प्रधानाध्यापिका ने स्कूल में मौत को लगाया गले, लालची पति की एक मांग ने छीन ली सांसें
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झांसी जनपद के बरुआ सागर कस्बे की मूल निवासी शबनम नाजमी (29) पुत्री अली अकबर बांदा महुआ ब्लाक के छिबांव गांव में प्राथमिक विद्यालय में पिछले दो वर्षों से इंचार्ज प्रधानाध्यापिका थी। वह बांदा शहर की डीएम कॉलोनी में किराये के मकान में छोटी बहन के साथ रहती थी।
गुरुवार को वह सुबह 7:30 बजे अपनी स्कूटी से स्कूल पहुंच गई। प्रधानाध्यापिका कक्ष के दरवाजे बंदकर सीलिंग फैन में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गई। स्कूल खुलने के समय नौ बजे रसोइया संतोषी और सहायक अध्यापक प्रीति पहुंचीं तो दरवाजा बंद मिला। इसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय भाग-दो की प्रधानाध्यापिका वंदना तिवारी ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
अनिकेत हर महीने शबनम से उसका आधा वेतन ले लेता था
गुरुवार शाम मृतक शबनम की मां हसीना और भाई दानिश ने बताया कि बरुआ सागर के ही अनिकेत नामक युवक ने करीब दो साल पूर्व शबनम से कोर्ट मैरिज कर ली थी। बाद में वह कार के लिए 10 लाख रुपये की मांग कर शबनम को परेशान कर रहा था। पिछले करीब पांच महीनों से वह शबनम से अलग था। वह माता-पिता के साथ झांसी में शिफ्ट हो गया। शबनम की स्कूटी का रजिस्ट्रेशन भी अपने नाम कराए रखा था।
मां हसीना ने यह भी बताया कि तीन माह पहले अनिकेत ने बरुआ सागर थाने में उसके खिलाफ तहरीर भी दी थी। बताया कि परिषदीय विद्यालय में नियुक्ति से पूर्व वर्ष 2015 में शबनम बबीना (झांसी) में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में टीचर थी। बांदा में शबनम के साथ उसकी छोटी बहन संजो रह रही थी। होली में वह घर चली गई थी। गुरुवार को वापस आना था, लेकिन सुबह शबनम ने फोन कर उसे रोक दिया था।
अनिकेत हर महीने शबनम से उसका आधा वेतन ले लेता था
शबनम की नियुक्ति यहां छिबांव गांव में जुलाई 2016 में हुई थी। एबीएसए अंबिका प्रसाद ओझा ने बताया कि शुरू से ही उसके पास प्रधानाध्यापिका का चार्ज था। वह अपने कार्य के प्रति बेहद ईमानदार थी। उसके साथ सहायक अध्यापक प्रीति ने बताया कि एक दिन पूर्व बुधवार को सब ने मिलकर स्कूल में बच्चों का परीक्षाफल तैयार किया। शबनम ने ऐसी कोई बात नहीं की जिससे उसके आत्महत्या करने के निर्णय का आभास होता। वह हंसमुख और मिलनसार थी। अलबत्ता पिछले तीन-चार दिनों से कुछ परेशान सी नजर आ रही थी।
48 घंटे में आठ फांसी पर झूले
पिछले 48 घंटों में आठ लोगों ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। आत्महत्या करने वालों में ग्राम विकास अधिकारी और इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सहित अधिकांश युवा हैं। बुधवार को पांच लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। इनमें ग्राम विकास अधिकारी क्योटरा निवासी अंकित कुमार भी शामिल हैं। उधर, जिला अस्पताल के मनोरोग चिकित्सक डॉ. हरदयाल ने बताया कि माता-पिता को चाहिए कि बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार अपनाएं। जिससे उनमें डिप्रेशन की नौबत न आए।