UP: आत्महत्या को ट्रेन के आगे हाथ जोड़कर खड़ा हुआ लेखपाल, चपेट में आने से हुआ घायल…हालत गंभीर, पढ़ें मामला
Auraiya News: तहसीलदार बिधूना रनवीर सिंह ने बताया कि वह हादसे में घायल लेखपाल चंद्रपाल को देखने सैफई आए हुए हैं। यहां वह बेहोशी की हालत में है। घटना के पीछे की क्या वजह से इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल अभी कारणों का पता नहीं चल सका है।
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औरैया जिले में दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के अछल्दा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह आत्महत्या के इरादे से ट्रैक से गुजर रही ट्रेन के आगे खड़ा हुआ लेखपाल चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची आरपीएफ ने गंभीर हालत में लेखपाल को सीएचसी पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने चिंताजनक हालत में उसे सैफई रेफर कर दिया है। लेखपाल के आत्महत्या करने के प्रयास के पीछे की वजह का पता नहीं चल सका है।
मामले में पुलिस छानबीन कर रही है। घटना की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंच गए हैं। बिधूना निवासी चंद्रपाल राजपूत ( 50 ) पुत्र घनाराम राजपूत एरवाकटरा क्षेत्र में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। बुधवार को वह अछल्दा रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। इसी बीच कानपुर की ओर से अप लाइन पर वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस संख्या 03109 ट्रेन को आते देख चंद्रपाल रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के आगे हाथ जोड़कर खड़े हो गए।
यह देख स्टेशन पर मौजूद लोगों में खलबली मच गई। यही नहीं ट्रैक पर आ रही वडोदरा स्पेशन एक्सप्रेस के चालक ने जब सामने किसी व्यक्ति को हाथ जोड़कर खड़े देखा तो उसने हार्न बजाया, लेकिन लेखपाल ट्रैक से नहीं हटा। इससे पहले कि रेलवे लोको पायलट ट्रेन को रोक पाता, तब तक चंद्रपाल ट्रेन के इंजन की चपेट में आकर उसमें फंस गया। इससे उसका एक पैर ट्रैक पर रगड़कर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
22 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस
लोको पॉयलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। साथ ही स्टेशन मास्टर को पूरे मामले की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने चंद्रपाल को इंजन से किसी तरह से निकाला। यहां एंबुलेंस से तत्काल उनको सीएचसी अछल्दा में भर्ती कराया, जहां मौजूद डॉक्टर ने इलाज के उपरांत सैफई रेफर कर दिया। इस बीच वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस लगभग 22 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही। इससे पीछे से आ रही मालगाड़ी और टाटा नई दिल्ली एक्सप्रेस को आउटर के होम सिग्नल पर ही रोकना पड़ा।
अभी कारणों का पता नहीं चल सका है
इधर, गंभीर हालत में लहूलुहान युवक की जेब की तलाशी ली गई, तो उसमें से एक टिकट इटावा जाने के लिए मेमो का निकला। साथ ही एक कागज भी निकला, जिसमें घर का पता लिखा था। इस पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही घायल लेखपाल का छोटा पुत्र सत्यम सीएचसी पहुंच गया था। इस संबंध में तहसीलदार बिधूना रनवीर सिंह ने बताया कि वह हादसे में घायल लेखपाल चंद्रपाल को देखने सैफई आए हुए हैं। यहां वह बेहोशी की हालत में है। घटना के पीछे की क्या वजह से इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल अभी कारणों का पता नहीं चल सका है।
प्वाइंट मरम्मत के चलते कॉसन देकर धीमी गति से निकाली जा रही थी ट्रेन से बची जान
अछल्दा रेलवे स्टेशन की डाउन लाइन पर लूप लाइन के खराब चल रहे प्वाइंट की मरम्मत का काम चल रहा है। जिसके चलते ट्रैक से कासन देकर ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जा रहा है। बुधवार को भी यह सिलसिला जारी है। इसी बीच किसी बात से क्षुब्ध लेखपाल चंद्रपाल ट्रैक पर आत्महत्या के इरादे से ट्रेन के सामने खड़े हो गए। गनीमत यह रही कि कासन के चलते ट्रेन धीमी गति से निकल रही थी, जिससे वह केवल घायल ही हुई। अन्यथा की स्थिति में यदि रुटीन दिनों की तरह ट्रेन अपनी निर्धारित गति से निकल रही होती, तो शरीर के परखच्चे भी उड़ सकते थे।