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कन्नौज: डीएम, एडीएम के सामने लेखपालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
Wed, 25 Sep 2019 03:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 03:21 AM IST
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लेखपालों को डंडे लेकर दौड़ाते बवाल कर रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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कलक्ट्रेट में मंगलवार को शर्मसार करने वाली घटना हुई। डीएम को ज्ञापन देने कलक्ट्रेट आए वकीलों के साथ पहुंचे लोगों ने एडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे लेखपालों पर डंडों से हमला बोल दिया। डीएम-एडीएम जब तक इन्हें रोकते, तब तक इन लोगों ने अफसरों के सामने ही लेखपालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। महिला लेखपालों को भी पीटा। लेखपालों का बैनर, रजिस्टर और अन्य दस्तावेज फाड़ दिए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को संभाला। इसके बाद वकीलों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से वार्ता की।
अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा कर छिबरामऊ तहसील में हुई घटना में वकीलों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने, आरोपी लेखपालों को गिरफ्तार करने की मांग की। मांग पूरी होने तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की। घटना के विरोध में लेखपालों के पक्ष में कलक्ट्रेट और तहसील के कर्मचारी भी आ गए हैं। उन्होंने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। कलक्ट्रेट में लेखपालों पर हमले के मामले में कन्नौज बार एसोसिएशन अध्यक्ष समेत 15 नामजद और 250-300 अज्ञात वकीलों के खिलाफ गंभीर धाराओं में सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मुकदमा घायल लेखपाल अजय कुमार अवस्थी की ओर से दर्ज कराया गया है। इसमें आरोप लगाया है कि वकीलों ने जिलाधिकारी के सामने लेखपालों पर हमला बोल दिया। महिला लेखपालों के साथ अभद्रता कर कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। तहरीर जिलाधिकारी की ओर से पुलिस अधीक्षक को दी गई है।20 सितंबर को छिबरामऊ में लेखपालों-वकीलों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में अधिवक्ता और लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं।
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लेखपाल कलक्ट्रेट में एडीएम कार्यालय के बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। छिबरामऊ बार एसोसिएशन के समर्थन में कूदे कन्नौज बार एसोसिएशन, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन और लायर्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता संयुक्त रूप से करीब 200 की संख्या में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम रवींद्र कुमार को ज्ञापन देने पहुंचे थे। अधिवक्ता डीएम कार्यालय में प्रवेश करते, इससे पहले ही कई लोग लेखपालों के धरना स्थल तक पहुंच गए। यह नारेबाजी करने लगे।
यह देख डीएम रवींद्र कुमार और एडीएम यूसी उपाध्याय मौके पर पहुंच गए। यह हंगामा कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास करने लगे। सीओ सिटी श्रीकांत गौतम, कोतवाल सदर विनोद मिश्रा यह देख सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। यह हंगामा करने वालों को शांत करने लगे।प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इसी दौरान आक्रोशित लोगों की डीएम और एडीएम से झड़प होने लगी। कई लोग धक्का मुक्की कर पास में लगे पेड़ों की डालें तोड़कर लेखपालों तक पहुंच गए। इन्होंने हमला कर दिया।
लेखपालों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। फोर्स कम होने के कारण पुलिस असहाय नजर आई। महिला लेखपाल कमरों में घुस गईं। इनसे यहां मारपीट की गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। करीब आधे घंटे बाद एसपी अमरेंद्र प्रसाद, एएसपी विनोद कुमार के साथ ही भारी फोर्स कलक्ट्रेट पहुंच गया। कई थानों की फोर्स और पीएसी बुला ली गई। मारपीट में लेखपाल अजय अवस्थी का सिर फट गया। लेखपाल विक्रम और अनीस को भी चोटें आईं। इन्हें एडीएम ने पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल भिजवाया।
लाठीचार्ज में एडवोकेट यादवेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, रमभजन पाल, पियूष चतुर्वेदी और अशोक दोहरे के साथ ही एक महिला अधिवक्ता भी घायल हो र्गइं। इनका जिला अस्पताल में उपचार हुआ।
उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने बयान जारी कर अधिवक्ताओं पर लेखपालों पर हमला करने, तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। डीएम को दिए मांग पत्र में कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
उधर अधिवक्ता संघ, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन और लायर्स बार एसोसिएशन ने संयुक्त बयान जारी कर अधिवक्ताओं के साथ लेखपालों के अभद्रता व अपमानित करने की घटना की निंदा की। मांग की है कि जब तक अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता और आरोपी लेखपालों की गिरफ्तारी नहीं होती, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि लेखपालों से तहरीर देने के लिए कहा गया है। एसपी को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और मौके पर की गई वीडियो रिकार्डिंग के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त की जाएगी।
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अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा कर छिबरामऊ तहसील में हुई घटना में वकीलों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने, आरोपी लेखपालों को गिरफ्तार करने की मांग की। मांग पूरी होने तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की। घटना के विरोध में लेखपालों के पक्ष में कलक्ट्रेट और तहसील के कर्मचारी भी आ गए हैं। उन्होंने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। कलक्ट्रेट में लेखपालों पर हमले के मामले में कन्नौज बार एसोसिएशन अध्यक्ष समेत 15 नामजद और 250-300 अज्ञात वकीलों के खिलाफ गंभीर धाराओं में सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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मुकदमा घायल लेखपाल अजय कुमार अवस्थी की ओर से दर्ज कराया गया है। इसमें आरोप लगाया है कि वकीलों ने जिलाधिकारी के सामने लेखपालों पर हमला बोल दिया। महिला लेखपालों के साथ अभद्रता कर कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। तहरीर जिलाधिकारी की ओर से पुलिस अधीक्षक को दी गई है।20 सितंबर को छिबरामऊ में लेखपालों-वकीलों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में अधिवक्ता और लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे हैं।
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लेखपाल कलक्ट्रेट में एडीएम कार्यालय के बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। छिबरामऊ बार एसोसिएशन के समर्थन में कूदे कन्नौज बार एसोसिएशन, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन और लायर्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता संयुक्त रूप से करीब 200 की संख्या में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे डीएम रवींद्र कुमार को ज्ञापन देने पहुंचे थे। अधिवक्ता डीएम कार्यालय में प्रवेश करते, इससे पहले ही कई लोग लेखपालों के धरना स्थल तक पहुंच गए। यह नारेबाजी करने लगे।
यह देख डीएम रवींद्र कुमार और एडीएम यूसी उपाध्याय मौके पर पहुंच गए। यह हंगामा कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास करने लगे। सीओ सिटी श्रीकांत गौतम, कोतवाल सदर विनोद मिश्रा यह देख सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। यह हंगामा करने वालों को शांत करने लगे।प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो इसी दौरान आक्रोशित लोगों की डीएम और एडीएम से झड़प होने लगी। कई लोग धक्का मुक्की कर पास में लगे पेड़ों की डालें तोड़कर लेखपालों तक पहुंच गए। इन्होंने हमला कर दिया।
लेखपालों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा गया। फोर्स कम होने के कारण पुलिस असहाय नजर आई। महिला लेखपाल कमरों में घुस गईं। इनसे यहां मारपीट की गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। करीब आधे घंटे बाद एसपी अमरेंद्र प्रसाद, एएसपी विनोद कुमार के साथ ही भारी फोर्स कलक्ट्रेट पहुंच गया। कई थानों की फोर्स और पीएसी बुला ली गई। मारपीट में लेखपाल अजय अवस्थी का सिर फट गया। लेखपाल विक्रम और अनीस को भी चोटें आईं। इन्हें एडीएम ने पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल भिजवाया।
लाठीचार्ज में एडवोकेट यादवेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, रमभजन पाल, पियूष चतुर्वेदी और अशोक दोहरे के साथ ही एक महिला अधिवक्ता भी घायल हो र्गइं। इनका जिला अस्पताल में उपचार हुआ।
उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने बयान जारी कर अधिवक्ताओं पर लेखपालों पर हमला करने, तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। डीएम को दिए मांग पत्र में कहा है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
उधर अधिवक्ता संघ, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन और लायर्स बार एसोसिएशन ने संयुक्त बयान जारी कर अधिवक्ताओं के साथ लेखपालों के अभद्रता व अपमानित करने की घटना की निंदा की। मांग की है कि जब तक अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता और आरोपी लेखपालों की गिरफ्तारी नहीं होती, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि लेखपालों से तहरीर देने के लिए कहा गया है। एसपी को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और मौके पर की गई वीडियो रिकार्डिंग के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त की जाएगी।