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अधिवक्ता हत्याकांड: कई वकीलों ने पुलिस से किया संपर्क, उठेगा राज से पर्दा
Mon, 20 Dec 2021 10:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 20 Dec 2021 10:08 AM IST
सार
कानपुर कचहरी में बीते शुक्रवार को हुए बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान अधिवक्ता गौतम दत्त (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने भाजपा नेता तरु अग्रवाल व तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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चुनाव में हुई थी वकील की हत्या
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर में अधिवक्ता गौतम दत्त हत्याकांड के मामले में अब तक एक दर्जन वकीलों ने पुलिस से संपर्क किया है। इन वकीलों ने दावा किया है कि उनको घटना के बारे में कुछ न कुछ जानकारी है। आशंका है कि ये सभी प्रत्यक्षदर्शी हैं। एक दो दिन के भीतर ये सभी वकील बयान दर्ज कराएंगे। जिससे वारदात के राज का पर्दाफाश होगा।
स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर अधिवक्ता व आरोपी के बीच उस शाम हुआ क्या था? क्या वारदात गलती से हुई या फिर इरादतन गौतम की हत्या की गई। कचहरी में बीते शुक्रवार को हुए बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान अधिवक्ता गौतम दत्त (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने भाजपा नेता तरु अग्रवाल व तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
शनिवार को तरु अग्रवाल को जेल भेज दिया गया था। उसने दावा किया है कि गोली गलती से चली जो गौतम को लगी। गौतम उसका दोस्त था। इस तथ्य के सत्यापन में पुलिस जुटी है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया था कि सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि वारदात के वक्त 10-12 लोग वहां मौजूद थे। जिन्होंने पूरी घटना देखी है।
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इसलिए कमिश्नर ने उनसे अपील की थी वह पुलिस के सामने आकर अपने बयान दर्ज कराएं। एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह ने बताया कि करीब एक दर्जन वकीलों ने संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि वह सोमवार या मंगलवार तक अपने बयान दर्ज कराएंगे। इन सभी के बयान मामले में बेहद अहम हैं।
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स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर अधिवक्ता व आरोपी के बीच उस शाम हुआ क्या था? क्या वारदात गलती से हुई या फिर इरादतन गौतम की हत्या की गई। कचहरी में बीते शुक्रवार को हुए बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान अधिवक्ता गौतम दत्त (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने भाजपा नेता तरु अग्रवाल व तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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शनिवार को तरु अग्रवाल को जेल भेज दिया गया था। उसने दावा किया है कि गोली गलती से चली जो गौतम को लगी। गौतम उसका दोस्त था। इस तथ्य के सत्यापन में पुलिस जुटी है। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया था कि सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हुआ है कि वारदात के वक्त 10-12 लोग वहां मौजूद थे। जिन्होंने पूरी घटना देखी है।
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इसलिए कमिश्नर ने उनसे अपील की थी वह पुलिस के सामने आकर अपने बयान दर्ज कराएं। एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह ने बताया कि करीब एक दर्जन वकीलों ने संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि वह सोमवार या मंगलवार तक अपने बयान दर्ज कराएंगे। इन सभी के बयान मामले में बेहद अहम हैं।
हत्यारोपी ने बताए थे 5-6 लोगों के नाम
पुलिस ने जब हत्यारोपी तरु अग्रवाल से पूछताछ की थी तो उसने पांच छह लोगों के नाम बताए थे। दावा किया था कि जब वह हवाई फायरिंग कर रहा था तब ये सभी वहां मौजूद थे। ये सभी वकील हैं। पुलिस इन सभी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी। वहीं, पुलिस जांच कर पता कर रही है कि अज्ञात आरोपी कौन-कौन हैं। अगर गलती से गोली चली तो अज्ञात आरोपियों की भूमिका मिलना न के बराबर है।
तीन बिंदुओं पर पुलिस की जांच
केस हत्या का दर्ज है। परिजनों ने तरु अग्रवाल पर चुनावी रंजिश में हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप लगाया है। उधर तरु अग्रवाल ने पूछताछ में बताया था कि पहली गोली उसने हवा में चलाई थी। दूसरा फायर मिस हुआ तो वह असलहा देखना लगा इसी दौरान गोली चल गई जो गौतम को लगी। इसलिए पुलिस इस पूरे मामले में हत्या, गैर इरादतन हत्या व लापरवाही से गोली चलने के बिंदु पर तफ्तीश कर रही है। इसमें आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ाई गई है।
रिमांड पर लिया जाएगा आरोपी
पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि उसने तमंचा कचहरी में ही फेंक दिया था। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार का कहना है कि जिस जगह पर उसने तमंचा फेंकने की बात बताई थी वहां से बरामद नहीं हुआ है। इसलिए अब उसको कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही विवेचक इस संबंध में कोर्ट में अर्जी देंगे। जिससे रिमांड पर लेने के बाद तमंचा बरामद किया जा सके।
पुलिस ने जब हत्यारोपी तरु अग्रवाल से पूछताछ की थी तो उसने पांच छह लोगों के नाम बताए थे। दावा किया था कि जब वह हवाई फायरिंग कर रहा था तब ये सभी वहां मौजूद थे। ये सभी वकील हैं। पुलिस इन सभी को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाएगी। वहीं, पुलिस जांच कर पता कर रही है कि अज्ञात आरोपी कौन-कौन हैं। अगर गलती से गोली चली तो अज्ञात आरोपियों की भूमिका मिलना न के बराबर है।
तीन बिंदुओं पर पुलिस की जांच
केस हत्या का दर्ज है। परिजनों ने तरु अग्रवाल पर चुनावी रंजिश में हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप लगाया है। उधर तरु अग्रवाल ने पूछताछ में बताया था कि पहली गोली उसने हवा में चलाई थी। दूसरा फायर मिस हुआ तो वह असलहा देखना लगा इसी दौरान गोली चल गई जो गौतम को लगी। इसलिए पुलिस इस पूरे मामले में हत्या, गैर इरादतन हत्या व लापरवाही से गोली चलने के बिंदु पर तफ्तीश कर रही है। इसमें आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ाई गई है।
रिमांड पर लिया जाएगा आरोपी
पुलिस को पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि उसने तमंचा कचहरी में ही फेंक दिया था। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार का कहना है कि जिस जगह पर उसने तमंचा फेंकने की बात बताई थी वहां से बरामद नहीं हुआ है। इसलिए अब उसको कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही विवेचक इस संबंध में कोर्ट में अर्जी देंगे। जिससे रिमांड पर लेने के बाद तमंचा बरामद किया जा सके।