कानपुर: ‘चोर नाले’ से गंगा में बह रहा गंदा पानी, कभी टैप नहीं किया गया नाला, अफसर की मिलीभगत पर उठे सवाल
Kanpur News: नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की स्वच्छता पर लाखों रुपये खर्च होने के दावों की जाजमऊ में पोल खुल गई है। जाजमऊ स्थित एक प्लांट के पास जंगल से होकर गुजर रहा चोर नाला रोजाना सैकड़ों लीटर जहरीला और गंदा पानी सीधे गंगा नदी में गिरा रहा है। मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच बैठा दी है।
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कानपुर में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को निर्मल-अविरल बनाने पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन जाजमऊ में चोर नाले से रोजाना सैकड़ों लीटर गंदा पानी सीधे गंगा में गिर रहा है। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में जाजमऊ स्थित एक प्लांट में चोर नाले की जानकारी हुई। यह नाला जंगल से गंगा नदी तक गया था, जिसका काला पानी नदी में गिर रहा था।
स्थानीय निवासी नूर, रफीक और सुरेश ने बताया कि नाला कभी टैप नहीं किया गया। एसटीपी बंद होने पर पानी सीधे गंगा में जाता है। नाले से करीब एक किमी दूर 20 एमएलडी प्लांट व जटेटा कार्यालय है जबकि मौके पर सीसीटीवी कैमरा भी लगा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने बताया कि लखनऊ से टीम आई है और मौके पर जांच के लिए भेजी गई है।
अधिकारी पर टेनरी संचालकों से मिलीभगत के आरोप
वहीं, पड़ताल के दौरान जटेटा सचिव रिजवान नादरी व एजीएम शशि मोहन सिंह कार्यालय में नहीं मिले। नादरी के शादी समारोह में व्यस्त होने और शशि मोहन के फील्ड में होने की जानकारी दी गई। उधर जाजमऊ के जंगलेश्वर बाबा हनुमान मंदिर के महंत दिगंबर अजब आनंदपुरी महाराज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर गंदे पानी के खिलाफ आवाज उठाने और धमकियां मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने एक जटेटा अधिकारी पर टेनरी संचालकों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए।