कोविंद के गांव ने मनाई होली-दिवाली, जीत के लिए यूं चला दुआओं का सिलसिला
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कोविंद का गांव परौंख-
काउंटिग शुरू होने से पहले कोविंद के घर जुटी हजारों की भीड़
14 वें राष्ट्रपति के पद के चुनाव की मतगणना शुरू भी नहीं हुई थी कि कानपुर देहात के परौख गांव में जबरदस्त हलचल मच गई। मतपेटियां खुलने से पहले लोगों के दिलों की धड़कने तेज थी। सभी की आंखों में एक ही आशा कि कोविंद हमारे राष्ट्रपति चुने जाए।
सुबह के बुलेटिन में जब विशेषज्ञों ने रामनाथ कोविंद की जीत सुनिश्चित बताई तो परौंख में मौजूद लोग खुशी से झूमने लगे। ढोल- ताशों पर नाचते लोगों की खुशी को कोई ठिकाना न रहा। इनके बीच रहने वाला शख्स आज देश का राष्ट्रपति चुनने जा रहा था, इसलिए सभी को अहसास हो रहा था मानों उन्होंने सातवां आसमान छू लिया हो और एहसास हो भी क्यों ना... आखिर देश का सबसे शक्तिशाली और पहला आदमी अब इनके गांव से जो रहने वाला था।
11 बजे जब काउंटिंग शुरू हुई तो लोग खुशी से नाचने-गाने लगे। इसमें खुद कोविंद के परिवार के लोग भी लोग भी शामिल थे।वोट गिनती के लिए सांसदों की मतपेटियां पहले खोली गई जिसमें कोविंद ने शुरुआत में ही बढ़त बना ली। फिर तो गांव वालों का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
जीत के लिए यूं चला दुआओं का सिलसिला
आशाओं के जले दीप
खुशियों के रंगों में सराबोर हुआ परौंख