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Kanpur News: लमहरा में रिंद नदी पुल के लिए अधिग्रहीत होगी 135 किसानों की जमीन
Mon, 05 Oct 2026 01:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:07 AM IST
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कानपुर देहात। रूरा के पास लमहरा में ऐतिहासिक परहुल देवी मंदिर के पास रिंद नदी पर पुल निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। पुल के एप्रोच (ढलान) मार्ग के लिए 135 किसानों की जमीन चिह्नित की गई है। अधिग्रहण वाली जमीन करीब 0.7885 हेक्टेयर है।
मैथा तहसील के लमहरा में परहुल देवी मंदिर के पास रिंद नदी पर पुल की मांग अर्से से हो रही है। पुल न होने से लोग रूरा मार्ग से करीब चार किमी का चक्कर लगाकर निकलते हैं। पुल बन जाने से नदी के दूसरी ओर खेतीबाड़ी करने में किसानों को सहूलियत होगी। वहीं काशीपुर जाने के लिए सीधे मार्ग उपलब्ध होगा। इससे समय और चक्कर बचेगा। शासन ने 14.07 करोड़ से पुल निर्माण की मंजूरी दी है। बीते मार्च में पहली किस्त में 4.92 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। इसी क्रम में सेतु निगम की ओर से पुल निर्माण स्थल पर सर्वे के बाद ढलान मार्ग के लिए 135 किसानों की कुल 13 गाटे में लगभग 0.7885 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई। अब यह जमीन अधिग्रहीत की जानी है।
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बयान.....
लमहरा में पुल निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। नदी के दोनों ओर पुल के ढलान मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत है। सर्वे कर जमीन चिह्नित की गई है। आपत्ति के लिए किसानों को दस दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - धर्मेंद्र कुमार, सहायक अभियंता सेतु निगम
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किसानों का दिया नोटिस, आपत्ति के लिए 10 दिन की मोहलत
पुल निर्माण के लिए सभी 135 किसानों को सेतु निगम की ओर से नोटिस दी गई है। इन किसानों की गाटे में दर्ज भूमि की एक पटरी में आंशिक जमीन अधिग्रहीत करने की जरूरत है। ऐसे में किसी किसान की पूरी जमीन नहीं जा रही है। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई से पहले नोटिस दी गई है ताकि किसान आपत्ति दे सकते हैं। आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। इसके बाद सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण होगा। भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा आमतौर पर जिलाधिकारी के निर्धारित सर्किल रेट का चार गुना होता है।
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गाटावार किसानों की संख्या पर एक नजर
गाटा संख्या 376 में 14 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। गाटा संख्या 142 में 13, गाटा संख्या 134 में 15, गाटा संख्या 170 में पांच, गाटा संख्या 178 मिलजुमला में 11, गाटा संख्या 120 में 13, गाटा संख्या 51 में 13, गाटा संख्या 143 में 15, गाटा संख्या 136 में 11, गाटा संख्या 169 में पांच, गाटा संख्या 132 में 11, गाटा संख्या 133 में चार और गाटा संख्या 135 में 15 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है।
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मैथा तहसील के लमहरा में परहुल देवी मंदिर के पास रिंद नदी पर पुल की मांग अर्से से हो रही है। पुल न होने से लोग रूरा मार्ग से करीब चार किमी का चक्कर लगाकर निकलते हैं। पुल बन जाने से नदी के दूसरी ओर खेतीबाड़ी करने में किसानों को सहूलियत होगी। वहीं काशीपुर जाने के लिए सीधे मार्ग उपलब्ध होगा। इससे समय और चक्कर बचेगा। शासन ने 14.07 करोड़ से पुल निर्माण की मंजूरी दी है। बीते मार्च में पहली किस्त में 4.92 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। इसी क्रम में सेतु निगम की ओर से पुल निर्माण स्थल पर सर्वे के बाद ढलान मार्ग के लिए 135 किसानों की कुल 13 गाटे में लगभग 0.7885 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई। अब यह जमीन अधिग्रहीत की जानी है।
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बयान.....
लमहरा में पुल निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। नदी के दोनों ओर पुल के ढलान मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत है। सर्वे कर जमीन चिह्नित की गई है। आपत्ति के लिए किसानों को दस दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - धर्मेंद्र कुमार, सहायक अभियंता सेतु निगम
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किसानों का दिया नोटिस, आपत्ति के लिए 10 दिन की मोहलत
पुल निर्माण के लिए सभी 135 किसानों को सेतु निगम की ओर से नोटिस दी गई है। इन किसानों की गाटे में दर्ज भूमि की एक पटरी में आंशिक जमीन अधिग्रहीत करने की जरूरत है। ऐसे में किसी किसान की पूरी जमीन नहीं जा रही है। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई से पहले नोटिस दी गई है ताकि किसान आपत्ति दे सकते हैं। आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। इसके बाद सहमति के आधार पर जमीन अधिग्रहण होगा। भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा आमतौर पर जिलाधिकारी के निर्धारित सर्किल रेट का चार गुना होता है।
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गाटावार किसानों की संख्या पर एक नजर
गाटा संख्या 376 में 14 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। गाटा संख्या 142 में 13, गाटा संख्या 134 में 15, गाटा संख्या 170 में पांच, गाटा संख्या 178 मिलजुमला में 11, गाटा संख्या 120 में 13, गाटा संख्या 51 में 13, गाटा संख्या 143 में 15, गाटा संख्या 136 में 11, गाटा संख्या 169 में पांच, गाटा संख्या 132 में 11, गाटा संख्या 133 में चार और गाटा संख्या 135 में 15 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है।