कारोबारी के पौत्र का अपहरण: 30 लाख पहुंचा दो...तुम्हारा बेटा घर में होगा, लेटर में लिखे थे धर्म विशेष के नारे
Kanpur News: पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की एक टीम छात्र के मोबाइल की लोकेशन व सीडीआर निकालने में जुटी है। फिलहाल छात्र की बरामदगी के बाद ही पता चल सकेगा कि उसका अपहरण हुआ है या मामले में कोई दूसरा ही पेंच है।
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कानपुर के रायपुरवा थाना क्षेत्र में रहने वाले शहर के एक बड़े कपड़ा कारोबारी के पौत्र का सोमवार रात अपहरण हो गया। उसकी स्कूटी लावारिस हालात में गुंजन टाॅकीज के पास मिली। अपहर्ताओं ने कारोबारी के घर में पत्र फेंककर फिरौती मांगी है। पुलिस कमिश्नर डॉ. आरके स्वर्णकार अधिकारियों संग मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की।
पुलिस सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और सर्विलांस की मदद से छात्र की तलाश में जुटी है। वहीं, परिजनों ने मामले में चुप्पी साध रखी है। रायपुरवा निवासी कपड़ा कारोबारी संजय कनोडिया का पीरोड पर कपड़ों का बड़ा कारोबार है। उनका पौत्र कुशाग्र कैंट स्थित जयपुरिया स्कूल में हाई स्कूल का छात्र है।
उसके पिता मनीष कनौडिया सूरत में कपड़ों का कारोबार संभालते हैं। सोमवार को वह रोज की तरह अपनी स्कूटी से शाम करीब 4:30 बजे स्वरूपनगर स्थित कोचिंग सेंटर गया था। शाम 7:30 बजे परिजनों ने घर का कुछ सामान लाने के लिए उसके नंबर पर कॉल किया, लेकिन नंबर बंद मिला।
फिरौती की मांग को लेकर एक पत्र कुशाग्र के घर में फेंका
घबराए परिजनों ने कोचिंग और कुशाग्र के दोस्तों से फोन पर जानकारी की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को अपहरण की सूचना दी तो पुलिस सक्रिय हुई। इस बीच अपहर्ताओं ने फिरौती की मांग को लेकर एक पत्र कुशाग्र के घर में फेंका। हालांकि, फिरौती की रकम परिजनों ने सार्वजनिक नहीं की।
अपहर्ताओं ने मोटी रकम की डिमांड की है
मौके पर पुलिस कमिश्नर, जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी, नीलाब्जा चौधरी, एडीसीपी आरती सिंह फोर्स समेत कारोबारी के घर पहुंचे और पड़ताल शुरू की। इस बीच जांच में जुटी पुलिस को जीटी रोड स्थित गुंजन टाॅकीज के पास से कुशाग्र की स्कूटी लावारिस हालात में खड़ी मिली। सूत्रों के मुताबिक, अपहर्ताओं ने मोटी रकम की डिमांड की है।
फिरौती का पत्र फेंकने वाला पुलिस हिरासत में
पुलिस ने छात्र के घर के पास सीसीटीवी कैमरों की मदद से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। फुटेज में यह युवक अपनी स्कूटी से कारोबारी के घर के पास पहुंचकर फिरौती वाला पत्र फेंकता नजर आया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। वहीं, फिरौती की रकम कितनी है? छात्र का अपहरण हुआ है या कुछ और मामला है? इस बारे में परिजन चुप्पी साधे हुए हैं। कोचिंग संचालक, दोस्तों से बातचीत की जा रही है। साथ ही कोचिंग से आने-जाने वाले रास्तों व घर के आस-पास लगे कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
लापता छात्र की तलाश में टीमों को लगाया गया है। क्राइम ब्रांच के साथ सर्विलांस टीम भी खोजबीन में लगी है। -नीलाब्जा चौधरी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम/मुख्यालय
पुलिस के हाथ लगा है फिरौती वाला पत्र
कपड़ा कारोबारी संजय कनौडिया के पौत्र कुशाग्र के अपहरण के मामले में पुलिस के हाथ फिरौती वाला पत्र भी लगा है। पत्र में अपहर्ताओं ने परिजनों को धमकी देते हुए 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रुपयों को इंतजाम रात तक करके कोकाकोला चौराहे पर पहुंचाने की बात लिखी गई है।
दो युवतियों और दो युवकों को हिरासत में लिया
रुपयों का इंतजाम न होने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है। पुलिस की अब तक की जांच में अपहरण में दो युवतियों के भी शामिल होने की आशंका है। देर रात पुलिस ने दबिश देकर दो युवतियों और दो युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कारोबारी के घर में पत्र फेंकने वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
बेटे की सलामती के लिए जल्द इंतजाम करने की बात लिखी
वहीं, जो पत्र पुलिस के हाथ लगा है उसमें कुछ धर्म विशेष के नारे भी लिखे गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पत्र में एक आतंकी संगठन का नाम भी इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। पत्र में अपहर्ताओं ने आने वाले त्योहार का हवाला देते हुए बेटे की सलामती के लिए रुपयों का जल्द इंतजाम करने की बात लिखी है।
बर्रा, गोविंदनगर में दबिश देती रही पुलिस
पत्र की लिखावट से किसी कम पढ़े लिखे व्यक्ति द्वारा पत्र लिखे जाने की चर्चा रही। कुशाग्र के सूरत में रहने वाले पिता मनीष को भी उसके अपहरण की सूचना दे दी गई है। वहीं, कारोबारी के पौत्र के अपहरण की सूचना पर पूरे शहर में पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। युवतियों की निशानदेही पर पुलिस देर रात बर्रा, गोविंदनगर में दबिश देती रही।
छात्र के मोबाइल की लोकेशन खंगाल रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की एक टीम छात्र के मोबाइल की लोकेशन व सीडीआर निकालने में जुटी है। फिलहाल छात्र की बरामदगी के बाद ही पता चल सकेगा कि उसका अपहरण हुआ है या मामले में कोई दूसरा ही पेंच है।