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मरती नहीं तो क्या करती, छह महीने से शोहदों से लड़ रही थी 

Wed, 04 Apr 2018 12:23 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 04 Apr 2018 12:23 PM IST
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kanpur university student suicide case
ऐश्वर्या को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करते घरवाले और साथी छात्राएं
शोहदों से ऐश्वर्या छह महीने से लड़ रही थी। कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को आपबीती बताई। हर बार उसे धमकाया और डराया गया। किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। शोहदे कभी बाइक से टक्कर मारकर निकल जाते थे तो कभी उसे घेरकर परेशान करते थे। आखिर वह कब तक प्रताड़ना सहती। वह मरती नहीं तो क्या करती। यह कहकर ऐश्वर्या की बड़ी बहन सोनल शर्मा का गला भर जाता है। वह कहती हैं कि एचओडी और चौकी प्रभारी ने आरोपियों पर कार्रवाई करते तो शायद उसकी बहन उसे हमेशा के लिए छोड़कर नहीं जाती।
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ये था मामला 
छेड़छाड़ और पुलिस की करतूत से त्रस्त कानपुर की यूनिवर्सिटी की छात्रा ने सोमवार को खुद को मौत के हवाले कर दिया। छात्रा के पिता डॉ. दिनेश शर्मा का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने दोनों आरोपी छात्रों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और बेटी को जेल भेजने की धमकी देकर समझौता करने का दबाव बनाया। साथ ही दोनों से सादे कागज पर हस्ताक्षर भी कराए थे। इस घटना के बाद साथी छात्रों ने उसे न्याय दिलाने के लिए कानपुर यूनिवर्सिटी में आंदोलन शुरू कर दिया है। कानपुर के आदर्श नगर, रावतपुर निवासी डॉ. दिनेश शर्मा की क्लीनिक काकादेव में है। डॉ. दिनेश की बड़ी बेटी डॉ. सोनम शर्मा बीडीएस करने के बाद लखनऊ के एक अस्पताल में नौकरी कर रही है। छोटी बेटी ऐश्वर्या (24) सीएसजेएमयू (कानपुर यूनिवर्सिटी) में बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन) द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। 
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डॉ. दिनेश ने बताया कि ऐश्वर्या की क्लास में पढ़ने वाला अनिकेत दीक्षित, बीसीए तृतीय वर्ष का छात्र अनिकेत पांडेय दोस्ती करने के लिए उसे परेशान करते थे। विरोध करने पर बेटी के साथ छेड़छाड़, गाली गलौज व अश्लील कमेंट करते थे। दाेस्ती ना करने पर अगवा करने की धमकी भी देते थे। 31 जनवरी 2018 को ऐश्वर्या ने विश्वविद्यालय के निदेशक को पूरे मामले की लिखित जानकारी दी।इस पर निदेशक ने ऐश्वर्या और अनिकेत का सेक्शन बदलने का निर्देश दिया था। इसकी जानकारी एचओडी ममता तिवारी को हुई, तो उन्होंनेे आरोपियों का साथ देते हुए ऐश्वर्या पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। कहा कि लड़कों के साथ तुम्हें भी सस्पेंड कर दिया जाएगा। इस धमकी से सहमी ऐश्वर्या ने पूरी बात घर लौट कर मां गीता को बताई। इसके बाद उन्होंने छह फरवरी को कल्याणपुर थाने में दोनों छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद ऐश्वर्या और उनसे जबरदस्ती सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए और कहा कि जाओ अब हम सब देख लेंगे। डॉक्टर का आरोप है कि ऐश्वर्या शोहदों और चौकी प्रभारी से त्रस्त और दुखी थी। सोमवार सुबह मौका पाकर ऐेश्वर्या ने कमरे में दुपट्टे के सहारे छत पर लगे कुंडे से फांसी लगा ली। थानाप्रभारी के मुताबिक डॉ. दिनेेश की तहरीर के आधार पर अनिकेत दीक्षित, अनिकेत पांडेय समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। चौकी प्रभारी ने अफसरों को बताया कि ऐश्वर्या और उसके पिता ने आरोपियों पर कार्रवाई न चाहने की बात कही थी। दोनों के बयानों की उन्होंने मोबाइल से रिकार्डिंग भी की थी। अफसरों ने जब रिकार्डिंग मांगी तो चौकी प्रभारी उपलब्ध नहीं करा पाए। बोले कि रिकार्डिंग तो डीलिट कर दी है।  
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क्लास में हमेशा प्रथम आती थी

kanpur university student suicide case
ऐश्वर्या की पुरानी फोटो, श्रद्धांजलि देते स्टूडेन्ट
सहपाठियों की छेड़छाड़ और कल्याणपुर थाना पुलिस की करतूत से त्रस्त सीएसजेएमयू की बीसीए द्वितीय वर्ष की छात्रा ऐश्वर्या शर्मा ने सोमवार को अपने आदर्श नगर, रावतपुर स्थित घर में फांसी लगा ली थी। बड़ी बहन सोनल शर्मा ने बताया कि कक्षा एक से स्नातक तक की सभी परीक्षाएं उसने प्रथम डिवीजन पास की थीं। पहली बार प्रवेश परीक्षा देने पर उसका बीसीए में दाखिला हुआ था। फस्ट ईयर में भी ऐश्वर्या के अच्छे नंबर आए थे।
 

छह महीने से तंग कर रहे थे शोहदे

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ऐश्वर्या को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करते घरवाले और साथी छात्राएं
सोनल ने बताया कि ऐश्वर्या पर उसके क्लास का छात्र अनिकेत दीक्षित व बीसीए तृतीय वर्ष का छात्र अनिकेत पांडेय दोस्ती करने का दबाव बनाने के लिए छह महीने से उसे तंग कर रहे थे। करीब पांच महीने पहले छपेड़ा पुलिया के पास शोहदों ने अपनी बाइक से स्कूटी में टक्कर मारकर ऐश्वर्या को गिरा दिया था। इससे उसके जबड़े में चोट आई थी। तब ऐश्वर्या ने परिजनों को शोहदों की हरकतों के बारे में बताया था। इसके बाद परिजनों ने उसे आने-जाने के लिए कार दे दी। ऐश्वर्या जब कार से यूनिवर्सिटी आने-जाने लगी तो शोहदे और भड़क गए। बकौल सोनल पार्किंग पर कार खड़ी करने को दौरान शोहदे उसे घेर लेते थे। कहते थे कि कार का जलवा दिखाती हो, तेरी कार पंचर कर देते हैं। फिल्म एक्टर इमरान हाशमी बनकर उठाकर ले जाने की धमकी देते थे। घर से रास्ते के अलावा शोहदे क्लास के बाहर भी उसे तंग करते थे। कहते थे कि हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की तरह डांस करते दिखाओ। जैसे वह ठुमके लगाती है, तुम भी लगाओ। 
 

शिकायत लिखते समय छीन लिया था कागज

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ऐश्वर्या को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करते घरवाले और साथी छात्राएं
सोनल ने बताया कि ऐश्वर्या छह महीने से शोहदों की यातनाएं झेल रही थी। जनवरी में बीसीए विभाग की एचओडी डॉ. ममता तिवारी से शोहदों की हरकतों के बारे में ऐश्वर्या ने पहली बार शिकायत की थी। शोहदों पर कार्रवाई के बजाय उल्टा उसे शोहदों के साथ सस्पेंड करने की धमकी मिली। इसी बीच एक बार वह बीसीए विभाग की निदेशक के लिए शिकायती पत्र लिख रही थी, तो एचओडी ने कागज छीन लिया था। एक फरवरी को वह पिता के साथ पहुंची और यूआईईटी की निदेशक डॉ. रेनू जैन को शोहदों के खिलाफ लिखित शिकायत की। इसके बाद अनिकेत पांडेय को  सिर्फ 15 दिन के लिए सस्पेंड किया गया था। शोहदों की हरकतें नहीं थमने पर दो फरवरी को रजिस्ट्रार व अनुशासन समिति को लिखित रूप से शिकायत की गई। आरोप है कि रजिस्ट्रार ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। विश्वविद्यालय की अनुशासन सीमित ने भी टरका दिया।
 

तत्कालीन सीओ के आदेश पर लिखी गई रिपोर्ट

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ऐश्वर्या को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन करते घरवाले और साथी छात्राएं
ऐश्वर्या पिता के साथ दो फरवरी को ही कल्याणपुर थाने भी गई थी। पिता ने तहरीर दी तो पुलिस ने जांच की बात कहकर दोनों को टरका दिया। चार दिन तक थाने के चक्कर काटने के बाद तत्कालीन सीओ कल्याणपुर नवीन कुमार के आदेश पर सात फरवरी को पुलिस ने अनिकेत दीक्षित और अनिकेत पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट लिखी, लेकिन डॉ. मामता को छोड़ दिया। तहरीर में डॉ. ममता के ऐश्वर्या को धमकाने की जिक्र किया गया था। मामले की विवेचना विश्वविद्यालय चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्रा को सौंपी गई।
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