{"_id":"5d63dec68ebc3e015c0c925b","slug":"kanpur-university-student-made-world-record-of-speaking-more-the-27-hours","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र अलाउद्दीन लगातार 27 घंटे पांच मिनट बोलकर पढ़े, बने दो विश्व रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर विश्वविद्यालय के छात्र अलाउद्दीन लगातार 27 घंटे पांच मिनट बोलकर पढ़े, बने दो विश्व रिकॉर्ड
Thu, 29 Aug 2019 10:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 29 Aug 2019 10:29 PM IST
विज्ञापन
अलाउद्दीन ने लगातार बोलकर पढ़ने के सभी पुराने विश्व रिकॉर्ड तोड़कर नया इतिहास लिख दिया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के छात्र अलाउद्दीन ने लगातार बोलकर पढ़ने के सभी पुराने विश्व रिकॉर्ड तोड़कर नया इतिहास लिख दिया। साथ ही एक ही विषय पढ़ने का भी रिकॉर्ड अपने नाम किया। सोमवार की सुबह जैसे ही घड़ी की सुई 10 बजकर 15 मिनट पर पहुंची सिंगल सीटिंग मैराथन रीडिंग अलाउड का रिकॉर्ड अलाउद्दीन के नाम हो गया।
हालांकि उन्होंने एक बजकर 15 मिनट तक वाचन किया। इस तरह से अब लगातार 27 घंटे पांच मिनट पढ़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अलाउद्दीन के नाम है। इसके अलावा लगातार एक विषय पढ़ने का रिकॉर्ड भी अलाउद्दीन ने अपने नाम कर लिया। अलाउद्दीन ने इस बीच केवल जूलॉजी की किताब ही पढ़ी।
विज्ञापन
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जज मनीष विश्नोई ने इसकी निगरानी की। सिंगल सीटिंग मैराथन रीडिंग अलाउड कैटेगरी के इस रिकॉर्ड में एक भी ब्रेक नहीं मिलता है। पढ़ते-पढ़ते ही पानी या ड्राई फ्रूट्स ले सकते थे लेकिन 30 सेकेंड से ज्यादा नहीं रुक सकते। अभी तक यह रिकॉर्ड लखीमपुर खीरी के यतीश चंद्र शुक्ला के नाम पर था। उन्होंने लगातार 24 घंटे पढ़कर यह रिकॉर्ड बनाया था।
विज्ञापन
हालांकि उन्होंने एक बजकर 15 मिनट तक वाचन किया। इस तरह से अब लगातार 27 घंटे पांच मिनट पढ़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अलाउद्दीन के नाम है। इसके अलावा लगातार एक विषय पढ़ने का रिकॉर्ड भी अलाउद्दीन ने अपने नाम कर लिया। अलाउद्दीन ने इस बीच केवल जूलॉजी की किताब ही पढ़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के जज मनीष विश्नोई ने इसकी निगरानी की। सिंगल सीटिंग मैराथन रीडिंग अलाउड कैटेगरी के इस रिकॉर्ड में एक भी ब्रेक नहीं मिलता है। पढ़ते-पढ़ते ही पानी या ड्राई फ्रूट्स ले सकते थे लेकिन 30 सेकेंड से ज्यादा नहीं रुक सकते। अभी तक यह रिकॉर्ड लखीमपुर खीरी के यतीश चंद्र शुक्ला के नाम पर था। उन्होंने लगातार 24 घंटे पढ़कर यह रिकॉर्ड बनाया था।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के छात्र अलाउद्दीन ने हासिल की उपलब्धि
शिक्षक और पिता को मिला पहला प्रमाणपत्र
अलाउद्दीन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से 24 घंटे पांच मिनट पढ़ने का टास्क मिला था। लेकिन अलाउद्दीन ने 27 घंटे पांच मिनट तक पढ़ने का फैसला लिया था। इस बीच गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड की तरफ से आए जज मनीष विश्नोई ने अलाउद्दीन के रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र उनके शिक्षक डॉ. दिलीप गंगवार और उनके पिता को भेंट किया। वहीं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट के लिए अभी अलाउद्दीन को जजों की रिपोर्ट और वीडियो भेजना होगा।
जौनपुर से मेडिकल की तैयारी करने आए थे
अलाउद्दीन मूल रूप से जौनपुर के बदलापुर ब्लॉक के बाहरीपुर कला गांव के रहने वाले हैं। 2014 में 12वीं करने के बाद वह यहां मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने आए थे। डॉ. दिलीप गंगवार के यहां कोचिंग की। इसके बाद सीएसजेएमयू के बीएमएलटी पाठ्यक्रम में एडमिशन ले लिया। अभी अलाउद्दीन बीएमएलटी थर्ड ईयर में हैं।
अलाउद्दीन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से 24 घंटे पांच मिनट पढ़ने का टास्क मिला था। लेकिन अलाउद्दीन ने 27 घंटे पांच मिनट तक पढ़ने का फैसला लिया था। इस बीच गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड की तरफ से आए जज मनीष विश्नोई ने अलाउद्दीन के रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र उनके शिक्षक डॉ. दिलीप गंगवार और उनके पिता को भेंट किया। वहीं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट के लिए अभी अलाउद्दीन को जजों की रिपोर्ट और वीडियो भेजना होगा।
जौनपुर से मेडिकल की तैयारी करने आए थे
अलाउद्दीन मूल रूप से जौनपुर के बदलापुर ब्लॉक के बाहरीपुर कला गांव के रहने वाले हैं। 2014 में 12वीं करने के बाद वह यहां मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने आए थे। डॉ. दिलीप गंगवार के यहां कोचिंग की। इसके बाद सीएसजेएमयू के बीएमएलटी पाठ्यक्रम में एडमिशन ले लिया। अभी अलाउद्दीन बीएमएलटी थर्ड ईयर में हैं।
लखीमपुर खीरी के यतीश का लगातार 24 घंटे पढ़ने का रिकॉर्ड तोड़ा
विधायक के पीछे दौड़ते रहे पर नहीं मिली आर्थिक मदद
अलाउद्दीन के पिता मो. अकरम जौनपुर में खेती करते हैं। चार भाई और एक बहन हैं। बड़ा भाई मोहम्मद निजामुद्दीन और मोहम्मद जलालुद्दीन शेख नाई का काम करते हैं। तीसरा भाई सलाउद्दीन शेख आईटीआई करके नौकरी की तलाश में है। चौथे नंबर पर अलाउद्दीन हैं और इसके बाद सबसे छोटी इनकी बहन रोशनी बानो।
मां मदीना बेगम गृहिणी हैं। रिकॉर्ड बनने के बाद अलाउद्दीन की आंखें नम हो गईं। पिता, भाई और शिक्षक से गले लगकर रोने लगे। मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें इस रिकॉर्ड के लिए आर्थिक मदद की जरूरत थी। साल भर से इसके लिए शहर के एक विधायक के पीछे दौड़ते रहे। उनके लिए कई काम किए लेकिन विधायक ने उनकी मदद नहीं की।
अलाउद्दीन के पिता मो. अकरम जौनपुर में खेती करते हैं। चार भाई और एक बहन हैं। बड़ा भाई मोहम्मद निजामुद्दीन और मोहम्मद जलालुद्दीन शेख नाई का काम करते हैं। तीसरा भाई सलाउद्दीन शेख आईटीआई करके नौकरी की तलाश में है। चौथे नंबर पर अलाउद्दीन हैं और इसके बाद सबसे छोटी इनकी बहन रोशनी बानो।
मां मदीना बेगम गृहिणी हैं। रिकॉर्ड बनने के बाद अलाउद्दीन की आंखें नम हो गईं। पिता, भाई और शिक्षक से गले लगकर रोने लगे। मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें इस रिकॉर्ड के लिए आर्थिक मदद की जरूरत थी। साल भर से इसके लिए शहर के एक विधायक के पीछे दौड़ते रहे। उनके लिए कई काम किए लेकिन विधायक ने उनकी मदद नहीं की।
एक ही विषय पढ़ने का रिकॉर्ड भी बनाया, केवल जूलॉजी की किताब ही पढ़ी
कुलपति कार्यालय से भी नहीं मिली मदद
विधायक से सहायता न मिलने के बाद अलाउद्दीन सीएसजेएमयू की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता से भी मदद मांगने पहुंचे। लेकिन उनके पीए ने उनका मजाक बनाकर बाहर से ही भगा दिया। कुलपति ने बताया कि वह हमेशा छात्रों की बात सुनती हैं। वह इस मामले में जानकारी हासिल करेंगी। हालांकि इस बीच डॉ. दिलीप गंगवार ने उनकी पूरी मदद की और रजिस्ट्रेशन फीस से लेकर अन्य खर्च तक वहन किया।
अब तीन नए रिकॉर्ड बनाने की ओर
अलाउद्दीन ने बताया कि अब वह तीन नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें पहला लांगेस्ट मैराथन लेक्चर का है। इसके लिए उन्हें लगातार 134 घंटे लेक्चर देना होगा। एक घंटे में दो से पांच मिनट का अंतराल मिलेगा। इसके बाद लांगेस्ट रीडिंग अलाउड। इसमें 114 घंटे बोलकर पढ़ना होगा। तीसरा बिना देखे स्पीच देने का रिकॉर्ड है। इसमें भी 24 घंटे का रिकॉर्ड अभी तक है।
विधायक से सहायता न मिलने के बाद अलाउद्दीन सीएसजेएमयू की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता से भी मदद मांगने पहुंचे। लेकिन उनके पीए ने उनका मजाक बनाकर बाहर से ही भगा दिया। कुलपति ने बताया कि वह हमेशा छात्रों की बात सुनती हैं। वह इस मामले में जानकारी हासिल करेंगी। हालांकि इस बीच डॉ. दिलीप गंगवार ने उनकी पूरी मदद की और रजिस्ट्रेशन फीस से लेकर अन्य खर्च तक वहन किया।
अब तीन नए रिकॉर्ड बनाने की ओर
अलाउद्दीन ने बताया कि अब वह तीन नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें पहला लांगेस्ट मैराथन लेक्चर का है। इसके लिए उन्हें लगातार 134 घंटे लेक्चर देना होगा। एक घंटे में दो से पांच मिनट का अंतराल मिलेगा। इसके बाद लांगेस्ट रीडिंग अलाउड। इसमें 114 घंटे बोलकर पढ़ना होगा। तीसरा बिना देखे स्पीच देने का रिकॉर्ड है। इसमें भी 24 घंटे का रिकॉर्ड अभी तक है।