Kanpur: निमोनिया से दो की मौत, गंभीर रोगी वेंटिलेटर पर, वायरल संक्रमण के बाद पुराने रोगियों को हो रही जटिलताएं
उर्सला के सीएमएस और आईसीयू प्रभारी डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों को वायरल संक्रमण के बाद अधिक दिक्कत हो रही है। उन्हें निमोनिया हो जाता है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि वायरल संक्रमण सांस तंत्र के ऊपरी हिस्से में फैल जा रहा है।
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मौसम के बदलाव के साथ वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ज्यादातर रोगियों के जुकाम, खांसी, बुखार के साथ गला खराब है। उम्रदराज और पुराने रोगियों के वायरल संक्रमण होने के बाद फेफड़ों में निमोनिया हो जा रहा है। रविवार को दो रोगियों की निमोनिया से मौत हो गई। एक ने उर्सला के आईसीयू में दम तोड़ा वहीं, दूसरे रोगी की मौत कल्याणपुर से हैलट लाते वक्त रास्ते में हुई।
वायरल संक्रमण के बाद सांस में दिक्कत होने पर पांच रोगियों को हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इनमें से चार को वेंटिलेटर पर रखा गया। इसके अलावा उर्सला के आईसीयू में सांस के तीन रोगी भर्ती किए गए हैं। इसके अलावा उर्सला में सांस के दिक्कत वाले छह रोगी वार्ड एनबी-1 और दो रोगी एनबी-2 में भर्ती हैं। इनमें छह रोगी सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) रोग के हैं।
उर्सला के सीएमएस और आईसीयू प्रभारी डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों को वायरल संक्रमण के बाद अधिक दिक्कत हो रही है। उन्हें निमोनिया हो जाता है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि वायरल संक्रमण सांस तंत्र के ऊपरी हिस्से में फैल जा रहा है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि अभी इंफ्लुइंजा ए की किसी अस्पताल ने पुष्टि नहीं की है। लोगों से अपील है कि मास्क लगाकर निकलें। अभी मौसमी वायरल संक्रमण के रोगी अस्पतालों में आ रहे हैं।