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Kanpur News: एक जनपद एक व्यंजन योजना में लस्सी और खाद्य तेल शामिल
Thu, 18 Jun 2026 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:16 AM IST
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रनियां। कानपुर देहात के पारंपरिक स्वाद को अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। अब एक जनपद एक व्यंजन योजना के तहत जिले की प्रसिद्ध लस्सी और खाद्य तेल को भी विशेष पहचान दी गई है। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जनवरी माह में जिले के मिल्क केक और पेड़ा को भी विशेष पहचान मिली थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे योजना में शामिल नहीं किया गया। इन्हें सूची से हटाकर खाद्य तेल और लस्सी को शामिल किया गया है। शासन को जिले से खाद्य उत्पाद के रूप में भेजे गए प्रस्ताव पर पांच मई को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है।
उपायुक्त जिला उद्योग प्रभात कुमार ने बताया कि जिले के प्रमुख परंपरागत उत्पादों को पहचान दिलाने के बाद अब स्थानीय स्वाद को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक जनपद एक व्यंजन योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा पांच मई को इस योजना का शुभारंभ किया गया था, जिसके तहत सभी जिलों के प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजनों को विशेष पहचान प्रदान की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि कानपुर देहात से सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल और दही से तैयार की जाने वाली लस्सी को योजना के लिए प्रस्तावित किया गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों, तेल उत्पादकों और कारीगरों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही जिले की पारंपरिक लस्सी और खाद्य तेल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा मिलेगा। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि मिल्क केक और पेड़ा को आगे के प्रस्ताव में शामिल कराया जाएगा।
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जनवरी माह में जिले के मिल्क केक और पेड़ा को भी विशेष पहचान मिली थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे योजना में शामिल नहीं किया गया। इन्हें सूची से हटाकर खाद्य तेल और लस्सी को शामिल किया गया है। शासन को जिले से खाद्य उत्पाद के रूप में भेजे गए प्रस्ताव पर पांच मई को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है।
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उपायुक्त जिला उद्योग प्रभात कुमार ने बताया कि जिले के प्रमुख परंपरागत उत्पादों को पहचान दिलाने के बाद अब स्थानीय स्वाद को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक जनपद एक व्यंजन योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा पांच मई को इस योजना का शुभारंभ किया गया था, जिसके तहत सभी जिलों के प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजनों को विशेष पहचान प्रदान की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि कानपुर देहात से सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल और दही से तैयार की जाने वाली लस्सी को योजना के लिए प्रस्तावित किया गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों, तेल उत्पादकों और कारीगरों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही जिले की पारंपरिक लस्सी और खाद्य तेल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हुनर को बढ़ावा मिलेगा। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि मिल्क केक और पेड़ा को आगे के प्रस्ताव में शामिल कराया जाएगा।