Kanpur Violence Update: छह माह बाद जेल से छूटा मुख्तार बाबा, हिंसा मामले में पहले ही मिल चुकी थी जमानत
मुख्तार बाबा बंदी की आड़ में चंद्रेश्वर हाता खाली कराने के लिए हिंसा फैलाने और फंडिंग का आरोपी है। उसको हिंसा मामले में पहले ही मिल जमानत चुकी थी। वहीं, अब गैंगस्टर एक्ट में जमानत मिलने पर रिहाई हुई है।
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कानपुर में नई सड़क पर तीन जून को हुई हिंसा के मामले में आरोपी बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार अहमद उर्फ मुख्तार बाबा की छह माह बाद गुरुवार को आखिर जेल से रिहाई हो गई। हिंसा के तीन मुकदमों में तो मुख्तार को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी।
इसी बीच पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज किए गए मुकदमे में जमानत न मिलने से उसकी रिहाई अटकी थी। आठ दिसंबर को गैंगस्टर मामले में भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। निचली अदालत में जमानतें दाखिल करने के बाद कोर्ट ने उसका रिहाई परवाना जारी किया है।
22 जून से जेल में बंद मुख्तार गुरुवार को जेल से बाहर आ गया। नई सड़क हिंसा मामले में बेकनगंज थाने में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। तीनों में मुख्तार बाबा भी आरोपी है। मुकदमों में सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
सबसे पहले 14 अक्तूबर को मुकदमा अपराध संख्या 43 में मुख्तार की जमानत स्वीकृत हुई इसके बाद 19 अक्तूबर को अपराध संख्या 42 और 3 नवंबर को अपराध संख्या 44 में भी मुख्तार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
इसी बीच बेकनगंज पुलिस ने आठ मुकदमों के गैंगचार्ट के आधार पर मुख्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी एक मुकदमा अपराध संख्या 53 दर्ज कर लिया था। इसके कारण मुख्तार की रिहाई अटक गई थी, लेकिन उन्होंने कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
आठ दिसंबर को हाईकोर्ट ने इस मामले में भी मुख्तार को दो जमानतें और निजी मुचलका दाखिल करने पर जमानत पर रिहाई के आदेश कर दिए थे। मुख्तार ने निचली अदालत में जमानतें दाखिल कर दीं। जमानतों के सत्यापन के बाद गुरुवार को कोर्ट ने मुख्तार का रिहाई परवाना जारी किया और देर शाम मुख्तार की जेल से रिहाई हो गई।