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निलंबित वार्ड ब्वाय पर कार्रवाई के लिए मांगी विधिक राय
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कानपुर देहात। जिला अस्पताल में ओपीडी बंद कर हंगामा करने वाले निलंबित वार्ड ब्वॉय पर आगे की कार्रवाई के लिए सीएमएस की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है।
अकबरपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल से उड़ती धूल से अस्पताल परिसर में रहने वाले स्टाफ के घरों की नालियां चोक हो गई थी। इस समस्या को लेकर जिला अस्पताल के वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला ने साथियों के साथ मिलकर ओपीडी और पंजीकरण कक्ष को बंद कर हंगामा काटा था। समझाने पर उसने अपने साथियों के साथ पुलिस को बंधक बना लिया था। मामले में रजनीश के ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ। सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने अभियोजन अधिकारी से विधिक राय लेने के बाद रजनीश को निलंबित कर उसे सीएमओ कार्यालय में संबद्ध कर दिया था। आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सीएमएस की ओर से तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी थी। समिति ने आगे की कार्रवाई के लिए सीएमएस को पत्र लिखा तो उन्होंने जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखकर आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है।
कार्रवाई न होने से साथी हो गए दुस्साहसी
वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला को निलंबित होने के बाद उसके साथियों को सीएमएस ने सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इससे वे दुस्साहसी हो गए हैं। इस वजह से अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वॉय मरीजों से ठीक तरीके से पेश नहीं आते।
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निलंबित वार्ड का अवैध कब्जा अभी भी बरकरार
निलंबित वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला ने सीएमएस आवास के बगल में ही कब्जा किया है। सीएमएस ने साढ़े चार माह पहले इसकी जांच कराई तो निर्माण अवैध पाया, लेकिन अभी तक अवैध निर्माण गिराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाया है।
वार्ड ब्वॉय रजनीश का निलंबन हुए पांच माह हो गए हैं। गठित टीम की रिपोर्ट पर विधिक राय के लिए जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।
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अकबरपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 300 बेड के अस्पताल से उड़ती धूल से अस्पताल परिसर में रहने वाले स्टाफ के घरों की नालियां चोक हो गई थी। इस समस्या को लेकर जिला अस्पताल के वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला ने साथियों के साथ मिलकर ओपीडी और पंजीकरण कक्ष को बंद कर हंगामा काटा था। समझाने पर उसने अपने साथियों के साथ पुलिस को बंधक बना लिया था। मामले में रजनीश के ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ। सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने अभियोजन अधिकारी से विधिक राय लेने के बाद रजनीश को निलंबित कर उसे सीएमओ कार्यालय में संबद्ध कर दिया था। आरोप पत्र दाखिल करने के लिए सीएमएस की ओर से तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी थी। समिति ने आगे की कार्रवाई के लिए सीएमएस को पत्र लिखा तो उन्होंने जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखकर आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी है।
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कार्रवाई न होने से साथी हो गए दुस्साहसी
वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला को निलंबित होने के बाद उसके साथियों को सीएमएस ने सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इससे वे दुस्साहसी हो गए हैं। इस वजह से अस्पताल में तैनात वार्ड ब्वॉय मरीजों से ठीक तरीके से पेश नहीं आते।
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निलंबित वार्ड का अवैध कब्जा अभी भी बरकरार
निलंबित वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला ने सीएमएस आवास के बगल में ही कब्जा किया है। सीएमएस ने साढ़े चार माह पहले इसकी जांच कराई तो निर्माण अवैध पाया, लेकिन अभी तक अवैध निर्माण गिराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाया है।
वार्ड ब्वॉय रजनीश का निलंबन हुए पांच माह हो गए हैं। गठित टीम की रिपोर्ट पर विधिक राय के लिए जिला अभियोजन अधिकारी को पत्र लिखा गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।