कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के आरोप में बेटे सुब्रत के जेल जाने के बाद अब 50 करोड़ के कारोबार की कमान उसकी मां और बहन ने संभाल ली है। दिसंबर में पूरे कारोबार का नया उत्तराधिकारी भी सामने आ जाएगा। विनीत की बहू शालू ने भी अपने छह साल के बेटे के हक के लिए आगे आने का फैसला किया है।
इससे साफ है कि मामला सिर्फ सुब्रत के जेल जाने से खत्म होने वाला नहीं है। पांच सितंबर को विनीत मिनोचा की उनके इंद्रानगर स्थित अपार्टमेंट में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में कल्याणपुर थाना पुलिस ने पहले विनीत की बहू शालू को जेल भेजा। बाद में जब शालू पुलिस को निर्दोष लगी और बेटे सुब्रत के खिलाफ साक्ष्य एकत्र हुए।
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दवा कारोबारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
मां-बहन ने संभाली कारोबार की कमान
तब पुलिस ने बेटे को जेल भेजकर बहू को रिहा कराया। अब सुब्रत जेल में और उसकी पत्नी शालू लखनऊ स्थित अपने मायके में है। शालू अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं है। उधर, कारोबार दवा का होने के कारण उसे जारी रखना जानकर विनीत की पत्नी पुनीता और शादीशुदा बेटी शुभांगी ने बिरहाना रोड स्थित दुकान का कामकाज संभालना शुरू कर दिया है।
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90 दिन बाद कंपनी के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया जाएगा
सात सितंबर से लेकर अभी तक विनीत की हत्या के बाद सिर्फ दो दिन के लिए कारोबार बंद हुआ था। विनीत के बाद पहले सुब्रत ने कारोबार संभाला और अब उसके जेल जाने के बाद पुनीता व शुभांगी ने करोड़ों के कारोबार की बागडोर अपने हाथ में ले ली है। बताया जाता है कि विनीत की मौत के 90 दिन बाद उनकी कंपनी के लाइसेंस का नवीनीकरण कराया जाएगा।
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मार्केट में उधार पड़ा रुपया वापस कराने की अपील की
इससे साफ है कि दिसंबर में तय हो जाएगा कि मिनोचा परिवार का व्यापारिक उत्तराधिकारी कौन होगा। विनीत की मौत के बाद पत्नी पुनीता ने बाजार के कारोबारियों से संपर्क किया और मार्केट में उधार पड़ा करीब 80 लाख रुपया वापस कराने की अपील भी की। अभी सुब्रत बाजार से चेकें और कैश एकत्र कर ही रहा था कि तभी पुलिस ने घटना का वास्तविक खुलासा कर हत्या के आरोप में उसे जेल भेज दिया।
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40-50 फीसदी पैसा वापस भी करा दिया गया
इधर, बिरहाना रोड दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र सैनी ने बताया कि मिनोचा की कंपनी फार्मा ट्रेडर्स का करीब 40-50 फीसदी पैसा वापस भी करा दिया गया है। आगे भी जो सहयोग व्यापार मंडल से मांगा जाएगा किया जाएगा। दूसरी ओर सुब्रत को जेल गए अभी पांच-छह दिन ही बीते हैं और उसे बाहर निकालने की तैयारी भी तेज हो गई है। सुब्रत की मां और बहन शहर के तीन चार अधिवक्ताओं के संपर्क में हैं। इसके अलावा जयपुर के रिश्तेदारों से भी मदद ली जा रही है।