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पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
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कानपुर देहात। ककवन थाने के नधिया खुर्द गांव में मामूली विवाद में पत्नी की गला घोंट कर हत्या करने के मामले में दोषी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में चल रही थी।
नधिया खुर्द गांव निवासी पूनम की 12 जून 2015 को घर के अंदर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पूनम के पूर्व पति राजेंद्र कुमार ने गांव के राधेश्याम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूनम घटना के सात साल पहले पति राजेंद्र को छोड़कर राधेश्याम के साथ बतौर पत्नी रहने लगी थी।
इससे अभिलेखों में उसके पति का नाम राधेश्याम ही दर्ज था। मामले की सुनवाई जिला जज अनिल कुमार झा की कोर्ट में चल रही थी। गवाही के दौरान गांव के ही राजेश व नीरज से कोर्ट में बयान दिए कि घटना के बाद 13 जून की सुबह राधेश्याम ने पत्नी की हत्या करने की बात कही थी।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने जघन्य अपराध बता कड़ी सजा देने की मांग की थी। शुक्रवार को कोर्ट ने राधेश्याम को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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नधिया खुर्द गांव निवासी पूनम की 12 जून 2015 को घर के अंदर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में पूनम के पूर्व पति राजेंद्र कुमार ने गांव के राधेश्याम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूनम घटना के सात साल पहले पति राजेंद्र को छोड़कर राधेश्याम के साथ बतौर पत्नी रहने लगी थी।
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इससे अभिलेखों में उसके पति का नाम राधेश्याम ही दर्ज था। मामले की सुनवाई जिला जज अनिल कुमार झा की कोर्ट में चल रही थी। गवाही के दौरान गांव के ही राजेश व नीरज से कोर्ट में बयान दिए कि घटना के बाद 13 जून की सुबह राधेश्याम ने पत्नी की हत्या करने की बात कही थी।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों का विरोध करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने जघन्य अपराध बता कड़ी सजा देने की मांग की थी। शुक्रवार को कोर्ट ने राधेश्याम को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।