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रोजेदारों के लिए जरूरी खबर, चांद देख खत्म करें तरावीह, बीच में न छोड़ें
Mon, 13 May 2019 03:07 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 13 May 2019 03:07 PM IST
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रमजान (फाइल फोटो)
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कानपुर के चमनगंज स्थित हलीम कॉलेज में हो रही तरावीह में कुरान पाक का पाठ पूरा होने पर मुल्क और समाज में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ की गई। इस मौके पर उलेमा ने कहा कि तरावीह की नमाज रमजान का चांद देखकर शुरू होती है और इसे ईद का चांद देखकर खत्म करना चाहिए।
लोग छह और 10 दिन तरावीह पढ़ते हैं, फिर छोड़ देते हैं। यह गलत है। दिन में रोजा इबादत और रात में तरावीह। हलीम कॉलेज में हो रही तरावीह में हाफिज मो. आमिर अजहरी ने कुरान पाक मुकम्मल किया।
खास
रमजान के महीने में पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे और चौथे खलीफा हजरत अली के बड़े बेटे हजरत इमाम हसन का जन्म हुआ था। इस्लामी इतिहास में उनका जन्म दिवस 15 रमजान को बताया गया है। इसी महीने में पैगंबर हजरत दाऊद अलैहस्सलाम को जबूर मिली। जबूर को आसमानी किताब यानी ईश्वरीय शब्द माना जाता है।
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लोग छह और 10 दिन तरावीह पढ़ते हैं, फिर छोड़ देते हैं। यह गलत है। दिन में रोजा इबादत और रात में तरावीह। हलीम कॉलेज में हो रही तरावीह में हाफिज मो. आमिर अजहरी ने कुरान पाक मुकम्मल किया।
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खास
रमजान के महीने में पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे और चौथे खलीफा हजरत अली के बड़े बेटे हजरत इमाम हसन का जन्म हुआ था। इस्लामी इतिहास में उनका जन्म दिवस 15 रमजान को बताया गया है। इसी महीने में पैगंबर हजरत दाऊद अलैहस्सलाम को जबूर मिली। जबूर को आसमानी किताब यानी ईश्वरीय शब्द माना जाता है।
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इंसुलिन का इंजेक्शन लेने से नहीं टूटता रोजा
अगर रोजेदार को डायबिटीज है और उसे इंसुलिन की जरूरत है तो वह इंजेक्शन ले सकता है। इंसुलिन का इंजेक्शन लेने से रोजा नहीं टूटता है। इसके साथ ही अगर कोई हेयर कलर लगाता है तो भी उसका रोजा टूटेगा नहीं। इसी तरह दवा की गरज से अगर कोई रोजेदार विक्स या बाम लगाता है और सूंघता है तो भी उसका रोजा बरकरार रहेगा। रमजान हेल्प लाइन पर विभिन्न मसले पूछने पर उलेमा ने यह जवाब दिया है।
कुल हिंद इस्लामिक अकादमी की अल शरिया हेल्प लाइन पर रविवार को खास तौर पर मरीजों ने उलेमा से इंसुलिन, बाम और हेयर कलर के इस्तेमाल के संबंध में सवाल पूछे। हेल्प लाइन पर डायलिसिस कराने पर भी सवाल पूछा गया। इस पर उलेमा ने बताया कि रोजे की हालत में अगर किसी मरीज को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है तो भी उसका रोजा नहीं टूटेगा।
इसी तरह प्लास्टिक की मिस्वाक के इस्तेमाल को भी रोजे की नजर से सुरक्षित बताया गया है। आल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल की माहे स्याम हेल्प लाइन पर भी नमाज, तरावीह के संबंध में सवाल पूछे गए। रोजे के दौरान रक्तदान करने पर रोजे को सुरक्षित बताया गया।
अगर रोजेदार को डायबिटीज है और उसे इंसुलिन की जरूरत है तो वह इंजेक्शन ले सकता है। इंसुलिन का इंजेक्शन लेने से रोजा नहीं टूटता है। इसके साथ ही अगर कोई हेयर कलर लगाता है तो भी उसका रोजा टूटेगा नहीं। इसी तरह दवा की गरज से अगर कोई रोजेदार विक्स या बाम लगाता है और सूंघता है तो भी उसका रोजा बरकरार रहेगा। रमजान हेल्प लाइन पर विभिन्न मसले पूछने पर उलेमा ने यह जवाब दिया है।
कुल हिंद इस्लामिक अकादमी की अल शरिया हेल्प लाइन पर रविवार को खास तौर पर मरीजों ने उलेमा से इंसुलिन, बाम और हेयर कलर के इस्तेमाल के संबंध में सवाल पूछे। हेल्प लाइन पर डायलिसिस कराने पर भी सवाल पूछा गया। इस पर उलेमा ने बताया कि रोजे की हालत में अगर किसी मरीज को डायलिसिस की जरूरत पड़ती है तो भी उसका रोजा नहीं टूटेगा।
इसी तरह प्लास्टिक की मिस्वाक के इस्तेमाल को भी रोजे की नजर से सुरक्षित बताया गया है। आल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल की माहे स्याम हेल्प लाइन पर भी नमाज, तरावीह के संबंध में सवाल पूछे गए। रोजे के दौरान रक्तदान करने पर रोजे को सुरक्षित बताया गया।