Kanpur: 160 करोड़ के अंडरग्राउंड सिस्टम को भी चूना, 46% तक हो रही बिजली चोरी, 14 फीडर रेड जोन में, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: कानपुर में 160 करोड़ की लागत से बिछाई गई भूमिगत केबल प्रणाली भी बिजली चोरी को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। शहर के 14 प्रमुख फीडरों में 25 से 46 प्रतिशत तक बिजली चोरी हो रही है, जिससे केस्को को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
विस्तार
कानपुर शहर में 160 करोड़ रुपये से तैयार किए गए केस्को के भूमिगत केबल प्रणाली में बिजली चोरों ने सेंध लगा दी है। हैरानी की बात यह है कि शहर के सर्वाधिक बिजली चोरी वाले 18 फीडरों में से 14 भूमिगत केबल प्रणाली वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक कई फीडरों में 25 से 46 प्रतिशत तक बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं।
सबसे अधिक बम पुलिस फीडर में 46.7 फीसदी, बेकनगंज में 45.5 और सीसामऊ में 43.7 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। वहीं सबसे कम लाइन हानि वाले फीडरों में भगत सिंह मार्केट में 26.9, रजबी रोड में 29.8 और धनकुट्टी में 26.8 फीसदी बिजली चोरी हो रही है। इससे स्पष्ट है कि भूमिगत केबल प्रणाली से भी बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग सका है।
इन फीडरों में सबसे ज्यादा चोरी
केस्को के अनुसार शहर में चमनगंज, साइकिल मार्केट, जीआईसी, मालरोड, चीनापार्क, आलूमंडी और बाबूपुरवा जैसे प्रमुख उपकेंद्रों को भूमिगत केबल नेटवर्क से जोड़ा गया था, लेकिन इन्हीं से जुड़े फीडरों में लगातार अधिक बिजली चोरी दर्ज की जा रही है।
छापा मारकर बिजली चोरी पकड़ी, तीन पर रिपोर्ट
केस्को के प्रवर्तन दल ने गुरुवार को आरपीएच (ओल्ड) और बीएस पार्क फीडरों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान किदवईनगर के बगाही क्षेत्र में ई-रिक्शा चार्जिंग से पांच किलोवाट बिजली चोरी पकड़ी। इसी तरह हंसपुरम नगर के बिनगवां गांव में और गुरुदेव पैलेस के पास घरेलू मीटर से बिजली चोरी पकड़ी गई। इन मामलों में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
स्ट्रीट लाइट नेटवर्क भी निशाने पर
नगर निगम की स्ट्रीट लाइट केबल भी बड़े पैमाने पर कटिया कनेक्शन का माध्यम बन रही है। 10 एमएम की केबल पर छतों से अवैध कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं, जिससे अधिभार की स्थिति बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केबल के मानक आकार में बदलाव कर इस तरह की चोरी को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
भूमिगत केबल से बिजली चोरी करने के तरीके
- मीटर में केबल के पहुंचने से पहले जमीन में ही कट लगाकर दूसरा तार जोड़कर बिजली चोरी करना।
- दीवार या प्लास्टर के नीचे से केबल निकालकर चोरी करना।
- जंक्शन या पिलर बॉक्स से सीधे हुकिंग।
- मीटर बाईपास कर मुख्य केबल को सीधे जोड़ देना जिससे खपत दर्ज ही नहीं होती।
चोरी रोकने के लिए किए जा रहे उपाय
केस्को की रेड टीम लगातार छापा मार रही है। रात्रि गश्त बढ़ाई गई है। पकड़े जाने पर एफआईआर दर्ज कर नोटिस जारी किया जाता है जिसमें आर्थिक दंड लगाया जा रहा है। उपभोक्ताओं को आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाता है। इसके बाद वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाती है जिसमें जेल भेजने तक का प्रावधान है।
अधिक लाइन हानि वाले उपकेंद्रों को चिह्नित कर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पहले जीआईसी, साइकिल मार्केट, बाबूपुरवा और आलूमंडी उपकेंद्रों का चयन किया गया था। अब जरीबचौकी, बीएस पार्क, आरपीएच (ओल्ड) और डिप्टी का पड़ाव उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली चोरी रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है। -देवेंद्र वर्मा, मीडिया प्रभारी, केस्को