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Kanpur: कम नहीं हुईं रैदास विहार नई बस्ती में मुश्किलें, पांच और घरों की दीवारें चटकीं
Thu, 30 Jul 2026 12:03 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:03 AM IST
सार
Kanpur News: जाजमऊ में नगर निगम की टीम ने घरों का मलबा हटाया तो लोग गृहस्थी खोजने में जुट गए।
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जाजमऊ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जाजमऊ की रैदास विहार नई बस्ती में मंगलवार रात हुए हादसे से पीड़ितों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। यहां जलभराव से 10 घर ढहे थे। बुधवार को पानी तो जैसे-तैसे निकल गया लेकिन पानी से नम हो चुकीं कच्ची दीवारें बुधवार को हल्की सी धूप पाकर चटकने लगीं। पांच घरों की दीवारें चटकी देख दहशत में आए लोगों ने घरों का सामान बाहर निकाल लिया। नगर निगम की टीम ने सफाई कर गिरे घरों का मलबा हटाया तो प्रभावित परिवार अपनी गृहस्थी का सामान खोजते नजर आए।
बस्ती निवासी सूरज, मुन्नालाल, फातिमा, लाला और रहमान के मकानों की दीवारें चटकी हैं। बस्ती निवासी अरमान और राकिब की बाइक भी मलबे में दब गई। अपनी गृहस्थी का सामान ढूंढने के दौरान कई घरों में मिट्टी के अंदर से अजगर व सांप निकले। बुधवार को धूप निकली तो लोग बचा हुआ राशन सुखाते रहे। कीचड़ में फंसकर लोग फिसलकर गिरते भी रहे। हादसे के बाद बस्ती से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। कई परिवार अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं।
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बस्ती निवासी सूरज, मुन्नालाल, फातिमा, लाला और रहमान के मकानों की दीवारें चटकी हैं। बस्ती निवासी अरमान और राकिब की बाइक भी मलबे में दब गई। अपनी गृहस्थी का सामान ढूंढने के दौरान कई घरों में मिट्टी के अंदर से अजगर व सांप निकले। बुधवार को धूप निकली तो लोग बचा हुआ राशन सुखाते रहे। कीचड़ में फंसकर लोग फिसलकर गिरते भी रहे। हादसे के बाद बस्ती से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। कई परिवार अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं।
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बस्ती के निवासियों ने समाजसेवी की ओर से लगवाए गए टेंट व तिरपाल के नीचे रात और दिन गुजारा लेकिन बुधवार दोपहर बाद टेंट हटा दिए गए। समाजसेवी यासीन सिद्दीकी ने बस्ती पहुंचकर खाना बांटा। क्षेत्रीय पार्षद नूरेन अहमद टारजन घटना के दूसरे दिन भी मौके पर नहीं पहुंचे जिससे लोगों में आक्रोश रहा।
दहेज का सामान भीगा
बेटे शाबान की एक साल पहले शादी हुई थी। उसका दहेज का सामान रखा था, जो पानी भरने से भीग कर खराब हो गया। - शमशाद
बाहर निकलकर बचाई जान
एक पल लगा कि जिंदगी बचेगी नहीं लेकिन बाहर निकल कर जान बचाई।- कमला देवी
गृहस्थी बर्बाद हुई
घर के अंदर पानी भर गया था। परिवार के सभी छह लोगों ने बाहर भागकर जान बचाई। गृहस्थी का पूरा सामान भीगकर बर्बाद हो गया। - सन्नो
एक पल लगा नहीं बचेंगे
पानी भरा तो लगा नहीं कि जान बचेगी लेकिन किसी तरह बाहर निकल कर जान बचाई। - इस्लाम मोहम्मद
बेटे शाबान की एक साल पहले शादी हुई थी। उसका दहेज का सामान रखा था, जो पानी भरने से भीग कर खराब हो गया। - शमशाद
बाहर निकलकर बचाई जान
एक पल लगा कि जिंदगी बचेगी नहीं लेकिन बाहर निकल कर जान बचाई।- कमला देवी
गृहस्थी बर्बाद हुई
घर के अंदर पानी भर गया था। परिवार के सभी छह लोगों ने बाहर भागकर जान बचाई। गृहस्थी का पूरा सामान भीगकर बर्बाद हो गया। - सन्नो
एक पल लगा नहीं बचेंगे
पानी भरा तो लगा नहीं कि जान बचेगी लेकिन किसी तरह बाहर निकल कर जान बचाई। - इस्लाम मोहम्मद