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कुशाग्र हत्याकांड: मां बोली- ट्यूशन पढ़ाने से मना किया...तो चुना फिरौती का रास्ता, रचिता ने कही थी ये बात

Fri, 03 Nov 2023 06:08 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 03 Nov 2023 06:08 AM IST
सार

Kanpur News: कनौडिया परिवार जिस फ्लैट में रहता है, वह बहुत साधारण है। सोनिया ने बताया कि बेटी के जन्म पर जब जीटी रोड स्थित एक लॉन में भव्य कार्यक्रम हुआ, तो वह भौंचक्की रह गई। कार्यक्रम में उसका प्रेमी प्रभात भी आया था। उनका कहना है कि इसी से प्रभावित होकर दोनों ने अपहरण के बाद फिरौती साजिश रची और इसके 30 लाख का पत्र भी भिजवाया।

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Kushagra murder case, Mother said Refused to give tuition...so chose the path of ransom, Rachita had said this
kushagra murder case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में रायपुरवा के आचार्यनगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनौडिया के बेटे कुशाग्र की अपहरण के बाद हत्या को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही पुलिस को इस दिशा में अभी तक कोई ठोस सुबूत हाथ नहीं लगे हैं। ऐसे में पुलिस की जांच अब फिरौती के लिए की गई हत्या के बिंदु पर आकर टिक गई है। डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि कुशाग्र की हत्या के पीछे फिरौती ही ठोस वजह सामने आ रही है।

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अब इस दिशा में विवेचना की जा रही है। बता दें दसवीं के छात्र कुशाग्र की 30 अक्तूबर को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उसके घर में 30 लाख की फिरौती का पत्र फेंका गया था। जिस स्कूटी से श्रीभगवती विला अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में युवक चिट्ठी फेंकने गया था। उसके नंबर के आधार पर पुलिस ने दर्शनपुरवा के ओमनगर निवासी प्रमोद शुक्ला को गिरफ्तार किया था।

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प्रेम प्रसंग के शक जैसी बात का कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा
उसी के घर में बने कोठरीनुमा कमरे से कुशाग्र का शव बरामद हुआ था। इसके बाद प्रमोद की प्रेमिका व कुशाग्र की पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स और पत्र फेंकने वाले शिवा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने प्रेम प्रसंग के शक में हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद इसी पहलू पर पुलिस ने विवेचना शुरू की। सूत्रों के मानें, तो अभी तक प्रेम प्रसंग के शक जैसी बात का कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है।

आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर की जाएगी पूछताछ
इसलिए फिरौती के बिंदु पर पुलिस की विवेचना टिक गई है। डीसीपी सेंंट्रल ने बताया कि हत्याकांड की तह तक जाने के लिए आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। शुक्रवार को विवेचक की तरफ से कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों और उनके परिजनों की कॉल डिटेल निकालकर उसे खंगाला जा रहा है।

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फुटेज व हैंड राइटिंग की होगी जांच
जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना के उद्देश्य को जानने के लिए आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया जाएगा। टेक्निकल परीक्षण के साथ ही सीसीटीवी फुटेज व धमकी वाले पत्र को हैंड राइटिंग मिलान के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा। इससे साफ हो सकेगा की राइटिंग आरोपियों के है या नहीं। वहीं, 15-20 दिन के भीतर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के साथ ही केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाए जाने की अपील अदालत में की जाएगी।

कुशाग्र की मां बोली- ट्यूशन पढ़ाने से मना किया, तो चुना फिरौती का रास्ता
कुशाग्र की मां सोनिया ने बताया कि रचिता पहले कुशाग्र को ट्यूशन पढ़ाती थी। कुशाग्र के बाद छोटे बेटे आदि को पढ़ाने लगी थी। रचिता अक्सर शिकायत करती थी कि आदि अनुशासन में नहीं रहता है। इस वजह से मार्च में उसे हटा दिया था और पुरुष टीचर रखने की बात कही थी। तब उसने फोन कर कहा था कि भाभी आपने हमें हटा दिया, हम पढ़ा तो रहे थे, अब क्या करेंगे। इसके बाद से उसका व्यवहार बदल गया था। हालांकि घर आना-जाना बंद नहीं किया। इस दौरान वह कुशाग्र के स्कूल व कोचिंग आने-जाने के बारे में जानकारी लेती रही, ताकि फिरौती के लिए उसका अपहरण किया जा सके।

बेटी के जन्म पर हुए भव्य कार्यक्रम को देख भौंचक्की रचिता
कनौडिया परिवार जिस फ्लैट में रहता है, वह बहुत साधारण है। सोनिया ने बताया कि बेटी के जन्म पर जब जीटी रोड स्थित एक लॉन में भव्य कार्यक्रम हुआ, तो वह भौंचक्की रह गई। कार्यक्रम में उसका प्रेमी प्रभात भी आया था। उनका कहना है कि इसी से प्रभावित होकर दोनों ने अपहरण के बाद फिरौती साजिश रची और इसके 30 लाख का पत्र भी भिजवाया।

चाचा बोले- रचिता ने ही किया भेदिये का काम
कुशाग्र के चाचा सुमित कनौडिया ने कहा कि फिरौती के पत्र में लिखा था कि लखनऊ वाले चाचा को कुशाग्र के अपहरण के बारे में कुछ न बताना। रचिता ही जानती थी कि वे लखनऊ में रहते हैं। उसने ही अपने प्रेमी प्रभात को यह जानकारी दी होगी। कुशाग्र के परिवार की माली हालत और घर की हर बात भी जानकारी रचिता ने ही आरोपियों को बताई है।

रचिता के पिता की मौत पर घर से खाना बनाकर ले गई थी
वहीं, कुशाग्र की मां सोनिया ने बताया कि कोविड में रचिता के पिता का निधन हुआ था। तब वे उसके घर में खाना बनाकर ले गईं थीं। उसकी ट्यूशन फीस 3500 रुपये ही थी, लेकिन वे उसकी जरूरतों का ख्याल रखती थीं। उसे 10 हजार रुपये भी दिए, लेकिन ये रकम रचिता ने अपनी फीस में कटवा दी थी।

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