Chitrakoot: गन्ने के खेत में घूस गया था तेंदुआ, खास रेस्क्यू अभियान चलाकर पकड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
Leopard Caught: बछिया का शिकार कर गन्ने के खेत में तेंदुआ घूस गया था। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर पकड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
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चित्रकूट जिले में वन विभाग के रैपुरा रेंज क्षेत्र के बराछी गांव में एक तेंदुआ ने जमकर उत्पात मचाया। एक गोवंश का शिकार किया। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने एक साथ उसे खदेड़ा, तो वह एक गेहूं के खेत में घुस गया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी।
तेंदुआ (नर) को वन विभाग की टीम ने पांच घंटे रेस्क्यू कर रविवार की दोपहर तीन बजे जाल में फंसा कर पकड़ लिया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रविवार की सुबह तेंदुआ बराछी गांव में ही किसान कल्लू दुबे के घर के बाहर बाड़े में एक बछिया का शिकार किया।
ग्रामीणों ने खदेडा तो वह भाग कर गन्ने के खेत में बैठ गया। ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी थी। वन विभाग की टीम तेंदुआ को पकडने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। इसी बीच तेंदुआ भागकर श्रवण कुमार के खेत में घुस गया।
पांच घंटे से अधिक चला रेस्क्यू अभियान
पुलिस फोर्स व वन विभाग की टीमों ने लगातार पांच घंटे से अधिक रेस्क्यू अभियान चलाया। किसी तरह से तेंदुआ को जाल में फंंसा लिया। इस कार्य में किसानों ने भी वन विभाग की टीम की मदद किया। वन विभाग की टीम मेंं प्रमुख रूप से रानीपुर टाइगर रिजर्व के उप निदेशक पीके त्रिपाठी, रैपुरा रेंजर दिवाकर राजपूत आदि मौजूद रहे। इस रेस्क्यू में ग्रामीणों ने साहसिक भूमिका निभाई।
आधुनिक साधन न होने हो रही समस्या
रानीपुर टाइगर रिजर्व के उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि आधुनिक साधन वन विभाग के पास नहीं है। इससे समस्या होती है। जंगली जानवरों को पकडने का काम खतरे से कम नहीं है। साधन न होने से समस्या होती है। इस तेंदुआ को भी जाल के सहारे पकड़ा गया है।