Leopard in Kanpur: फिर ओझल हुआ तेंदुआ, आईआईटी से एनएसआई तक हो रही तलाश, 24 घंटे से नहीं लगा सुराग
आईआईटी में 12 दिन बाद दिखा तेंदुआ फिर ओझल हो गया है। इसके चलते आईआईटी से एनएसआई तक तलाश हो रही है, लेकिन 24 घंटे से सुराग नहीं लगा है।
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कानपुर में 12 दिन बाद आईआईटी परिसर में दिखे तेंदुए की दहशत जारी है। आईआईटी और एनएसआई परिसर में लोगों को सतर्क रहने और अकेले या रात में गैर जरूरी काम से न निकलने के लिए कह दिया गया है। वहीं, तेंदुए को पकड़ने के लिए तमाम प्रयास करने में जुटे वन विभाग को पिछले 24 घंटे में एक बार भी तेंदुआ दिखाई नहीं दिया।
आईआईटी से लेकर एनएसआई तक वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगा रखे हैं, लेकिन किसी भी पिंजरे में मौजूद शिकार को तेंदुए ने अपना निशाना नहीं बनाया। शुक्रवार रात को उसकी हलचल न दिखने पर शनिवार को दिनभर वन विभाग की टीमों ने जंगल के अंदरूनी इलाकों में गश्त की।
बता दें, तेंदुए को 13 व 14 नवंबर को ऑर्डिनेंस फैक्टरी एरिया में देखा गया था। करीब एक महीने से कानपुर में तेंदुआ दहशत का पर्याय बना हुआ है, लेकिन वन विभाग उसे पकड़ नहीं पा रहा है। बता दें तेंदुए के दिखने की सूचना के साथ ही एक बार फिर वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है।
तेंदुए की यूरिन भी डाला पिंजरे के नजदीक
डीएफओ श्रद्धा यादव ने बताया कि एनएसआई कैंपस के आसपास बने घने जंगलों में दो पिंजरे लगाए गए हैं। गन्ने के खेत के नजदीक भी एक पिंजरा लगाया गया है। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए एक अन्य तेंदुए के यूरिन को भी पिंजरों के आसपास डाला गया है। हालांकि इसके बाद भी तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से दूर है।
तेंदुए की हमले की सूचना निकली अफवाह
शुक्रवार देर रात नौरैयाखेड़ा में साइकिल सवार पर तेंदुए के हमले की सूचना फर्जी निकली। पुलिस का कहना है कि दो साइकिल सवार युवकों में झगड़ा हो गया था और एक युवक ने दूसरे को झाड़ियों की तरफ खींचकर पीटना शुरू कर दिया। अंधेरे की वजह से तेंदुआ समझकर महिला वहां से भाग निकली थी।