{"_id":"5b4a20324f1c1b3b5a8b4a9f","slug":"land-divided-in-two-pieces","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो टुकड़ों में बंटा खेत देख पैरों तले खिसक गई जमीन, देखते ही देखते घुस गया पूरा बांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो टुकड़ों में बंटा खेत देख पैरों तले खिसक गई जमीन, देखते ही देखते घुस गया पूरा बांस
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 14 Jul 2018 09:39 PM IST
विज्ञापन
धरती दरकने के स्थान को देखने जुटे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के फतेहपुर जिले में एक किसान की जमीन लंबाई में करीब सौ मीटर तक दो भागों में दरक गई।शनिवार की सुबह जानकारी पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। कुछ जगह ऐसी है जहां की गहराई की थाह नहीं लगी। धरती दरकने की खबर आसपास के गांवों तक फैल गई। बड़ी संख्या में लोग घटना को करीब से देखने पहुंचे।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के गांवर गांव के किसान रामशरण रैदास सुबह अपने खेत गए थे। खेत दो भागों में बंटा देख रामशरण के पैरों तले धरती दरक गई। रामशरण ने बताया कि उनके खेत से एक बाग तक करीब सौ मीटर क्षेत्रफल में धरती दो भागों में बंटी दिखाई दे रही है।
उन्होंने आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों को धरती फटने की घटना बताई। कई जगह जब गहराई नापने के लिए बांस डाले गए तो थाह नहीं मिली। हालांकि चौड़ाई में कुछ जगह धरती के करीब दो फीट तक दरकने के निशान हैं। यह खबर जंगल में आग की तरह फैैली और देखते ही देखते काफी संख्या में लोग करीब से घटना को देखने पहुंच गए।
विज्ञापन
गहराई देखने के लिए लोग करीब जा रहे थे, लेकिन जमीन धंस जाने के डर से पीछे हट गए। गांव के गया पाल सिंह, रामधनी, अतर सिंह, रन्नो देवी ने बताया कि आबादी में यह घटना होती तो लोगों को भारी क्षति उठानी पड़ती। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसान को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। उधर, तहसीलदार प्रमेश श्रीवास्तव का कहना है कि ज्यादा गर्मी के चलते धरती की भौगोलिक संरचना में यह परिवर्तन हुआ है। बारिश होने पर जमीन में दरारें पड़ जाना स्वाभाविक है।
विज्ञापन
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के गांवर गांव के किसान रामशरण रैदास सुबह अपने खेत गए थे। खेत दो भागों में बंटा देख रामशरण के पैरों तले धरती दरक गई। रामशरण ने बताया कि उनके खेत से एक बाग तक करीब सौ मीटर क्षेत्रफल में धरती दो भागों में बंटी दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
उन्होंने आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों को धरती फटने की घटना बताई। कई जगह जब गहराई नापने के लिए बांस डाले गए तो थाह नहीं मिली। हालांकि चौड़ाई में कुछ जगह धरती के करीब दो फीट तक दरकने के निशान हैं। यह खबर जंगल में आग की तरह फैैली और देखते ही देखते काफी संख्या में लोग करीब से घटना को देखने पहुंच गए।
विज्ञापन
गहराई देखने के लिए लोग करीब जा रहे थे, लेकिन जमीन धंस जाने के डर से पीछे हट गए। गांव के गया पाल सिंह, रामधनी, अतर सिंह, रन्नो देवी ने बताया कि आबादी में यह घटना होती तो लोगों को भारी क्षति उठानी पड़ती। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसान को क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। उधर, तहसीलदार प्रमेश श्रीवास्तव का कहना है कि ज्यादा गर्मी के चलते धरती की भौगोलिक संरचना में यह परिवर्तन हुआ है। बारिश होने पर जमीन में दरारें पड़ जाना स्वाभाविक है।