Kanpur Violence: मुख्तार बाबा और हाजी वसी का कनेक्शन खंगालने में जुटी पुलिस, कई शहरों से शामिल होने आए थे उपद्रवी
कानपुर हिंसा मामले में जांच एजेंसियां मुख्तार बाबा और हाजी वसी का कनेक्शन खंगालने में जुटी हैं। इनके गुर्गे शहर के अलावा उन्नाव, कन्नौज और फतेहपुर से भी उपद्रव में शामिल होने आए थे।
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कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल का मास्टर माइंड जफर हयात सिर्फ एक मोहरा नजर आ रहा है। वहीं, उसके बताए तथ्यों की जांच में एक के बाद एक कई नए खुलासे हो रहे है। मुख्तार बाबा और हाजी वसी के कनेक्शन जांचने में जुटी पुलिस ने बुधवार को उन्नाव, कन्नौज और फतेहपुर में भी इन दोनों के गुर्गो के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
जिस शेख साहब का जिक्र अतीक खिचड़ी की व्हाट्सअप चैट में सामने आया उसे लेकर पुलिस अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं तलाश पाई है। सूत्रों के अनुसार बवाल से एक दिन पहले उन्नाव, कन्नौज और फतेहपुर से भी कुछ बाहरी लोग मुख्तार के यहां आये थे।
जो रेस्टोरेंट में लगे कैमरों मे कैद भी हुए। लेकिन बवाल के बाद फुटेज से छेड़छाड़ कर कई साक्ष्यों को हमेशा के लिए मिटा दिया गया। इधर मुख्तार बाबा और हाजी वसी के कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस को इनके बीच रिश्तेदारी की डोर भी जुड़ती नजर आ रही है।
पुलिस जिस हमजा और उमर की तलाश कर रही है। उन्हें लेकर चर्चा है कि वह हाजी वसी का करीबी रिश्तेदार (दामाद) है। अगर वह वाकई हमजा है, तो इस पूरी हिंसा के तार अपने आप इन दोनों परिवारों से जुड़ते हुए दिख रहे है। क्योंकि जफर हयात के आरोपों की माने तो हाजी वसी और मुख्तार बाबा ने फांडिंग की थी। इसके लिए इन दोनों ने अपने खास लोगों का इस्तेमाल किया था।
बैठक में हमजा और उमर भी थे शामिल
सूत्रों के अनुसार अब एसआईटी का पूरा फोकस उन्नाव कन्नौज, फतेहपुर में इन दोनों के कनेक्शन खोज रही है। चर्चा है कि घटना से एक दिन पूर्व दो जून को जिस होटल में मौलानाओं की बैठक में बंदी का विरोध किया गया था। उसमें हमजा और उमर दोनों शामिल हुए थे] जिन्होंने बंदी का समर्थन किया था। इसके बाद जफर हयात समझ गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। इसके बावजूद उसने खुद को फौरी तौर पर अलग, तो कर लिया पर पूरे बवाल में अहम रोल निभाता रहा।