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जज प्रतिभा गौतम के घरवाले एक-एक दिन एक-एक साल की तरह गुजार रहे
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:59 AM IST
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नंद प्रतिभा की तस्वीर दिखाती भाभी वंदना
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महिला जज प्रतिभा गौतम की मौत के भले ही एक साल हुए हो, लेकिन उनके परिजनों ने एक-एक दिन एक-एक साल की तरह गुजारे हैं। मां प्रेमा तो बेटी का नाम किसी भी अंजान की जुबान से सुनते ही फफक पड़ती हैं।
भतीजे और भतीजी को एहसास भी नहीं है कि उनकी प्रतिभा बुआ अब कभी उनके लिए चाकलेट, साइकिल और झूले लेकर नहीं आएंगी। इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे प्रतिभा के पिता राजाराम दोहरे के लिए साल के कुछ ही दिन ऐसे रहे होंगे, जब वह उरई स्थित राजेंद्र नगर में अपने परिवार के साथ चैन से बैठे हो, हाथ में केस की फाइल लिए उनके पैर कानपुर कचहरी की ही ओर दौड़ा करते हैं। पूरे घर में एक अजीब सा सन्नाटा सा छाया है। प्रतिभा की भाभी वंदना ही अब परिवार की बेटी बनकर सभी को संभाले है।
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भतीजे और भतीजी को एहसास भी नहीं है कि उनकी प्रतिभा बुआ अब कभी उनके लिए चाकलेट, साइकिल और झूले लेकर नहीं आएंगी। इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे प्रतिभा के पिता राजाराम दोहरे के लिए साल के कुछ ही दिन ऐसे रहे होंगे, जब वह उरई स्थित राजेंद्र नगर में अपने परिवार के साथ चैन से बैठे हो, हाथ में केस की फाइल लिए उनके पैर कानपुर कचहरी की ही ओर दौड़ा करते हैं। पूरे घर में एक अजीब सा सन्नाटा सा छाया है। प्रतिभा की भाभी वंदना ही अब परिवार की बेटी बनकर सभी को संभाले है।
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दुखी मां प्रेमा और भाभी वंदना बच्चों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 9 अक्टूबर 2016 की सुबह परिवार पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटी थी, जब प्रतिभा के सुसाइड करने की खबर घर आई थी। बाद में पुलिस की जांच में मामला हत्या का निकला और पति मनु को गिरफ्तार भी कर लिया गया। अब पुलिस प्रतिभा के सास, ससुर की तलाश कर रही है। भाई अजय का कहना है कि 9 अक्टूबर की सुबह का वह दिन और आज का दिन है, शायद ही किसी दिन परिवार के लोगों के चेहरों पर हंसी दिखी हो, प्रतिभा घर की बेटी ही नहीं बल्कि हमारा अभिमान भी थी। उसके साथ ही सब कुछ खत्म हो गया। अब तो बस उसके कातिलों को सजा दिलाना ही पूरे परिवार का मकसद बन गया है। पापा तो आज भी कानपुर में ही है। मनु के घरवालों ने न तो शादी के पहले कोई संपर्क किया और न ही बहन की मौत के बाद ही उन लोगों से किसी तरह की बात हुई है।
तस्वीरों में ही सिमटकर रह गई यादें
भाभी वंदना का कहना है कि प्रतिभा सबसे छोटी ननद थी, यही वजह है कि वह खासतौर पर उनके काफी करीब भी थी। हम लोग अपने सारे सुख दुख बांटा करते थे। अफसोस है कि उसने शादी से पहले कभी भी मनु के बारे में उससे कोई बात नहीं की। अब तो बस उसकी यादें उसकी तस्वीरों तक ही सिमटकर रह गई हैं।
तस्वीरों में ही सिमटकर रह गई यादें
भाभी वंदना का कहना है कि प्रतिभा सबसे छोटी ननद थी, यही वजह है कि वह खासतौर पर उनके काफी करीब भी थी। हम लोग अपने सारे सुख दुख बांटा करते थे। अफसोस है कि उसने शादी से पहले कभी भी मनु के बारे में उससे कोई बात नहीं की। अब तो बस उसकी यादें उसकी तस्वीरों तक ही सिमटकर रह गई हैं।
सूनी हो गई घर की दीपावली
महिला जज प्रतिभा की फाइल फोटो
परिजनों के मुताबिक प्रतिभा अपनी ट्रेनिंग और सर्विस दोनों के ही दौरान हर दीपावली उरई जरूर आती थी, और सभी के लिए कुछ न कुछ तोहफे लाती थी। सबसे छोटी और लाडली होने के कारण उसके आने के बाद ही घर पर दीपावली की खुशी नजर आती थी। अब तो सब कुछ खत्म सा हो गया और परिवार की दीपावली भी सूनी हो गई।
शादियों में जाना ही बंद कर दिया
मां प्रेमा का कहना है कि बड़े अरमान थे प्रतिभा की शादी के, दिल्ली में एक पुलिस अधिकारी (एसपी) से उसका रिश्ता भी पक्का हो गया था लेकिन होना कुछ और था। प्रतिभा ने मनु से रिश्ता जोड़ लिया। हमारे सारे अरमान बेटी की खुशी के सामने धरे रह गए। अब जब वह नहीं है तो सच बताऊं किसी भी शादी बारात में जाने का मन ही नहीं करता है। बेटी की याद सताने लगती है।
शादियों में जाना ही बंद कर दिया
मां प्रेमा का कहना है कि बड़े अरमान थे प्रतिभा की शादी के, दिल्ली में एक पुलिस अधिकारी (एसपी) से उसका रिश्ता भी पक्का हो गया था लेकिन होना कुछ और था। प्रतिभा ने मनु से रिश्ता जोड़ लिया। हमारे सारे अरमान बेटी की खुशी के सामने धरे रह गए। अब जब वह नहीं है तो सच बताऊं किसी भी शादी बारात में जाने का मन ही नहीं करता है। बेटी की याद सताने लगती है।