Kanpur Weather Update: चक्रवाती हवा से बदला मौसम, पैचिंग रेन का सिलसिला शुरू, अगले 48 घंटे इसी तरह रहेगा मौसम
Weather News: मानसून वापसी के बाद चक्रवाती हवा से मौसम बदला है, जिसके चलते पैचिंग रेन का सिलसिला शुरू हो गया है। किदवई नगर, परेड, काकादेव, शारदा नगर में 20 मिनट तेज बारिश हुई और फिर धूप निकल आई।
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कानपुर में बंगाल की खाड़ी से उठी चक्रवाती हवाओं की ओर से पिछले दो दिनों से मानसून की वापसी के बावजूद बारिश हो रही है। अंतर सिर्फ इतना है कि यह बारिश शहर और ग्रामीण क्षेत्र के कुछ ही स्थानों पर लेकिन तेज हवा के साथ हो रही है। सोमवार को भी शहर में सुबह से हल्के बादल रहने के बाद करीब तीन बजे किदवई नगर, परेड, काकादेव, शारदा नगर सहित कई अन्य क्षेत्रों में 10 से 20 मिनट तक 8 मिमी बारिश हुई। इसके बाद तुरंत धूप भी निकल आई।
अगले 48 घंटे इसी तरह रहेगा कहीं बादल कहीं धूप वाला मौसम रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार जारी चेतावनी के अनुसार चक्रवाती हवाओं की वजह से अधिकांश क्षेत्र जो नदियों व किसी जलीय क्षेत्र में हैं, वहां पर बारिश के बीच-बीच बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है, उसमें कानपुर के अलावा देहात क्षेत्र फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, जालौन, अयोध्या, बाराबंकी शामिल हैं।
कुछ क्षेत्र में बारिश, कुछ में धूप होने की संभावना
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि इस दौरान 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बताया कि इस बीच पैचिंग रेन यानि कुछ क्षेत्र में बारिश कुछ में धूप होने की संभावना है। इस बीच अधिकतम तापमान एक दिन पहले की तरह 34.8 डिग्री और न्यूनतम दो डिग्री लुढ़ककर 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि हवा में नमी की मात्रा अधिकतम 93 और न्यूनतम 59 प्रतिशत रही।
बारिश से 2042 किसानों की 830 हेक्टेयर फसल नष्ट
बीते दिनों हुई बारिश से 2042 किसानों की 830 हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई। इसमें पांडु नदीं में बाढ़ का पानी आने से सचेंडी क्षेत्र से लेकर घाटमपुर तहसील क्षेत्र तक 795 हेक्टेयर फसल और गंगा बैराज में बाढ़ के पानी से चार गांवों की 35 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। इसमें से जिले के 2043 किसानों को नुकसान हुआ। जिला प्रशासन ने सर्वे कराया तो हकीकत सामने आ गई है। फसल नष्ट के आधार पर किसानों को जल्द मुआवजा मिलेगा।
सदर और घाटमपुर तहसील की फसलें हुईं नष्ट
बाढ़ के बाद जिला प्रशासन का फसलों के नुकसान को लेकर चल रहा सर्वे पूरा हो गया है। गंगा और पांडु नदी में आई बाढ़ से सदर और घाटमपुर तहसील के किसान प्रभावित हुए हैं।सदर तहसील में ख्योरा कटरी गांव की 35 हेक्टेयर भिंडी, टमाटर, लौकी, तरोई आदि की फसल नष्ट हुई है। इसमें 306 किसान प्रभावित हैं। इन्हें करीब 6.50 लाख का मुआवजा मिलेगा।
किसानों को 71.50 लाख का आपदा विभाग देगा मुआवजा
वहीं, घाटमपुर तहसील में करीब 1737 किसानों की 795 हेक्टेयर जमीन पर बाजरा, तिलहन, अरहर, धान, ज्वार की फसल नष्ट हुई हैं। इन किसानों को करीब 65 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। सभी किसानों की जानकारी राहत पोर्टल पर फीड की जा रही है। किसानों के दावों के आधार पर फसलों का आकलन किया गया है। जल्द ही किसानों को नष्ट फसलों का मुआवजा मिलेगा।
33 फीसदी से ज्यादा फसल नुकसान पर मुआवजा
शासन के नियमानुसार जिन किसानों की फसल 33 फीसदी से अधिक नष्ट हुई है उन्हीं किसानों को आपदा प्रबंधन विभाग मुआवजा देता है। यानी एक हेक्टेयर पर 17 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाता है। जिन फसलों को चिन्हित किया गया इनकी फसलें 33 फीसदी से अधिक नष्ट हुई हैं।
बारिश से नष्ट फसलों का सर्वे पूरा करा लिया गया है। जिले के 2043 किसानों की 830 हेक्टेयर फसल नष्ट हुई है। पोर्टल पर जानकारी फीड हो रही जल्द ही किसानों को मुआवजा मिलेगा। -राजेश कुमार, एडीएम वित्त