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आईटीआई में हुनर सीख कर सपनों को करना चाहते हैं साकार तो ध्यान दें, इस बार हुए हैं कई बदलाव
Fri, 31 May 2019 10:21 AM IST
प्रशांत कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 31 May 2019 10:21 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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प्रदेश के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी हो गई है। संभवत: दो जून तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार छात्रों को रजिस्ट्रेशन के दौरान तीन जिलों की 26 आईटीआई संस्थानों का विकल्प एक साथ चुनने का मौका मिलेगा।
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अभी तक छात्र एक बार में केवल दो सरकारी आईटीआई और फिर निजी आईटीआई के लिए अलग से आवेदन करते थे। इस बार निजी और सरकारी सभी के लिए एक साथ ही रजिस्ट्रेशन का मौका दिया जाएगा। सीट आवंटन हाईस्कूल के अंकों के आधार पर मेरिट के अनुसार होगा।
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ईडब्ल्यूएस कोटा लागू होने का भी कोई फायदा नहीं
आईटीआई संस्थानों में नए सत्र से गरीब सवर्ण आरक्षण लागू कर दिया जाएगा। हालांकि इसके बावजूद आईटीआई में सीटों की संख्या में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेनिंग ने आरक्षण लागू करने का नया तरीका खोज निकाला है।
तय किया है कि अभी तक देशभर में लागू 30 प्रतिशत सुपरन्यूमरेरी कोटे को खत्म कर दिया जाएगा और इसकी जगह गरीब सवर्ण आरक्षण लागू होगा। मतलब कोटे की संख्या पहले की तरह 30 प्रतिशत ही होगी बस कुछ बदलेगा तो वह कोटे का नाम।
तय किया है कि अभी तक देशभर में लागू 30 प्रतिशत सुपरन्यूमरेरी कोटे को खत्म कर दिया जाएगा और इसकी जगह गरीब सवर्ण आरक्षण लागू होगा। मतलब कोटे की संख्या पहले की तरह 30 प्रतिशत ही होगी बस कुछ बदलेगा तो वह कोटे का नाम।
आईटीआई संस्थानों में अब वार्षिक परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही होंगी
राजकीय आईटीआई पांडुनगर के प्रिंसिपल ई. केएम सिंह ने बताया कि कानपुर में आईटीआई की सरकारी सीटें 2600 हैं, जबकि करीब पांच हजार सीटें निजी आईटीआई में हैं। इसी तरह प्रदेशभर में करीब एक लाख 23 हजार सरकारी सीटें हैं और तीन लाख 53 हजार सीटें निजी क्षेत्र के संस्थानों में हैं।
आईटीआई संस्थानों में अब वार्षिक परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही होंगी। पहले इसी सत्र से इसे लागू कर दिया गया था लेकिन बाद में फैसला बदला गया। राजकीय आईटीआई पांडुनगर के प्रिंसिपल ई. केएम सिंह ने बताया कि नए सत्र से सभी छात्रों को ऑनलाइन ही परीक्षा देनी होगी। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण डायरेक्ट जनरल ट्रेनिंग कार्यालय से किया जाएगा। ड्राइंग की परीक्षाओं को ऑफलाइन ही आयोजित कराया जाएगा।
आईटीआई संस्थानों में अब वार्षिक परीक्षाएं भी ऑनलाइन ही होंगी। पहले इसी सत्र से इसे लागू कर दिया गया था लेकिन बाद में फैसला बदला गया। राजकीय आईटीआई पांडुनगर के प्रिंसिपल ई. केएम सिंह ने बताया कि नए सत्र से सभी छात्रों को ऑनलाइन ही परीक्षा देनी होगी। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण डायरेक्ट जनरल ट्रेनिंग कार्यालय से किया जाएगा। ड्राइंग की परीक्षाओं को ऑफलाइन ही आयोजित कराया जाएगा।