया। कला को भौगोलिक बंधन में नहीं बांधना चाहिए। शेखर ने भारतीय प्रधानमंत्री की तारीफ भी खूब की। कहा वे बेहद सरल स्वभाव के हैं और कला, साहित्य के प्रति काफी सम्मान रखते हैं।
मंचन का आयोजन कानपुर यूनिवर्सिटी के ऑडीटोरियम में हुआ। मंचन करने वाले संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री शेखर सेन थे। शेखर जब मंच पर पहुंचे तो एक पल के लिए किसी को विश्वास नहीं हुआ। कारण था शेखर सेन का हुबहू स्वामी विवेकानंद जैसा दिखना। उन्होंने मंचन भी उसी अंदाज में किया। जन्म से लेकर स्वामी विवेकानंद के शिकागो प्रवास और फिर समाधि तक का वाक्या बेहद खूबसूरत तरीके से शेखर ने प्रस्तुत किया।इस मौके पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, आरएसएस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री शिव प्रकाश, प्रांत प्रचारक अनिल, यूपीएसआईडीसी के एमडी अमित घोष, आईपीएस जुगल किशोर, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गौतम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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पाकिस्तान में विकृति पैदा हो चुकी है : सेन
शेखर सेन ने कहा कि वर्षों पहले ही स्वामी विवेकानंद ने कह दिया था कि जहां की संस्कृति समाप्त होगी, वहां विकृतियां पैदा होंगी। पाकिस्तान भी विकृत हो चुका है। हालांकि सेन ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में पाबंदी पर ऐतराज जताया। कला को भौगोलिक बंधन में नहीं बांधना चाहिए। शेखर ने भारतीय प्रधानमंत्री की तारीफ भी खूब की। कहा वे बेहद सरल स्वभाव के हैं और कला, साहित्य के प्रति काफी सम्मान रखते हैं।
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