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प्ले के जरिए दर्शाया भारत-पाक सैनिकों का दर्द
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:08 PM IST
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कानपुर यूनिवर्सिटी का यूथ फेस्टिवल
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कानपुर यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव के दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इंडो-पाक रिलेशनशिप पर दमदार प्रस्तुति दी। संदेश दिया कि दोनों तरफ की सेनाएं राजनीतिक हस्तक्षेप की शिकार हैं। सेनाएं अपने हिसाब से काम नहीं कर पा रही हैं। नाटक के माध्यम से सैनिकों के कठिन जनजीवन को भी उकेरा गया। अमृत कौर, गुरविंदर, नितिन शर्मा, करन वीर सिंह, गुरप्रीत, अनूप, हरवीर और भूपेंद्र ने स्टेज पर दमदार अभिनय किया।
पांच दिवसीय (2-6 जनवरी) युवा महोत्सव की मंगलवार को रंगारंग शुरुआत हुई। गीत-संगीत का रंग जमा, फिर एकांकी नाटकों का मंचन हुआ। मुख्य आडिटोरियम में करीब 30 टीमों ने अलग-अलग सब्जेक्ट, थीम पर प्रस्तुति दी। आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के स्टूडेंटों ने विकलांगता पर करारा कटाक्ष किया। साथ ही चिकित्सकों की तुलना भगवान से की। किराये की कोख और दूसरी मां की निर्ममता को भी दर्शाया। रिया, अश्विनी, हिना, सुरभि, आशु, सुधीर और राजन की अगुवाई वाली टीम ने एक मां के जूझते पहलुओं को चित्रित किया। खूब तालियां और वाहवाही बटोरी। दयालबाग शिक्षण संस्थान आगरा की स्टूडेंट सुषमा, आकांक्षा, अक्षत, अर्चना और हंस ने हिजड़ों की पीड़ा बताई। नाटक खेलकर बताया कि समाज का ज्यादातर तबका हिजड़ों को सही नजरिये से नहीं देखता है।
स्टेज, साजो और सामान पर लाखों खर्च
एकांकी नाटक में प्रतिभाग करने वाली टीमें पूरी तैयारी से आई हैं। स्टेज और साजो-सामान पर सात से आठ लाख रुपये खर्च किए हैं। नाटक में पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और नई दिल्ली के स्टूडेंटों का दम दिखा।
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राग, सुर और ताल का रंग जमा
लेक्चर हाल कांप्लेक्स में शास्त्रीय संगीत का रंग जमा। यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, नई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की 21 टीमों ने राग, सुर, ताल और बंदिश की सधे अंदाज मेें प्रस्तुति दी। कानपुर यूनिवर्सिटी की श्रेया दीक्षित ने शानदार प्रस्तुति देकर वाहवाही बटोरी। निर्णायक मंडल में पंडित विनोद द्विवेदी, डॉ. रवि पंडोले और पंडित देवेंद्र शर्मा शामिल रहे।
पोस्टर मेकिंग और पेंटिंग में दिखी मेधा
मल्टीपरपज हाल में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई। इसमें 29 स्टूडेंटों ने हिस्सा लिया। स्वच्छता और गंदगी से बचाव की थीम रखी गई। संदेश दिया गया कि गंदगी से मच्छर पैदा होते हैं, फिर डेंगू सरीखी बीमारियां पैदा होती हैं। साफ-सफाई से बीमारियों को दूर किया जा सकता है। सनराइज थीम पर पेंटिंग प्रतियोगिता रखी गई। 23 स्टूडेंटों ने उगते सूर्य के साथ ही स्वच्छता का संदेश दिया। कन्या भ्रूण हत्या से बाज आने को कहा। निर्णायक मंडल के सदस्य दिव्य जीवन महापात्रा, आलोक हरि और डॉ. प्रहलाद सिंह ने स्टूडेंटों की मेधा परखी।
युवा महोत्सव में आज
सुबह 9:30 बजे से रात 8:30 बजे तक : मुख्य आडिटोरियम में एकल गायन (पाश्चात्य), समूह गायन (पाश्चात्य), लोक वाद्य मंडल। यूआईईटी के लेक्चर हॉल -1 में सुगम एकल गायन (भारतीय), मिमिक्री (मूक अभिनय)। डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ साइंसेज में एलोक्यूशन और मल्टीपरपज हाल में कार्टूनिंग, इंस्टालेशन।
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पांच दिवसीय (2-6 जनवरी) युवा महोत्सव की मंगलवार को रंगारंग शुरुआत हुई। गीत-संगीत का रंग जमा, फिर एकांकी नाटकों का मंचन हुआ। मुख्य आडिटोरियम में करीब 30 टीमों ने अलग-अलग सब्जेक्ट, थीम पर प्रस्तुति दी। आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के स्टूडेंटों ने विकलांगता पर करारा कटाक्ष किया। साथ ही चिकित्सकों की तुलना भगवान से की। किराये की कोख और दूसरी मां की निर्ममता को भी दर्शाया। रिया, अश्विनी, हिना, सुरभि, आशु, सुधीर और राजन की अगुवाई वाली टीम ने एक मां के जूझते पहलुओं को चित्रित किया। खूब तालियां और वाहवाही बटोरी। दयालबाग शिक्षण संस्थान आगरा की स्टूडेंट सुषमा, आकांक्षा, अक्षत, अर्चना और हंस ने हिजड़ों की पीड़ा बताई। नाटक खेलकर बताया कि समाज का ज्यादातर तबका हिजड़ों को सही नजरिये से नहीं देखता है।
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स्टेज, साजो और सामान पर लाखों खर्च
एकांकी नाटक में प्रतिभाग करने वाली टीमें पूरी तैयारी से आई हैं। स्टेज और साजो-सामान पर सात से आठ लाख रुपये खर्च किए हैं। नाटक में पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और नई दिल्ली के स्टूडेंटों का दम दिखा।
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राग, सुर और ताल का रंग जमा
लेक्चर हाल कांप्लेक्स में शास्त्रीय संगीत का रंग जमा। यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, नई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की 21 टीमों ने राग, सुर, ताल और बंदिश की सधे अंदाज मेें प्रस्तुति दी। कानपुर यूनिवर्सिटी की श्रेया दीक्षित ने शानदार प्रस्तुति देकर वाहवाही बटोरी। निर्णायक मंडल में पंडित विनोद द्विवेदी, डॉ. रवि पंडोले और पंडित देवेंद्र शर्मा शामिल रहे।
पोस्टर मेकिंग और पेंटिंग में दिखी मेधा
मल्टीपरपज हाल में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता हुई। इसमें 29 स्टूडेंटों ने हिस्सा लिया। स्वच्छता और गंदगी से बचाव की थीम रखी गई। संदेश दिया गया कि गंदगी से मच्छर पैदा होते हैं, फिर डेंगू सरीखी बीमारियां पैदा होती हैं। साफ-सफाई से बीमारियों को दूर किया जा सकता है। सनराइज थीम पर पेंटिंग प्रतियोगिता रखी गई। 23 स्टूडेंटों ने उगते सूर्य के साथ ही स्वच्छता का संदेश दिया। कन्या भ्रूण हत्या से बाज आने को कहा। निर्णायक मंडल के सदस्य दिव्य जीवन महापात्रा, आलोक हरि और डॉ. प्रहलाद सिंह ने स्टूडेंटों की मेधा परखी।
युवा महोत्सव में आज
सुबह 9:30 बजे से रात 8:30 बजे तक : मुख्य आडिटोरियम में एकल गायन (पाश्चात्य), समूह गायन (पाश्चात्य), लोक वाद्य मंडल। यूआईईटी के लेक्चर हॉल -1 में सुगम एकल गायन (भारतीय), मिमिक्री (मूक अभिनय)। डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ साइंसेज में एलोक्यूशन और मल्टीपरपज हाल में कार्टूनिंग, इंस्टालेशन।