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उन्नाव कांड: दुष्कर्म पीड़िता कार हादसे में दो वकीलों की नामजदगी पर अधिवक्ताओं ने जताई आपत्ति

Thu, 01 Aug 2019 10:36 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 01 Aug 2019 10:36 PM IST
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lawyers objection on two advocates name in cbi list of unnao misdeed case
उन्नाव बार एसोसिएशन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अधिवक्तागण - फोटो : अमर उजाला
रायबरेली में हुए कार हादसे में एक अधिवक्ता की हालत गंभीर है। उसी मामले में दो अधिवक्ता नामजद किए गए हैं। एक अधिवक्ता ने शासन से सुरक्षा मांगी है। फिर भी बार एसोसिएशन घायल साथी की एक लाख रुपये से मदद करेगा। साथी अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे को गलत मान रहे हैं। इन दोनों अधिवक्ताओं पर पूर्व में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। यह बात बार संघ के अध्यक्ष ने कही है।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने बार एसोसिएशन के सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि रविवार को दुष्कर्म पीड़िता साथी वकील महेंद्र सिंह व परिवार के अन्य सदस्याें के साथ जेल में बंद चाचा से मिलने रायबरेली जा रही थी।
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार में ट्रक में मारी - फोटो : अमर उजाला
रायबरेली में हुई मार्ग दुर्घटना में पीड़िता की चाची व मौसी की मौत हुई थी जबकि साथी वकील व दुष्कर्म पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनका इलाज लखनऊ में चल रहा है। इस मामले में दर्ज हुए मुकदमे में अधिवक्ता अवधेश सिंह व ज्ञानेंद्र सिंह सेंगर की नामजदगी गलत है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अधिवक्ताओं को गलत फंसाया न जाए। घायल हुए अधिवक्ता महेंद्र और अवधेश सिंह 12 सालों से गुरु शिष्य हैं। महेंद्र के ठीक होने पर ही हकीकत सामने आएगी। 

अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कहा कि वकील होने के नाते केवल अपने पेशे वाला काम किया है। महेंद्र मेरा प्रिय शिष्य है। किशोरी के चाचा के खिलाफ 8 मुकदमों में काउंसलर हूं। जेल में बंद अतुल सिंह के एक मुकदमे में पैरवी की थी। जिसमें किशोरी के चाचा को सजा हुई है। इसी के कारण एफआईआर में नाम शामिल कराया गया।

देवेंद्र सिंह की ओर से सुरक्षा मांगे जाने के सवाल पर उनका कहना था कि वह अपने को अधिवक्ता महेंद्र का भाई बताते हैं। जबकि दूर दूर तक उनका कोई नाता नहीं है। इस दौरान बार महामंत्री सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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