फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   lady Principal in Primary School commited suicide in banda

प्रधानाध्यापिका ने स्कूल में मौत को लगाया गले, लालची पति की एक मांग ने छीन ली सांसें

Thu, 28 Mar 2019 06:58 PM IST
दुष्यंत शर्मा क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 28 Mar 2019 06:58 PM IST
विज्ञापन
lady Principal in Primary School commited suicide in banda
शबनम की फाइल फोटो, स्कूल के बाहर ग्रामीण ग्रामीणों - फोटो : अमर उजाला
यूपी के बांदा जिले में एक विद्यालय में अपने कार्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने दरवाजे तोड़कर शव को निकाला। मृतका की मां का आरोप है कि पति 10 लाख रुपये की मांग करके उसे परेशान कर रहा था। 
विज्ञापन


झांसी जनपद के बरुआ सागर कस्बे की मूल निवासी शबनम नाजमी (29) पुत्री अली अकबर बांदा महुआ ब्लाक के छिबांव गांव में प्राथमिक विद्यालय में पिछले दो वर्षों से इंचार्ज प्रधानाध्यापिका थी। वह बांदा शहर की डीएम कॉलोनी में किराये के मकान में छोटी बहन के साथ रहती थी।
विज्ञापन

 

गुरुवार को वह सुबह 7:30 बजे अपनी स्कूटी से स्कूल पहुंच गई। प्रधानाध्यापिका कक्ष के दरवाजे बंदकर सीलिंग फैन में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गई। स्कूल खुलने के समय नौ बजे रसोइया संतोषी और सहायक अध्यापक प्रीति पहुंचीं तो दरवाजा बंद मिला। इसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय भाग-दो की प्रधानाध्यापिका वंदना तिवारी ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

अनिकेत हर महीने शबनम से उसका आधा वेतन ले लेता था

पुलिस ने दरवाजा तोड़कर फंदे पर लटका शव उताकर जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। क्षेत्राधिकारी कुलदीप गुप्ता ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और स्कूल के स्टाफ, बच्चों तथा आसपास के लोगों से जानकारियां लीं। 

गुरुवार शाम मृतक शबनम की मां हसीना और भाई दानिश ने बताया कि बरुआ सागर के ही अनिकेत नामक युवक ने करीब दो साल पूर्व शबनम से कोर्ट मैरिज कर ली थी। बाद में वह कार के लिए 10 लाख रुपये की मांग कर शबनम को परेशान कर रहा था। पिछले करीब पांच महीनों से वह शबनम से अलग था। वह माता-पिता के साथ झांसी में शिफ्ट हो गया। शबनम की स्कूटी का रजिस्ट्रेशन भी अपने नाम कराए रखा था।

 

मां हसीना ने यह भी बताया कि तीन माह पहले अनिकेत ने बरुआ सागर थाने में उसके खिलाफ तहरीर भी दी थी। बताया कि परिषदीय विद्यालय में नियुक्ति से पूर्व वर्ष 2015 में शबनम बबीना (झांसी) में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में टीचर थी। बांदा में शबनम के साथ उसकी छोटी बहन संजो रह रही थी। होली में वह घर चली गई थी। गुरुवार को वापस आना था, लेकिन सुबह शबनम ने फोन कर उसे रोक दिया था।

अनिकेत हर महीने शबनम से उसका आधा वेतन ले लेता था

मां हसीना ने यह भी बताया कि अनिकेत हर महीने शबनम से उसका आधा वेतन ले लेता था। उधर, गिरवां थाना निरीक्षक अरविंद कुमार त्रिवेदी ने बताया कि मृतका का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया गया है। जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों का पैनल करेगा। महुआ एबीएसए अंबिका प्रसाद ओझा, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, बीआरसी प्रभारी जयकिशोर दीक्षित सहित बड़ी संख्या में अध्यापक घटना स्थल छिबांव गांव और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। 


शबनम की नियुक्ति यहां छिबांव गांव में जुलाई 2016 में हुई थी। एबीएसए अंबिका प्रसाद ओझा ने बताया कि शुरू से ही उसके पास प्रधानाध्यापिका का चार्ज था। वह अपने कार्य के प्रति बेहद ईमानदार थी। उसके साथ सहायक अध्यापक प्रीति ने बताया कि एक दिन पूर्व बुधवार को सब ने मिलकर स्कूल में बच्चों का परीक्षाफल तैयार किया। शबनम ने ऐसी कोई बात नहीं की जिससे उसके आत्महत्या करने के निर्णय का आभास होता। वह हंसमुख और मिलनसार थी। अलबत्ता पिछले तीन-चार दिनों से कुछ परेशान सी नजर आ रही थी।

 

48 घंटे में आठ फांसी पर झूले 

कुछ लोगों में चर्चा थी कि सितंबर में पति अनिकेत ने झांसी ले जाकर शबनम का गर्भपात करा दिया था। शबनम के पिता के मौत तीन साल पूर्व हो चुकी है। मां सिलाई करती है और इकलौता छोटा भाई दानिश बीए का छात्र है। बड़ी बहन शबीना की शादी हो चुकी है।

पिछले 48 घंटों में आठ लोगों ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। आत्महत्या करने वालों में ग्राम विकास अधिकारी और इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सहित अधिकांश युवा हैं। बुधवार को पांच लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। इनमें ग्राम विकास अधिकारी क्योटरा निवासी अंकित कुमार भी शामिल हैं। उधर, जिला अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. हरदयाल ने बताया कि माता-पिता को चाहिए कि बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार अपनाएं। जिससे उनमें डिप्रेशन की नौबत न आए।            
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed