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वेतन घोटाला: एक आरोपी ने मानी गलती, कहा- चूक हुई..काट लो वेतन-ग्रेच्युटी से रकम, कर्मचारी करेंगे धरना-प्रदर्शन

Sat, 27 Jul 2024 11:31 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 27 Jul 2024 11:31 AM IST
सार

Kanpur News: बीआईसी के उच्च अफसर इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि आरोपी अन्य तीन अफसरों को बचाने की कोशिश तो नहीं कर रहा है। दरअसल इन अफसरों के पास ही भुगतान से जुड़ा पासवर्ड होता था। इसके बिना कोई रकम किसी अन्य के खाते में नहीं जा सकती थी।

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Lal Imli Salary scam, One accused admitted his mistake, said deduct the amount from salary and gratuity
lal imli mill - फोटो : social media

विस्तार

कानपुर की लाल इमली मिल में हुए 23 लाख के वेतन घोटाले में नया मोड़ आया है। एक आरोपी अफसर ने गलती स्वीकार करते हुए प्रशासनिक अफसर को जवाब दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि उससे चूक हुई है तो उसके वेतन-ग्रेच्युटी से रकम रिकवर कर ली जाए। अब बीआईसी के अधिकारी आरोपी अफसरों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं। आरोपी अफसर के साला-साली के खातों में ही रकम भेजी गई थी।

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लाल इमली मिल में काम न करने वाले तीन लोगों के खातों में रुपये भेजे गए थे। प्रारंभिक जांच में बीआईसी ने विभागाध्यक्ष वित्त राखी सेठी, लाल इमली मिल इंचार्ज बीके मौर्या, अकाउंट अफसर विनय मिश्रा, धनराशि स्वीकृत करने वाले अधिकारी मनोज शुक्ला को दोषी मानते हुए पांच जुलाई को चार्जशीट दी थी। इन सभी ने जवाब दाखिल कर दिए हैं।
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इसमें से एक अफसर के रिश्तेदारों के खातों में रकम जाने की बात सामने आ रही है। सूत्रों ने बताया कि एक अफसर ने जवाब दाखिल करके त्रुटि या चूक से गलत भुगतान होने की बात स्वीकारी है। अब बीआईसी के उच्च अफसर इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि आरोपी अन्य तीन अफसरों को बचाने की कोशिश तो नहीं कर रहा है।

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अफसरों की मिलीभगत से लाखों का घोटाला
दरअसल इन अफसरों के पास ही भुगतान से जुड़ा पासवर्ड होता था। इसके बिना कोई रकम किसी अन्य के खाते में नहीं जा सकती थी। बता दें कि, भुगतान जुलाई 2023 में हुआ था और नए खाते मार्च में ही खुल गए थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि सभी आरोपी अफसरों की मिलीभगत से लाखों का घोटाला किया गया था।

कपड़ा मंत्री को भेजा गया है पत्र
मिल में नए खाते खोले ही नहीं जाते, किसी कर्मचारी के देहांत होने की स्थिति में उनके वारिस के खाते ही खुलते हैं। लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि एक आरोपी अफसर ने जवाब दाखिल करके गलती होने की बात स्वीकारी है। मामले की अन्य एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि पूरे घोटाले का राज खुल सके। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को कपड़ा मंत्री को पत्र भेजा गया है।

धरना-प्रदर्शन करेंगे कर्मचारी
इसमें कर्मचारियों के 28 महीने का बकाया वेतन भुगतान कराने की मांग की गई है।  भुगतान न होने से कर्मचारी भुखमरी की कगार पर हैं। 23 जुलाई को एक कर्मचारी ने भुगतान न होने पर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। भुगतान न होने की स्थिति में 15 अगस्त के झंडा रोहण कार्यक्रम में शामिल न होकर मिल गेट पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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