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Kanpur: मां के संघर्ष ने अर्चना को बनाया क्रिकेटर, अंडर-19 महिला विश्व कप के फाइनल में रखी जीत की बुनियाद

Mon, 30 Jan 2023 03:59 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 30 Jan 2023 03:59 PM IST
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Kanpurs player laid the foundation for victory by taking two wickets in the final match of the Under-19 Women
कैच पकड़तीं अर्चना देवा - फोटो : अमर उजाला

अंडर-19 महिला विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को हराकर इतिहास रच दिया है। इस जीत में कानपुर की बेटी अर्चना देवी ने अहम योगदान दिया है। दक्षिण अफ्रीका में फाइनल मुकाबले में शुरुआती झटकों से उबर रही इंग्लैंड की टीम को अर्चना ने एक ओवर में दो विकेट लेकर पीछे ढकेल दिया। अर्चना की मां सावित्री ने दूध बेचकर बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाया है।

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मूल रूप से उन्नाव के बांगरमऊ तहसील के रतईपुरवा गांव में छप्पर वाले घर में अर्चना रहती हैं। घर में उनकी मां सावित्री और बड़ा भाई रोहित है। अर्चना के पिता का 2007 में निधन हो गया था, वह कैंसर से पीड़ित थे। सावित्री बताती हैं कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो अर्चना को पढ़ाई के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाया था।
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उन्होंने बताया कि घर में एक गाय थी, जिसका दूध बेचकर उन्होंने बच्चों का भरण-पोषण किया। उन्होंने बताया कि स्कूल में पूनम मैम ने अर्चना का क्रिकेट के प्रति लगाव देखा तो उन्होंने कानपुर में प्रशिक्षक कपिल पांडेय के यहां प्रशिक्षण के लिए भेजा। रविवार को घर पर टीवी में पूरे गांव ने मैच देखा। जीत के बाद पटाखे छोड़कर सभी ने खुशी मनाई।

कोच बोले, नाम कर दिया रोशन
कानपुर में रोवर्स क्लब में भारतीय टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के कोच कपिल पांडेय की देखरेख में अर्चना अभ्यास करती हैं। कपिल ने बताया कि 2017 में अर्चना देवी उनके रोवर्स क्लब में प्रशिक्षण प्राप्त करने आई थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण कपिल ने उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण देना शुरू किया। कपिल बताते हैं कि 2017 में ही कुलदीप यादव ने भारतीय टीम में डेब्यू किया और इसी साल उन्हें अर्चना के रूप में एक बेहतर खिलाड़ी और मिल गई। उन्होंने बताया कि अर्चना का रुझान तेज गेंदबाजी की तरफ था, लेकिन अंडर-19 टीम में कोई ऑफ स्पिनर खिलाड़ी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने अर्चना को ऑफ स्पिनर बनाने के लिए अभ्यास शुरू कराया। कपिल बताते हैं कि फाइनल मैच में अर्चना ने तीन ओवर में 17 रन देकर दो महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को आउट कर उनका नाम रोशन कर दिया। 

भारतीय टीम में यूपी की पांच खिलाड़ी 
इस बार भारतीय टीम में यूपी की पांच खिलाड़ियों को जगह दी गई थी। इनमें उन्नाव की अर्चना देवी, बुलंदशहर की पार्श्वी चोपड़ा, फिरोजाबाद की सोनम यादव, गाजियाबाद की शिखा शहलोत और प्रयागराज की फलक नाज थीं। हालांकि शिखा और फलक को फाइनल मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। फाइनल मैच में पार्श्वी ने दो और सोनम ने एक विकेट लिया।

2018 में अर्चना, सोनम और पार्श्वी का चयन यूपी अंडर 16 टीम में हुआ था। तीनों खिलाड़ी खेल के प्रति पूरी तरह से समर्पित थीं। यही कारण है कि उनका चयन अंडर-19 टीम में भी हुआ। अब यूपी की खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करके सबका दिल जीत लिया है। - अल्का सिंह, चयनकर्ता, उत्तराखंड महिला चयन समिति

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