फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Left the post of VC of CSJMU, now became VC of Bhagalpur University, Prof. Neelima Gupta

सीएसजेएमयू की वीसी का पद छोड़ा, अब भागलपुर यूनिवर्सिटी की वीसी बनीं प्रो. नीलिमा गुप्ता

Sun, 20 Sep 2020 10:26 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 20 Sep 2020 10:26 AM IST
विज्ञापन
Left the post of VC of CSJMU, now became VC of Bhagalpur University, Prof. Neelima Gupta
प्रो. नीलिमा गुप्ता - फोटो : amar ujala
छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी की वीसी प्रो. नीलिमा गुप्ता, टीएम भागलपुर यूनिवर्सिटी (बिहार) की वीसी बन गई हैं। कार्यकाल पूरा होने के चार महीने पहले ही उन्होंने सीएसजेएमयू की वीसी का पद छोड़ दिया। ऐसे में सीएसजेएमयू के वीसी का चार्ज कमिश्नर या झांसी, लखनऊ यूनिवर्सिटी के वीसी को मिल सकता है। 
विज्ञापन


प्रो. नीलिमा गुप्ता का कार्यकाल फरवरी में पूरा हो रहा था। अक्तूबर में वह 65 साल पूरे कर रहीं थी। विवि में भी काफी समय से चर्चा थी कि वीसी 65 साल पूरे होने से पहले किसी अन्य यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन कर रहीं हैं। विवि में चल रहीं तमाम अटकलों को शनिवार को विराम लग गया।
विज्ञापन


अब विवि में न तो वीसी और न ही रजिस्ट्रार के पद पर स्थायी नियुक्ति रह गई है। वीसी ने लगभग तीन साल के कार्यकाल में रिसर्च वर्क पर काफी जोर दिया। विवि प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि हालांकि वीसी अभी सीएसजेएमयू में रहकर ही कार्य करेंगी। कई अधूरे कार्यों को भी पूरा करेंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 

छोटी यूनिवर्सिटी है टीएम भागलपुर
सीएसजेएमयू से 11 जिलों के करीब 1100 कॉलेज संबंद्ध हैं। कैंपस में 71 कोर्स संचालित होते हैं। वहीं भागलपुर यूनिवर्सिटी बेहद छोटी है। यूनिवर्सिटी में 7-8 कोर्स संचालित होते  हैं और 150 कॉलेज ही संबद्ध हैं। 

वीसी के नाम यह रहे काम
विवि की वीसी बनने से पहले प्रो नीलिमा गुप्ता एमजेपी रूहेलखंड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं। 2015 में उनको विज्ञान रत्न और 2016 में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिल चुका है। उनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके  हैं।

उनके कार्यकाल में निर्माण कार्य पर अधिक फोकस रहा। स्वीमिंग पूल, योग केंद्र, बायोटेक्नोलॉजी और फार्मेसी की नई लैब बनाई गई। सूक्ष्म जीवों पर शोध के लिए 60 लाख का प्रोजेक्ट मिला, डिजिटल  लाइब्रेरी, रिकार्ड रूम के लिए अलग भवन निर्माण, गर्भ संस्कार और योग के कोर्स संचालित किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed