Kanpur Violence Update: हाजी वसी की चारों संपत्तियां रहेंगी सील, ढहाए जाने का रास्ता साफ
कानपुर में नई सड़क पर तीन जून को हुए बवाल में फंडिंग करने वाले बिल्डर हाजी वसी को मंडलायुक्त कोर्ट से राहत नहीं मिली है। संपत्तियों को सील रखने का आदेश दिया गया, जिससे अब इन संपत्तियों को ढहाए जाने का रास्ता भी साफ हो गया है।
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कानपुर नई सड़क बवाल में फंडिंग के आरोपी हाजी वसी की चार संपत्तियां सील ही रहेंगी। मंडलायुक्त कोर्ट ने इन संपत्तियों की सीलिंग खत्म करने की अपील को खारिज कर दिया है। इसमें 88/561 प्रेमनगर, 79/25 पार्ट बांसमंडी, 84/85 सकेरा स्टेट अनरवगंज और 88/333 चमनगंज की संपत्तियां शामिल हैं।
बवाल के बाद केडीए ने हाजी वसी की संपत्तियों को सील करने के साथ ही ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। वसी ने मंडलायुक्त के न्यायालय में अपील की थी। तर्क दिया था कि संपत्तियां काफी पुरानी हैं, जिनकी मरम्मत कराई जा रही थी।
हालांकि साक्ष्यों के आधार पर मंडलायुक्त ने अपील निरस्त कर दी। अब इन संपत्तियों को ढहाए जाने का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके साथ ही मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी के करीबी बिल्डर हाजी वसी पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है।
बता दें कि बिल्डर हाजी वसी पर एनएसए की कार्रवाई भी की गई है। पुलिस ने वसी की फाइल डीएम को भेजी थी। इस पर डीएम ने मुहर लगा दी। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि इसके पहले हयात जफर हाशमी और जावेद अहमद पर एनएसए लगाया जा चुका है।
पुलिस ने हिंसा के केस की विवेचना के दौरान दावा किया था कि हाजी वसी ने बवाल में फंडिंग की है। पुलिस ने बताया था कि हाजी वसी और मुख्तार बाबा चंद्रेश्वर हाते पर कब्जा करना चाहते हैं, जिसके लिए हिंसा कराई गई थी।