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यूपी: 11 लाख प्रशिक्षित श्रमिकों की सूची तैयार, प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में रोजगार देने की प्रक्रिया शुरू
Sat, 06 Jun 2020 10:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 06 Jun 2020 10:47 PM IST
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श्रमिक
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने की दिशा में सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। शनिवार को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से जुड़े लोगों से ऑनलाइन वार्ता के में बताया कि प्रदेश में आए 25 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों में से 11 लाख ऐसे श्रमिकों की सूची बनाई गई है, जो प्रशिक्षित श्रेणी में हैं।
इन सभी प्रशिक्षित श्रमिकों को प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में रोजगार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें 15 हजार से प्रशिक्षित श्रमिक केवल कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के हैं। उन्होंने बताया कि सभी औद्योगिक इकाइयों से जरूरत के हिसाब से संख्या मांगी गई है। अन्य श्रमिकों को भी अलग-अलग योजनाओं के जरिए रोजगार देने पर काम चल रहा है।
बैंकों को निर्देश है कि किसी के ऋण प्रोजेक्ट को निरस्त करते हैं तो लिखित में बताना होगा कि ऐसा क्यों किया। इसकी प्रदेश के सभी जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। टीम भी बना दी गई है। जून में ही करीब 15 हजार करोड़ का लोन बैंकों के जरिए दिया जा रहा है। प्रशिक्षित लोगों को रोजगार देने के लिए आईआईए, फिक्की जैसे औद्योगिक संगठनों का समूह बनाया गया है।
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इसके तहत उद्योगों में किस तरह के लोगों की आवश्यकता है, उसकी रिपोर्ट शासन को समय-समय पर दी जाएगी। उसी के अनुसार लोगों को काम पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और वामपंथियों को सिर्फ कैश ही हर जगह नजर आता है।
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इन सभी प्रशिक्षित श्रमिकों को प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में रोजगार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें 15 हजार से प्रशिक्षित श्रमिक केवल कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के हैं। उन्होंने बताया कि सभी औद्योगिक इकाइयों से जरूरत के हिसाब से संख्या मांगी गई है। अन्य श्रमिकों को भी अलग-अलग योजनाओं के जरिए रोजगार देने पर काम चल रहा है।
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बैंकों को निर्देश है कि किसी के ऋण प्रोजेक्ट को निरस्त करते हैं तो लिखित में बताना होगा कि ऐसा क्यों किया। इसकी प्रदेश के सभी जिला उद्योग केंद्रों के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। टीम भी बना दी गई है। जून में ही करीब 15 हजार करोड़ का लोन बैंकों के जरिए दिया जा रहा है। प्रशिक्षित लोगों को रोजगार देने के लिए आईआईए, फिक्की जैसे औद्योगिक संगठनों का समूह बनाया गया है।
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इसके तहत उद्योगों में किस तरह के लोगों की आवश्यकता है, उसकी रिपोर्ट शासन को समय-समय पर दी जाएगी। उसी के अनुसार लोगों को काम पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और वामपंथियों को सिर्फ कैश ही हर जगह नजर आता है।