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Kanpur: महिला ने बनाई बोगस फर्म…एग्रीमेंट भी निकला फर्जी, करोड़ों की आईटीसी हड़पी, एफआईआर दर्ज

Sat, 08 Nov 2025 12:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 08 Nov 2025 12:25 PM IST
सार

Kanpur News: एसजीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट के आधार पर फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों की इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़प ली गई। मामले में फर्म संचालिका के खिलाफ बिठूर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

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Kanpur Woman created bogus firm agreement also turned out to fake ITC worth crores was grabbed FIR registered
करोड़ों की आईटीसी हड़पी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में एसजीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा ने फर्जी फर्म बनाकर 2,27,18,732 की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़पने के मामले में बिठूर थाने में महिला के खिलाफ एफआईआर कराई है। आरोपी ने केवल दो माह तक सीमेंट-स्टील का व्यापार फर्म के जरिए होना दिखाया। इसके बावजूद कागजों पर कारोबार चलता रहा। जिस दुकान में फर्म संचालित होना दिखाई गई थी, वहां का एग्रीमेंट भी फर्जी निकला। दुकान पर अन्य फर्म का नाम लिखा मिला।

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एसजीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा के उपायुक्त विनय कुमार ने बिठूर थाने में फर्म सर्वश्री स्वास्तिक स्टील एवं सीमेंट की संचालिका रानी त्रिपाठी, पता शॉप नंबर 18 मातृ सेवा सदन, बिठूर रोड के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बताया गया कि 18 जुलाई 2024 को फर्म का पंजीकरण कराया गया था। फर्म ने पोर्टलैंड, स्लैग, सुपर सल्फेट समेत अन्य प्रकार की सीमेंट का कारोबार करना दिखाया था।

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लगभग दो महीने तक सीमेंट लाकर बेचता था
फर्म की जांच 28 जून 2025 को की गई थी। जिस पते पर दुकान थी वहां पर राजेश कुमार तिवारी मिले जो दुकान के मालिक थे। उन्होंने बताया कि उनके पूरे परिसर में 20 दुकानें, मैरिज हाल और लॉन हैं। शाॅप नंबर 18 को पांच हजार रुपये प्रतिमाह पर किराए पर दिया था। फर्म स्वामी ने केवल दो महीने का किराया दिया। लगभग दो महीने तक सीमेंट लाकर बेचता था। दो महीने के बाद उसके द्वारा कोई समान न तो लाया गया और न दुकान में रखा गया।

दुकान पर अन्य फर्म का नाम लिखा पाया गया
किराया न मिलने पर उसके दो मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया तो कॉल नहीं उठी। उन्होंने बताया कि दुकान में बिजली का मीटर उन्होंने लगवाया था। बिजली का बिल भी वह ही देते थे। अधिकारी ने बताया कि दुकान का ताला खुलवाया गया तो उसके अंदर कोई सामग्री नहीं थी। फर्म का नाम, पंजीयन संख्या और पते सहित कोई बोर्ड नहीं लगा था। दुकान पर अन्य फर्म का नाम लिखा पाया गया।

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फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार करके पंजीयन लिया
जांच में पता चला कि फर्म स्वामी ने पंजीकरण के समय विभागीय पोर्टल पर अपलोड रेंट एग्रीमेंट अभिनय त्रिपाठी संपत्ति स्वामी की ओर से बनवाया गया था। राजेश तिवारी ने बताया गया कि उनके परिवार में अभिनव त्रिपाठी नाम का कोई व्यक्ति नहीं है और न ही यह एग्रीमेंट उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा किसी को व्यापार करने के लिए बनवाया गया है। फर्म संचालिका ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार करके पंजीयन लिया।

रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू
अधिकारी ने बताया कि फर्म के दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, तो पहले बताया गया कि गलत नंबर है। पूछताछ करने पर स्वीकार किया गया कि स्वास्तिक स्टील एवं सीमेंट फर्म की स्वामिनी का पति बोल रहा है। फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में घोषित करदेयता के सापेक्ष शून्य करदेयता स्वीकार की है। फर्म ने अपनी करदेयता को लगभग 99.9 प्रतिशत से अधिक क्रेडिट/आईटीसी से नेटऑफ किया गया है। बिठूर थाना प्रभारी प्रेम नारायण विश्वकर्मा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

टर्नओवर शून्य और करोड़ों की आईटीसी दूसरी फर्म में भेजी और वापस ली
फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,89,32,700 ई-वे बिल के माध्यम ने इनवर्ड सप्लाई प्राप्त की और ई-वे बिल से आउटवर्ड सप्लाई 44,200 प्रदर्शित की गई। टर्नओवर शून्य घोषित किया गया है। फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में फर्म सर्वश्री त्रिपाठी इंटरप्राइजेज को 35,55,027 की बोगस आईटीसी पास ऑन की। फर्म सर्वश्री त्रिपाठी इंटरप्राइजेज द्वारा फर्म सर्वश्री युग इंटरप्राइजेज की 29,40,784 की बोगस आईटीसी पास ऑन की। फिर सर्वश्री युग इंटरप्राइजेज ने यही आईटीसी प्रश्नगत फर्म को पास ऑन की।

सरकार के राजस्व में 2.27,18,732 की क्षति पहुंचाई
एक दूसरे को बोगस आईटीसी बिना किसी वास्तविक खरीद के पास ऑन की गई। फर्म की ओर से दाखिल जीएसटीआर-3बी एवं जीएसटीवार-2ए/2बी के आंकड़ों की जांच में पाया गया कि फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटीआर 3 में प्रदर्शित आईटीसी 47,92,960 के सापेक्ष जीएसटीवार 3बी में 2,45,59,989 की आईटीसी क्लेम करके उपयोग की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,97,67,028 की अविधिक आईटीसी बिना राजस्व जमा किए फ्रॉड करते हुए उपभोग की गई है। फर्म स्वास्तिक स्टील एंड सीमेंट ने धोखाधड़ी करते हुए सरकार के राजस्व में 2.27,18,732 की क्षति पहुंचाई और फ्रॉड किया।

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