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UP: कानपुर की बेटी जूडो में जीत रही है सोना, पिता लगाते हैं फल का ठेला, बोली- भाई को देखकर चढ़ा खेलने का शौक

Tue, 12 Dec 2023 02:49 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 12 Dec 2023 02:49 PM IST
सार

Kanpur News: संजना बताती हैं कि बाहर जाने के लिए रिजर्वेशन कराने के भी कभी-कभी पैसे पिता के पास नहीं बचते हैं। ऐसे में बड़े भाई की तरह हमेशा मदद करने वाले राहुल गुप्ता हमारा रिजर्वेशन करते हैं और खेल से संबंधित सभी किट उपलब्ध कराते हैं।

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Kanpurs daughter is winning gold in judo, father runs a fruit stall, she said  after seeing her brother got in
पिता और बेटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चाह और कुछ कर गुजरने का जजबा हो तो आर्थिक तंगी भी व्यक्ति को उसकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती है। यह कहावत कानपुर की जूडो खिलाड़ी संजना कश्यप पर बिल्कुल सटीक बैठती है। उसने विपरित हालातों के बावजूद खेलों इंडिया की राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर अपने इरादे भविष्य के लिए साफ कर दिए हैं।

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काकादेव एम ब्लॉक निवासी फूलचंद घर के पास में ही फल का ठेला लगाकर परिवार पाल रहे हैं। परिवार में पत्नी लक्ष्मी, बड़ा बेटा शिवम, तीन बेटियां जुगनी, अंजली और संजना है। पिता के साथ ठेला लगाकर उनके काम में हाथ बटाने का काम भी संजना और भाई शिवम करते थे, लेकिन फिर शिवम ने संजना को खेल पर ध्यान देने के लिए कहा और खुद पिता के साथ काम करने लगा।

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20 से फिर लगातार जूडो खेल रही हैं
परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, संजना का पूरा परिवार दो कमरे की एक कॉलोनी में रहता है। संजना ने 2015 में खेल में कदम रखा था। उस समय संजना ने कुराश खेलना शुरू किया था। कुराश भी मार्शल आर्ट की एक विधा है, जो जूडो से मिलती-जुलती होती है। कुराश के साथ-साथ वह हैपकीड़ो बॉक्सिंग का भी अभ्यास करती थी। कुराश और हैपकीड़ों जैसे खेल में ज्यादा भविष्य नहीं दिखाई देने के बाद संजना ने अपना रुख जूडो की तरफ कर लिया। 2020 से फिर लगातार जूडो खेल रही हैं।

रिजर्वेशन के लिए ली मदद
संजना बताती हैं कि बाहर जाने के लिए रिजर्वेशन कराने के भी कभी-कभी पैसे पिता के पास नहीं बचते हैं। ऐसे में बड़े भाई की तरह हमेशा मदद करने वाले राहुल गुप्ता हमारा रिजर्वेशन करते हैं और खेल से संबंधित सभी किट उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा हमारे कोच राजेश भारद्वाज भी हमारी आर्थिक रूप से काफी मदद करते हैं। यदि सरकार हम लोगों को सुविधा दे, तो हम और भी पदक जीत सकते हैं। संजना का सपना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतू।

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अभी तक इन प्रतियोगिताओं में जीते पदक

  • 2023 में लखनऊ में हुई जूनियर स्टेट जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था।
  • 2023 में छत्रपति शाहूजी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय में स्टेट जूडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
  • 2022 में जूनियर स्टेट जूडो चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।
  • कुराश के 12 राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें 9 स्वर्ण पदक, दो रजत पदक व एक कांस्य पदक जीता है।
  • 2019 में हैपकीड़ो बॉक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता भूटान में खेली गई, जिसमें स्वर्ण पदक जीता।
  • 2018 में में हैपकीड़ो बॉक्सिंग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता मुरादाबाद में स्वर्ण पदक जीता।
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